सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Lalitpur: Bail plea of fake doctor Abhinav Singh rejected

Lalitpur: फर्जी चिकित्सक अभिनव सिंह की जमानत याचिका खारिज, बहनोई की डिग्री पर मेडिकल में इलाज करने का है आरोप

संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Published by: झांसी ब्यूरो Updated Fri, 13 Mar 2026 12:08 AM IST
विज्ञापन
सार

अभिनव अपने बहनोई की डिग्री पर मेडिकल कॉलेज में हार्ट के मरीजों का उपचार करता रहा था। बहन की शिकायत के बाद मामला उजागर हुआ था। जिसके बाद से जांच में मामले सही पाया जाने के बाद से अभिनव जेल में है।

Lalitpur: Bail plea of fake doctor Abhinav Singh rejected
जीजा के नाम पर नौकरी करने वाले अभिनव सिंह - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार

मेडिकल कॉलेज में बहनोई की डिग्री के आधार पर फर्जी चिकित्सक बनकर धोखाधड़ी से नौकरी करने के आरोपी अभिनव सिंह की जमानत याचिका जिला जज अशोक कुमार की अदालत ने खारिज कर दी। इससे पहले करीब सवा माह पूर्व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय भी उसकी जमानत अर्जी निरस्त कर चुका है। इसके बाद आरोपी ने जिला जज की अदालत में जमानत के लिए याचिका दायर की थी।
Trending Videos



12 दिसंबर 2025 से जेल में है बंद
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला तालाबपुरा निवासी अभिनव सिंह ने अपनी याचिका में स्वयं को निर्दोष बताते हुए कहा कि पारिवारिक रंजिश और संपत्ति विवाद के कारण उसे झूठा फंसाया गया है। उसने बताया कि वह 12 दिसंबर 2025 से जिला कारागार में निरुद्ध है। याचिका में यह भी कहा गया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से टाइप-1 मधुमेह और हृदय रोग से पीड़ित है तथा सघन इंसुलिन थेरेपी पर निर्भर है। हाइपोग्लाइसीमिया का दौरा पड़ने की स्थिति में उसकी जान को खतरा हो सकता है और जेल में इसकी पर्याप्त निगरानी संभव नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन



अभियोजन पक्ष ने यह कहा
वहीं अभियोजन पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि आरोपी प्रभावशाली व्यक्ति है और सत्ता के शीर्ष व्यक्तियों से उसके घनिष्ठ संबंध हैं। मामले की विवेचना उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा तक विस्तृत है तथा अभी जांच जारी है। कई महत्वपूर्ण साक्ष्य आना शेष हैं। अभियोजन ने यह भी बताया कि आवेदक अभिनव सिंह को वर्ष 2020 में मुंबई स्थित सीबीआई कोर्ट द्वारा धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है। अभियोजन ने यह भी कहा कि मधुमेह एक सामान्य बीमारी है, जिस पर उचित आहार और व्यवहार से नियंत्रण रखा जा सकता है। जेल में हाइपोग्लाइसीमिया की स्थिति में उपचार की व्यवस्था उपलब्ध है और आवश्यकता पड़ने पर मरीज को मेडिकल कॉलेज में भी इलाज मिल सकता है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला जज ने अपराध की प्रकृति, कई राज्यों में चल रही विवेचना, आरोपी के पुनः चिकित्सा व्यवसाय में शामिल होने की आशंका तथा प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने के आधार पर अभिनव सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed