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Lakhimpur Kheri News: बारिश आई और बिजली गई, सिस्टम फिर फेल
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 20 Mar 2026 11:23 PM IST
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कफारा गांव में गिरी गेहूं की अधपकी फसल- संवाद
- फोटो : 1
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लखीमपुर खीरी। जिले में शुक्रवार को मौसम बदलते ही बिजली व्यवस्था फिर बेपटरी हो गई। बारिश और तेज हवा के चलते शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बृहस्पतिवार शाम से शुरू हुए मौसम परिवर्तन के बाद शुक्रवार को हल्की बारिश और तेज हवा ने बिजली व्यवस्था की पोल खोल दी। शहर के बहादुरनगर, महाराजनगर, गोटैयाबाग, खीरी रोड और आवास विकास क्षेत्रों में एक से डेढ़ घंटे तक बिजली गुल रही। गढ़ी पावर हाउस क्षेत्र में हालात सबसे ज्यादा खराब रहे, जहां शास्त्रीनगर, कपूरथला और मेला मैदान इलाके में दो से तीन घंटे तक आपूर्ति बाधित रही।
महेवागंज में छाउछ ट्रांसमिशन से जुड़े गढ़ी उपकेंद्र की 33 हजार लाइन में फाल्ट आने से ब्रेकडाउन हो गया। इससे छह फीडरों की आपूर्ति ठप हो गई और संकटा देवी, प्रकाश नगर, शिवपुरी, द्वारिका पूरी, सेठघाट, मंझरा, फत्तेपुर सहित दर्जनों मोहल्ले अंधेरे में डूबे रहे। बारिश के कारण पेट्रोलिंग में भी दिक्कतें आईं।
बांकेगंज क्षेत्र में भी 33 केवी मेनलाइन में फाल्ट आने से आपूर्ति बाधित रही। लोगों को घंटों बिजली का इंतजार करना पड़ा। बिझौली क्षेत्र में गोला से संचालित अलीगंज फीडर पर हल्की बारिश के साथ ही बिजली गुल हो गई। शुक्रवार सुबह से ठप आपूर्ति देर शाम तक बहाल नहीं हो सकी, जिससे जमुनहा रमुआपुर, सौठन, जलालपुर, रजागंज, धनिगवा, अमकोटवा, बहेरवा, बिझौली, केशवापुर, ढोगवा, बरगदिया सहित करीब 50 गांवों के उपभोक्ता प्रभावित रहे।
वहीं, उचौलिया में बारिश के चलते कस्बे समेत पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप रही। करीब 15 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप होने से उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़नी पड़ी। बिजली न होने से गैस की किल्लत के बीच रसोई का सहारा बने इंडक्शन चूल्हे भी ठंडे हो गए।
बारिश के साथ हर बार बिजली व्यवस्था के चरमराने से लोगों में नाराजगी है। उपभोक्ताओं का कहना है कि हल्की बारिश में भी बार-बार बिजली गुल होना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
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बारिश के चलते कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी, लेकिन कर्मचारियों को लगाकर फॉल्ट दुरुस्त करा दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां दिक्कत है, उसे भी जल्द ठीक कराया जा रहा है।
-ब्रह्मपाल, अधीक्षण अभियंता
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फसलों पर भी पड़ी मौसम की मार
धौरहरा/केशवापुर/बिझौली। बारिश और तेज हवाओं का असर खेतों पर भी देखने को मिला है। धौरहरा के कफारा, अभयपुर, होलागढ़ सहित कई गांवों में गेहूं की फसल गिर गई, जबकि मसूर को भी नुकसान पहुंचा है। किसान रमाशंकर शुक्ला, प्रीतम शुक्ला, नरेंद्र वर्मा ने मुआवजे की मांग की है। एसडीएम शशिकांत मणि ने बताया कि सर्वे कराया जाएगा।
केशवापुर क्षेत्र में ओलावृष्टि से सरसों, गेहूं, जौं, चना, मसूर और टमाटर की फसल प्रभावित होने की आशंका है। आम के बौर को भी नुकसान पहुंचा है। किसान रमेश चंद्र, विनोद कुमार, कृष्ण स्वरूप गुड्डू ने बताया कि गन्ना बोआई की तैयारी भी प्रभावित हुई है। शेरपुर के किसान रितेश, महेंद्र प्रकाश और अतुल शुक्ला की पकी सरसों की फसल ओलों से खराब हो गई।
बांकेगंज क्षेत्र में भी तेज हवाओं के चलते गेहूं, लाही और आलू की फसल प्रभावित हुई है। संवाद
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-- गिरी फसलों को आंशिक नुकसान संभव-- -
जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में हुई बारिश बहुत ज्यादा नहीं है, इसलिए व्यापक नुकसान की संभावना कम है। हालांकि जो फसलें जमीन पर गिर गई हैं, उन्हें आंशिक क्षति हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि बारिश अधिक होती तो नुकसान बढ़ सकता था, लेकिन फिलहाल विभाग को किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
-- -बीमा कराने वाले किसान ध्यान दें-- --
जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत गेहूं, सरसों आदि फसलों का बीमा कराया है और उन्हें नुकसान का अंदेशा है, वे 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर सूचना दर्ज कराएं। सर्वे में नुकसान की पुष्टि होने पर यूनिवर्सल सोमपो जनरल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा क्लेम दिया जाएगा।
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बृहस्पतिवार शाम से शुरू हुए मौसम परिवर्तन के बाद शुक्रवार को हल्की बारिश और तेज हवा ने बिजली व्यवस्था की पोल खोल दी। शहर के बहादुरनगर, महाराजनगर, गोटैयाबाग, खीरी रोड और आवास विकास क्षेत्रों में एक से डेढ़ घंटे तक बिजली गुल रही। गढ़ी पावर हाउस क्षेत्र में हालात सबसे ज्यादा खराब रहे, जहां शास्त्रीनगर, कपूरथला और मेला मैदान इलाके में दो से तीन घंटे तक आपूर्ति बाधित रही।
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महेवागंज में छाउछ ट्रांसमिशन से जुड़े गढ़ी उपकेंद्र की 33 हजार लाइन में फाल्ट आने से ब्रेकडाउन हो गया। इससे छह फीडरों की आपूर्ति ठप हो गई और संकटा देवी, प्रकाश नगर, शिवपुरी, द्वारिका पूरी, सेठघाट, मंझरा, फत्तेपुर सहित दर्जनों मोहल्ले अंधेरे में डूबे रहे। बारिश के कारण पेट्रोलिंग में भी दिक्कतें आईं।
बांकेगंज क्षेत्र में भी 33 केवी मेनलाइन में फाल्ट आने से आपूर्ति बाधित रही। लोगों को घंटों बिजली का इंतजार करना पड़ा। बिझौली क्षेत्र में गोला से संचालित अलीगंज फीडर पर हल्की बारिश के साथ ही बिजली गुल हो गई। शुक्रवार सुबह से ठप आपूर्ति देर शाम तक बहाल नहीं हो सकी, जिससे जमुनहा रमुआपुर, सौठन, जलालपुर, रजागंज, धनिगवा, अमकोटवा, बहेरवा, बिझौली, केशवापुर, ढोगवा, बरगदिया सहित करीब 50 गांवों के उपभोक्ता प्रभावित रहे।
वहीं, उचौलिया में बारिश के चलते कस्बे समेत पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप रही। करीब 15 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप होने से उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़नी पड़ी। बिजली न होने से गैस की किल्लत के बीच रसोई का सहारा बने इंडक्शन चूल्हे भी ठंडे हो गए।
बारिश के साथ हर बार बिजली व्यवस्था के चरमराने से लोगों में नाराजगी है। उपभोक्ताओं का कहना है कि हल्की बारिश में भी बार-बार बिजली गुल होना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
बारिश के चलते कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी, लेकिन कर्मचारियों को लगाकर फॉल्ट दुरुस्त करा दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां दिक्कत है, उसे भी जल्द ठीक कराया जा रहा है।
-ब्रह्मपाल, अधीक्षण अभियंता
फसलों पर भी पड़ी मौसम की मार
धौरहरा/केशवापुर/बिझौली। बारिश और तेज हवाओं का असर खेतों पर भी देखने को मिला है। धौरहरा के कफारा, अभयपुर, होलागढ़ सहित कई गांवों में गेहूं की फसल गिर गई, जबकि मसूर को भी नुकसान पहुंचा है। किसान रमाशंकर शुक्ला, प्रीतम शुक्ला, नरेंद्र वर्मा ने मुआवजे की मांग की है। एसडीएम शशिकांत मणि ने बताया कि सर्वे कराया जाएगा।
केशवापुर क्षेत्र में ओलावृष्टि से सरसों, गेहूं, जौं, चना, मसूर और टमाटर की फसल प्रभावित होने की आशंका है। आम के बौर को भी नुकसान पहुंचा है। किसान रमेश चंद्र, विनोद कुमार, कृष्ण स्वरूप गुड्डू ने बताया कि गन्ना बोआई की तैयारी भी प्रभावित हुई है। शेरपुर के किसान रितेश, महेंद्र प्रकाश और अतुल शुक्ला की पकी सरसों की फसल ओलों से खराब हो गई।
बांकेगंज क्षेत्र में भी तेज हवाओं के चलते गेहूं, लाही और आलू की फसल प्रभावित हुई है। संवाद
जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में हुई बारिश बहुत ज्यादा नहीं है, इसलिए व्यापक नुकसान की संभावना कम है। हालांकि जो फसलें जमीन पर गिर गई हैं, उन्हें आंशिक क्षति हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि बारिश अधिक होती तो नुकसान बढ़ सकता था, लेकिन फिलहाल विभाग को किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत गेहूं, सरसों आदि फसलों का बीमा कराया है और उन्हें नुकसान का अंदेशा है, वे 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर सूचना दर्ज कराएं। सर्वे में नुकसान की पुष्टि होने पर यूनिवर्सल सोमपो जनरल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा क्लेम दिया जाएगा।

कफारा गांव में गिरी गेहूं की अधपकी फसल- संवाद- फोटो : 1

कफारा गांव में गिरी गेहूं की अधपकी फसल- संवाद- फोटो : 1