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Lalitpur News: बिना नवीनीकरण के चल रहे कोचिंग सेंटर, विद्यार्थियों की सुरक्षा पर सवाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हुए अग्निकांड के बाद जिले में कोचिंग सेंटरों की स्थिति चिंताजनक नजर आ रही है। शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। जिले में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं, लेकिन अधिकांश का पंजीकरण नवीनीकृत नहीं है। ऐसे में विद्यार्थियों की सुरक्षा और संस्थानों में मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जनपद में करीब एक सैकड़ा कोचिंग संस्थान संचालित होने का अनुमान है, लेकिन विभागीय अभिलेखों में इनकी स्थिति स्पष्ट नहीं है। पिछले चार वर्षों में एक के बाद एक कोचिंग संस्थानों की पंजीकरण वैधता समाप्त होती गई, लेकिन नवीनीकरण नहीं कराया गया। वर्तमान में महरौनी का एकमात्र पंजीकृत कोचिंग संस्थान बचा है, जिसकी वैधता भी बुधवार को समाप्त हो जाएगी। इसके बाद जिले में कोई भी कोचिंग संस्थान वैध पंजीकरण के दायरे में नहीं रहेगा।
आरोप है कि अधिकांश कोचिंग संस्थान बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं। इससे जहां सरकारी राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं विद्यार्थियों की सुरक्षा भी दांव पर लगी हुई है। कई संस्थान संकरी गलियों और बहुमंजिला भवनों में संचालित हैं। कुछ स्थानों पर निकासी के लिए केवल एक ही रास्ता है। आगजनी या अन्य आपदा की स्थिति में यह स्थिति गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
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चार वर्षों में लगातार घटती गई पंजीकृत कोचिंगों की संख्या
वर्ष
वैधता समाप्त होने वाले कोचिंग संस्थान
2023
06
2024
24
2025
26
2026 (अब तक)
09
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नवीनीकरण और नए पंजीकरण के आवेदन लंबित
नवीनीकरण के लिए प्राप्त आवेदन : 14
नए पंजीकरण के आवेदन : 07
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कोचिंग पंजीकरण के लिए जरूरी मानक
अग्निशमन विभाग की एनओसी
आपातकालीन निकास व्यवस्था
सुरक्षित विद्युत प्रणाली
पर्याप्त चौड़ाई वाली सीढ़ियां
सीसीटीवी कैमरे
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ऐसे होता है कोचिंग संस्थान का पंजीकरण
कोचिंग संस्थान संचालकों को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में आवेदन करना होता है। आवेदन के साथ भवन संबंधी दस्तावेज, किरायानामा अथवा स्वामित्व अभिलेख, आधार कार्ड, पैन कार्ड, छात्र संख्या का विवरण और अग्निशमन विभाग की एनओसी समेत अन्य दस्तावेज जमा किए जाते हैं। मानकों की जांच के बाद ही पंजीकरण जारी किया जाता है।
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छात्र संख्या के आधार पर तय होता है शुल्क
कोचिंग संस्थानों से छात्र संख्या के आधार पर पंजीकरण शुल्क लिया जाता है। निर्धारित दर के अनुसार प्रति छात्र 100 रुपये शुल्क जमा करना होता है।
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अफसरों को भी नहीं थी सही जानकारी
लखनऊ की घटना के बाद कोचिंग संस्थानों की स्थिति जानने पर विभागीय अधिकारियों के पास भी स्पष्ट आंकड़े नहीं मिले। पहले 74 और बाद में 15 पंजीकृत कोचिंग संस्थान बताए गए, लेकिन अभिलेखों की जांच में पता चला कि वर्तमान में कोई भी कोचिंग संस्थान वैध पंजीकरण की स्थिति में नहीं है। इससे विभागीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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कोचिंग संस्थानों की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा जाएगा। साथ ही जांच समिति गठित किए जाने की मांग भी की जाएगी।
— ओमप्रकाश, डीआईओएस
ललितपुर। लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हुए अग्निकांड के बाद जिले में कोचिंग सेंटरों की स्थिति चिंताजनक नजर आ रही है। शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। जिले में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं, लेकिन अधिकांश का पंजीकरण नवीनीकृत नहीं है। ऐसे में विद्यार्थियों की सुरक्षा और संस्थानों में मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जनपद में करीब एक सैकड़ा कोचिंग संस्थान संचालित होने का अनुमान है, लेकिन विभागीय अभिलेखों में इनकी स्थिति स्पष्ट नहीं है। पिछले चार वर्षों में एक के बाद एक कोचिंग संस्थानों की पंजीकरण वैधता समाप्त होती गई, लेकिन नवीनीकरण नहीं कराया गया। वर्तमान में महरौनी का एकमात्र पंजीकृत कोचिंग संस्थान बचा है, जिसकी वैधता भी बुधवार को समाप्त हो जाएगी। इसके बाद जिले में कोई भी कोचिंग संस्थान वैध पंजीकरण के दायरे में नहीं रहेगा।
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आरोप है कि अधिकांश कोचिंग संस्थान बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं। इससे जहां सरकारी राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं विद्यार्थियों की सुरक्षा भी दांव पर लगी हुई है। कई संस्थान संकरी गलियों और बहुमंजिला भवनों में संचालित हैं। कुछ स्थानों पर निकासी के लिए केवल एक ही रास्ता है। आगजनी या अन्य आपदा की स्थिति में यह स्थिति गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
चार वर्षों में लगातार घटती गई पंजीकृत कोचिंगों की संख्या
वर्ष
वैधता समाप्त होने वाले कोचिंग संस्थान
2023
06
2024
24
2025
26
2026 (अब तक)
09
नवीनीकरण और नए पंजीकरण के आवेदन लंबित
नवीनीकरण के लिए प्राप्त आवेदन : 14
नए पंजीकरण के आवेदन : 07
कोचिंग पंजीकरण के लिए जरूरी मानक
अग्निशमन विभाग की एनओसी
आपातकालीन निकास व्यवस्था
सुरक्षित विद्युत प्रणाली
पर्याप्त चौड़ाई वाली सीढ़ियां
सीसीटीवी कैमरे
ऐसे होता है कोचिंग संस्थान का पंजीकरण
कोचिंग संस्थान संचालकों को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में आवेदन करना होता है। आवेदन के साथ भवन संबंधी दस्तावेज, किरायानामा अथवा स्वामित्व अभिलेख, आधार कार्ड, पैन कार्ड, छात्र संख्या का विवरण और अग्निशमन विभाग की एनओसी समेत अन्य दस्तावेज जमा किए जाते हैं। मानकों की जांच के बाद ही पंजीकरण जारी किया जाता है।
छात्र संख्या के आधार पर तय होता है शुल्क
कोचिंग संस्थानों से छात्र संख्या के आधार पर पंजीकरण शुल्क लिया जाता है। निर्धारित दर के अनुसार प्रति छात्र 100 रुपये शुल्क जमा करना होता है।
अफसरों को भी नहीं थी सही जानकारी
लखनऊ की घटना के बाद कोचिंग संस्थानों की स्थिति जानने पर विभागीय अधिकारियों के पास भी स्पष्ट आंकड़े नहीं मिले। पहले 74 और बाद में 15 पंजीकृत कोचिंग संस्थान बताए गए, लेकिन अभिलेखों की जांच में पता चला कि वर्तमान में कोई भी कोचिंग संस्थान वैध पंजीकरण की स्थिति में नहीं है। इससे विभागीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कोचिंग संस्थानों की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा जाएगा। साथ ही जांच समिति गठित किए जाने की मांग भी की जाएगी।
— ओमप्रकाश, डीआईओएस