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Lakhimpur Kheri News: दो परिवारों के सहारे उजड़ गए, रोजी-रोटी का संकट
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 09 Feb 2026 12:04 AM IST
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अक्षय कुमार। फाइल फोटो
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बिजुआ। शनिवार देर शाम लखीमपुर–भीरा हाईवे पर अज्ञात वाहन की टक्कर से 55 वर्षीय गया प्रसाद और 28 वर्षीय अक्षयलाल की मौत से पूरे गांव में मातमी सन्नाटा छा गया। पोस्टमाॅर्टम के बाद दोनों के शव गांव पहुंचे तो परिवारों में कोहराम मच गया।
दुर्घटना में मरने वाले दोनों लोग मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी मौत के साथ ही परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, अक्षयलाल के परिवार में पत्नी आरती देवी (25), 10 वर्षीय पुत्र विमल और 8 वर्षीय पुत्र कमलजीत हैं। इनके अलावा 18 वर्षीय छोटा भाई क्षत्रपाल, 14 वर्षीय बहन पंक्षी देवी और मां मायादेवी भी हैं। परिवार की सारी जिम्मेदारी अक्षयलाल के कंधों पर थी। बहन और भाई की शादी की चिंता के साथ मां, पत्नी और बच्चों का पेट भरना उसकी जिम्मेदारी थी। परिवार के भरण-पोषण का कोई अन्य साधन न होने के कारण अक्षयलाल मजदूरी करता था।
मृतक गया प्रसाद के दो पुत्र सुशील और सचिन तथा चार पुत्रियां हैं। बेटियों की शादी हो चुकी है। गया प्रसाद की 50 वर्षीय पत्नी महदेई हैं। वे भी पारिवारिक जिम्मेदारियों के लिए मजदूरी करते थे।
दोनों मृतक शनिवार की रात क्रसर पर ड्यूटी करने जाते समय वाहन की टक्कर का शिकार हुए। उनकी मौत से परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। हादसे के समय बहुत ही घना कोहरा था और नब्बूपुरवा मोड़ पर कोई संकेतक नहीं लगे थे। बाहर से आने वाली गाड़ियों को मोड़ का अंदाजा नहीं हो पाता। यही वजह है कि इस जगह पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। भीरा एसओ रोहित दुबे ने परिजनों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है।
देवरिया रड़ा निवासी अभिषेक पुष्कर, बेलवा मलूकापुर के प्रधान विनीत कुमार, तिखड़ा के प्रधान आशीष कुमार गौतम समेत अन्य लोगों ने नब्बूपुरवा मोड़ पर संकेतक लगवाने की मांग की है।
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दुर्घटना में मरने वाले दोनों लोग मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी मौत के साथ ही परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, अक्षयलाल के परिवार में पत्नी आरती देवी (25), 10 वर्षीय पुत्र विमल और 8 वर्षीय पुत्र कमलजीत हैं। इनके अलावा 18 वर्षीय छोटा भाई क्षत्रपाल, 14 वर्षीय बहन पंक्षी देवी और मां मायादेवी भी हैं। परिवार की सारी जिम्मेदारी अक्षयलाल के कंधों पर थी। बहन और भाई की शादी की चिंता के साथ मां, पत्नी और बच्चों का पेट भरना उसकी जिम्मेदारी थी। परिवार के भरण-पोषण का कोई अन्य साधन न होने के कारण अक्षयलाल मजदूरी करता था।
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मृतक गया प्रसाद के दो पुत्र सुशील और सचिन तथा चार पुत्रियां हैं। बेटियों की शादी हो चुकी है। गया प्रसाद की 50 वर्षीय पत्नी महदेई हैं। वे भी पारिवारिक जिम्मेदारियों के लिए मजदूरी करते थे।
दोनों मृतक शनिवार की रात क्रसर पर ड्यूटी करने जाते समय वाहन की टक्कर का शिकार हुए। उनकी मौत से परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। हादसे के समय बहुत ही घना कोहरा था और नब्बूपुरवा मोड़ पर कोई संकेतक नहीं लगे थे। बाहर से आने वाली गाड़ियों को मोड़ का अंदाजा नहीं हो पाता। यही वजह है कि इस जगह पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। भीरा एसओ रोहित दुबे ने परिजनों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है।
देवरिया रड़ा निवासी अभिषेक पुष्कर, बेलवा मलूकापुर के प्रधान विनीत कुमार, तिखड़ा के प्रधान आशीष कुमार गौतम समेत अन्य लोगों ने नब्बूपुरवा मोड़ पर संकेतक लगवाने की मांग की है।

अक्षय कुमार। फाइल फोटो