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Lalitpur News: फर्जी प्रमाणपत्रों की आंच ललितपुर तक, आज होगी पत्रावलियों की जांच
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दिव्यांग प्रमाणपत्र प्रकरण में छुट्टी के कारण स्वास्थ्य विभाग नहीं तलाश पाया रिकाॅर्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र प्रकरण से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
बड़ा सवाल, ललितपुर में कितने फर्जी प्रमाणपत्र बने?
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। लखनऊ एसटीएफ की जांच में जनपद का नाम सामने आने के बाद फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र प्रकरण ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरे दिन महकमे में इस मामले को लेकर चर्चा और हलचल बनी रही।
जानकारी के अनुसार, लखनऊ में उजागर हुए फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र मामले में एक प्रमाणपत्र ललितपुर मुख्यालय से जारी पाया गया है। इसके बाद विभाग के भीतर खलबली मच गई है। मामला अगस्त 2023 का बताया जा रहा है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि इस तरह के और भी कई प्रमाणपत्र जारी हुए हो सकते हैं।
रामनवमी के अवकाश के चलते संबंधित स्टाफ के अनुपस्थित रहने से अधिकारी शुक्रवार को दस्तावेजों की जांच नहीं कर सके। हालांकि, शनिवार को सभी पत्रावलियों की जांच की बात कही जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, विभाग के अंदरूनी स्तर पर हलचल तेज है, लेकिन अधिकारी फिलहाल इस मामले पर खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद ये सवाल उठे
- क्या जांच प्रक्रिया में लापरवाही हुई?
- क्या फर्जी प्रमाण-पत्र जारी करने में किसी स्तर पर मिलीभगत रही?
- अब तक ऐसे कितने प्रमाण-पत्र बनाए गए हैं?
कोट-
अवकाश के कारण पत्रावलियों की जांच नहीं हो सकी है। शनिवार को समस्त दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। - डॉ. इम्तियाज अहमद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, ललितपुर।
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फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र प्रकरण से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
बड़ा सवाल, ललितपुर में कितने फर्जी प्रमाणपत्र बने?
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। लखनऊ एसटीएफ की जांच में जनपद का नाम सामने आने के बाद फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र प्रकरण ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरे दिन महकमे में इस मामले को लेकर चर्चा और हलचल बनी रही।
जानकारी के अनुसार, लखनऊ में उजागर हुए फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र मामले में एक प्रमाणपत्र ललितपुर मुख्यालय से जारी पाया गया है। इसके बाद विभाग के भीतर खलबली मच गई है। मामला अगस्त 2023 का बताया जा रहा है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि इस तरह के और भी कई प्रमाणपत्र जारी हुए हो सकते हैं।
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रामनवमी के अवकाश के चलते संबंधित स्टाफ के अनुपस्थित रहने से अधिकारी शुक्रवार को दस्तावेजों की जांच नहीं कर सके। हालांकि, शनिवार को सभी पत्रावलियों की जांच की बात कही जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, विभाग के अंदरूनी स्तर पर हलचल तेज है, लेकिन अधिकारी फिलहाल इस मामले पर खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद ये सवाल उठे
- क्या जांच प्रक्रिया में लापरवाही हुई?
- क्या फर्जी प्रमाण-पत्र जारी करने में किसी स्तर पर मिलीभगत रही?
- अब तक ऐसे कितने प्रमाण-पत्र बनाए गए हैं?
कोट-
अवकाश के कारण पत्रावलियों की जांच नहीं हो सकी है। शनिवार को समस्त दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। - डॉ. इम्तियाज अहमद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, ललितपुर।