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Lakhimpur Kheri News: तीन सगे भाइयों को सात साल का कारावास
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 28 Jan 2026 11:05 PM IST
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लखीमपुर खीरी। विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में एडीजे भूलेराम ने आरोपी पति और उसके दो भाइयों को दोषी करार दिया है। अदालत ने तीनों को सात-सात साल के कठोर कारावास और दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई।
अभियोजन का पक्ष रखते हुए एडीजीसी ने बताया कि मैगलगंज थाना क्षेत्र के ग्राम कपासी निवासी कामता प्रसाद ने अपनी लड़की सुनीता की शादी मैलानी थाना क्षेत्र के कोठीपुर निवासी मनोज कुमार के साथ की थी। लंबे समय के बाद भी सुनीता के कोई बच्चा नहीं हुआ तो सुसराल के लोगों ने उसका उत्पीड़न करने लगे। कई बार सुलह पंचायत के बाद भी बात नहीं बन सकी। 27/28 अगस्त, 2015 की रात सुनीता की चीख-पुकार सुनी गई और सुबह फंदे से लटकती हुई सुनीता की लाश मिली थी। उसके शरीर पर चोटों के कई निशान थे। अदालत में सुनवाई के दौरान सुनीता के पिता कामता प्रसाद ने बताया कि उनके दामाद मनोज कुमार ने अपने भाई राजेंद्र और कुलदीप उर्फ़ दीपू की मदद से सुनीता के साथ मारपीट करते हुए उत्पीड़न करते थे।
इसी कारण सुनीता ने फंदा लगाकर अपनी जान दे दिया था। अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए आरोपी तीनों सगे भाइयों को दोषी करार दिया है, जिन्हें सात साल के कठोर कारावास और दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भरने की सज़ा सुनाई है। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि वसूल किए गए जुर्माना की रकम से 75 प्रतिशत रकम पीड़ित परिवार को मुआवजा के रूप में अदा किया जाएगा।
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अभियोजन का पक्ष रखते हुए एडीजीसी ने बताया कि मैगलगंज थाना क्षेत्र के ग्राम कपासी निवासी कामता प्रसाद ने अपनी लड़की सुनीता की शादी मैलानी थाना क्षेत्र के कोठीपुर निवासी मनोज कुमार के साथ की थी। लंबे समय के बाद भी सुनीता के कोई बच्चा नहीं हुआ तो सुसराल के लोगों ने उसका उत्पीड़न करने लगे। कई बार सुलह पंचायत के बाद भी बात नहीं बन सकी। 27/28 अगस्त, 2015 की रात सुनीता की चीख-पुकार सुनी गई और सुबह फंदे से लटकती हुई सुनीता की लाश मिली थी। उसके शरीर पर चोटों के कई निशान थे। अदालत में सुनवाई के दौरान सुनीता के पिता कामता प्रसाद ने बताया कि उनके दामाद मनोज कुमार ने अपने भाई राजेंद्र और कुलदीप उर्फ़ दीपू की मदद से सुनीता के साथ मारपीट करते हुए उत्पीड़न करते थे।
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इसी कारण सुनीता ने फंदा लगाकर अपनी जान दे दिया था। अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए आरोपी तीनों सगे भाइयों को दोषी करार दिया है, जिन्हें सात साल के कठोर कारावास और दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भरने की सज़ा सुनाई है। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि वसूल किए गए जुर्माना की रकम से 75 प्रतिशत रकम पीड़ित परिवार को मुआवजा के रूप में अदा किया जाएगा।
