UP: पत्नी ने प्रेमी और उसके दोस्त से करवाई पति की हत्या, वेलेंटाइन डे पर रची थी साजिश, अप्रैल में दिया अंजाम
लखीमपुर खीरी के मितौली थाना क्षेत्र में 16 अप्रैल को हुई गणेश त्रिपाठी की हत्या उसकी पत्नी संध्या ने कराई थी। पुलिस ने मंगलवार को घटना का खुलासा कर दिया। पुलिस ने मृतक की पत्नी संध्या त्रिपाठी और उसके प्रेमी पुरुषोत्तम सहित एक सहयोगी को गिरफ्तार किया है।
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लखीमपुर खीरी के मितौली थाना क्षेत्र के गांव निमचेनी में 16 अप्रैल को गोली मारकर हुई गणेश त्रिपाठी की हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने घटना की मास्टरमाइंड मृतक की पत्नी संध्या त्रिपाठी और उसके प्रेमी पुरुषोत्तम व उसके सहयोगी प्रवेश कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से घटना में प्रयुक्त मोबाइल व तमंचा भी बरामद किया गया है।
सीओ मितौली यदुवेंद्र ने बताया कि संध्या त्रिपाठी ने अपने प्रेमी पुरुषोत्तम वाजपेयी व उसके सहयोगी प्रवेश कुमार के साथ मिलकर अपने पति गणेश त्रिपाठी की हत्या करवाई थी। संध्या का मायका हरदोई जिले के मंझिला थाना क्षेत्र के गांव कर्मा में है। पास के गांव पारा के रहने वाले पुरुषोत्तम से उसका लंबे समय से प्रेम संबंध था।
शादी के बाद भी दोनों का मिलना-जुलना जारी रहा। पति गणेश उनके रिश्ते में बाधा बन रहा था। उसको रास्ते से हटाने के लिए दोनों ने साजिश रची। पुरुषोत्तम ने अपने साथी प्रवेश के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई और बीते 16 अप्रैल को जब गणेश सरसों पेराई करवाकर अपने घर निमचेना वापस आ रहा था, तभी रास्ते में निमचेनी गांव के पास मौका पाकर गणेश की गोली मारकर हत्या कर दी।
डबल मर्डर में जेल जा चुका है पुरुषोत्तम
वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों भाग गए। इसे लूट के बाद हत्या दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस की जांच में साजिश की परतें खुलती चली गईं। आरोपियों की निशानदेही पर घटना से जुड़े अहम साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं। सीओ ने बताया कि मुख्य आरोपी पुरुषोत्तम पहले भी डबल मर्डर केस के मामले में जेल जा चुका है, वहीं प्रवेश कुमार दहेज हत्या के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
वैलेंटाइन डे पर रची थी हत्या की साजिश
पुलिस ने बताया कि गणेश त्रिपाठी अपने आठ वर्षीय बेटे नैमिष व पत्नी संध्या के साथ जयपुर राजस्थान में रहकर प्राइवेट नौकरी करता था। पुरुषोत्तम एक प्रतिष्ठित कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत था। वह 14 फरवरी को संध्या से जयपुर के किसी एक होटल में मिला था। जहां गणेश को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। फिर वह अप्रैल माह के शुरुआत में जयपुर गया। उसने एक नया मोबाइल व नया सिम दिया। जिससे दोनों बातें करते थे। बताते हैं घटना वाले दिन दोनों के बीच व्हाट्सएप कॉल पर बातें हुईं। पत्नी संध्या अपने पति से भी व्हाट्सएप कॉल कर लोकेशन लेती रही थी।
गणेश त्रिपाठी के साथ पत्नी ने की बेवफाई
गणेश और संध्या की शादी करीब 10 वर्ष पहले हुई थी। गणेश अपनी पत्नी से काफी प्रेम करता था। उसके नाम मितौली में करीब पांच लाख रुपये के एक प्लाट की रजिस्ट्री करवाने के लिए जयपुर से 15 अप्रैल को आया था। 17 अप्रैल को रजिस्ट्री की डेट तय थी, लेकिन 16 अप्रैल को ही उसकी हत्या कर दी गई। गणेश का आठ वर्षीय पुत्र नैमिष इस समय संध्या के मायके में है।
