{"_id":"69a71c60e1508d33130b8ce4","slug":"after-23-hours-the-family-arrived-and-enquired-about-the-sons-well-being-lalitpur-news-c-131-1-ltp1005-152579-2026-03-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: 23 घंटे बाद परिजन पहुंचे, बेटे का लिया हालचाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: 23 घंटे बाद परिजन पहुंचे, बेटे का लिया हालचाल
विज्ञापन
विज्ञापन
फुट ओवरब्रिज से लटककर रेल पटरियों पर लगाई थी छलांग
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। रेलवे स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज से रेल पटरियों पर कूदकर घायल हुए बेटे की जानकारी मिलने पर परिजन 23 घंटे बाद मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घायल बेटे का हाल चाल लिया।
नर्मदापुरम निवासी अमित रजक सोमवार की देर शाम को ललितपुर स्टेशन पर पहुंचा था, जहां वह देर शाम लगभग सात बजे एस्केलेटर वाले मध्य के फुट ओवरब्रिज पर चढ़कर रेल पटरियों की ओर लटककर कूदने का प्रयास करने लगा। यह देख वहां मौजूद लोगों ने उसे काफी देर तक समझाने बुझाने का प्रयास किया था। जानकारी मिलने पर आरपीएफ भी मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन वह नहीं माना और फुट ओवरब्रिज से उसने रेल पटरियों पर छलांग लगा दी, जिससे वह ओएचई लाइन के तारों में फंसते हुए रेल पटरियों पर जा गिरा था, जिससे उसके हाथ व कमर में चोट आई थी।
हालांकि आरपीएफ ने पहले ही रेल अफसरों को जानकारी देकर ओएचई लाइन को बंद करा दिया था, जिससे उसकी जान बच गई। इसके बाद आरपीएफ ने उसे मेडिकल कॉलेज ले जाकर उपचार कराया और उसके परिजनों को मोबाइल पर सूचना दी थी। इसके बाद भी परिजन मंगलवार की देर शाम को पौने सात बजे पठानकोट एक्सप्रेस से पहुंचे और आरपीएफ से संपर्क कर मेडिकल कॉलेज में भर्ती बेटे का हाल चाल जाना। फिलहाल अब उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है और उसका उपचार चल रहा है।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। रेलवे स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज से रेल पटरियों पर कूदकर घायल हुए बेटे की जानकारी मिलने पर परिजन 23 घंटे बाद मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घायल बेटे का हाल चाल लिया।
नर्मदापुरम निवासी अमित रजक सोमवार की देर शाम को ललितपुर स्टेशन पर पहुंचा था, जहां वह देर शाम लगभग सात बजे एस्केलेटर वाले मध्य के फुट ओवरब्रिज पर चढ़कर रेल पटरियों की ओर लटककर कूदने का प्रयास करने लगा। यह देख वहां मौजूद लोगों ने उसे काफी देर तक समझाने बुझाने का प्रयास किया था। जानकारी मिलने पर आरपीएफ भी मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन वह नहीं माना और फुट ओवरब्रिज से उसने रेल पटरियों पर छलांग लगा दी, जिससे वह ओएचई लाइन के तारों में फंसते हुए रेल पटरियों पर जा गिरा था, जिससे उसके हाथ व कमर में चोट आई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
हालांकि आरपीएफ ने पहले ही रेल अफसरों को जानकारी देकर ओएचई लाइन को बंद करा दिया था, जिससे उसकी जान बच गई। इसके बाद आरपीएफ ने उसे मेडिकल कॉलेज ले जाकर उपचार कराया और उसके परिजनों को मोबाइल पर सूचना दी थी। इसके बाद भी परिजन मंगलवार की देर शाम को पौने सात बजे पठानकोट एक्सप्रेस से पहुंचे और आरपीएफ से संपर्क कर मेडिकल कॉलेज में भर्ती बेटे का हाल चाल जाना। फिलहाल अब उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है और उसका उपचार चल रहा है।
