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Lalitpur News: डामर की कमी को पूरा कर सकता है प्लास्टिक कचरे से निर्मित दाना
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- पंचायती राज विभाग का जखौरा में लगा 16 लाख रुपये की लागत से प्लांट
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। डामर में प्लास्टिक दाने को मिलाकर सड़क निर्माण की कार्ययोजना के तहत जिले में प्लास्टिक कचरा से दाने बनाए जाने का प्लांट लगाया था। इसके लिए निर्माण कार्य भी प्रारंभ किया गया, लेकिन इसकी डिमांड सड़क निर्माण विभाग ने नहीं की, न ही इसको खरीदने में रूचि दिखाई। यही कारण रहा है कि वर्तमान ये प्लांट बंद है, जब डामर की कमी हो गई है, ऐसे में यह प्लास्टिक कचरे निर्मित दाने उपयोगी साबित हो सकते हैं।
कस्बा जखौरा में ग्रामीण इलाकों से कचरे के रूप में निकलनी वाली प्लास्टिक से प्लास्टिक बनाने का प्लांट पंचायत राज विभाग द्वारा लगाया गया है। 16 लाख की लागत से बनने वाले इस प्लांट के प्लास्टिक कचरे से प्लास्टिक के दाने तैयार किए जाने हैं। जिनका उपयोग सड़क निर्माण में किया जाना था। प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन यूनिट की स्थापना विकासखंड जखौरा मुख्यालय पर की गई है। राज्य सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक को बैन कर दिया है। भारत सरकार ने विकसित टूलकिट उपलब्ध कराते हुए गांवों से उत्सर्जित होने वाले प्लास्टिक वेस्ट का समुचित व्यवस्था के लिए इस यूनिट की स्थापना की।
इस योजना में ग्रामीण इलाकों का एक रूट चार्ट तैयार कर किराये के वाहन से प्लास्टिक के कचरे को यूनिट तक लाया जाएगा। इस प्लास्टिक को रिसाइकिल कर पुन: प्रयोग किया जाना था। लेकिन जिले में सड़क निर्माण के लिए प्लास्टिक कचरे से दाने तैयार करने की योजना ठंडे बस्ते में चली गई है। डामर की बढ़ती कमी के बीच यह तकनीक कारगर साबित हो सकती थी, लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। डामर में प्लास्टिक दाने मिलाकर सड़क निर्माण की योजना के तहत जिले में प्लांट स्थापित किया गया था। इसके लिए प्रारंभिक स्तर पर निर्माण कार्य भी शुरू कराया गया, लेकिन सड़क निर्माण विभाग ने न तो इन दानों की मांग की और न ही खरीद में रुचि दिखाई। वर्तमान में यह प्लांट बंद पड़ा हुआ है। ठेकेदार महेश श्रीवास्तव ने बताया कि प्लास्टिक कचरे से बने दाने न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक हैं, बल्कि डामर की कमी को दूर करने में भी उपयोगी साबित हो सकते हैं। ऐसे में इस योजना को पुन: शुरू कर जिले में सड़क निर्माण कार्य को गति दी जा सकती है।
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वर्तमान में यूनिट में प्लास्टिक मौजूद है, प्लांट में तैयार स्थिति में है। अगर डिमांड आती है, तो प्लास्टिक दाने व स्क्रैप तैयार कर दिया जाएगा। वर्तमान परिस्थिति में यह डामर सड़कों पर यह बहुत ही सहायक सिद्ध होगा।
कुंवर सिंह यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। डामर में प्लास्टिक दाने को मिलाकर सड़क निर्माण की कार्ययोजना के तहत जिले में प्लास्टिक कचरा से दाने बनाए जाने का प्लांट लगाया था। इसके लिए निर्माण कार्य भी प्रारंभ किया गया, लेकिन इसकी डिमांड सड़क निर्माण विभाग ने नहीं की, न ही इसको खरीदने में रूचि दिखाई। यही कारण रहा है कि वर्तमान ये प्लांट बंद है, जब डामर की कमी हो गई है, ऐसे में यह प्लास्टिक कचरे निर्मित दाने उपयोगी साबित हो सकते हैं।
कस्बा जखौरा में ग्रामीण इलाकों से कचरे के रूप में निकलनी वाली प्लास्टिक से प्लास्टिक बनाने का प्लांट पंचायत राज विभाग द्वारा लगाया गया है। 16 लाख की लागत से बनने वाले इस प्लांट के प्लास्टिक कचरे से प्लास्टिक के दाने तैयार किए जाने हैं। जिनका उपयोग सड़क निर्माण में किया जाना था। प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन यूनिट की स्थापना विकासखंड जखौरा मुख्यालय पर की गई है। राज्य सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक को बैन कर दिया है। भारत सरकार ने विकसित टूलकिट उपलब्ध कराते हुए गांवों से उत्सर्जित होने वाले प्लास्टिक वेस्ट का समुचित व्यवस्था के लिए इस यूनिट की स्थापना की।
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इस योजना में ग्रामीण इलाकों का एक रूट चार्ट तैयार कर किराये के वाहन से प्लास्टिक के कचरे को यूनिट तक लाया जाएगा। इस प्लास्टिक को रिसाइकिल कर पुन: प्रयोग किया जाना था। लेकिन जिले में सड़क निर्माण के लिए प्लास्टिक कचरे से दाने तैयार करने की योजना ठंडे बस्ते में चली गई है। डामर की बढ़ती कमी के बीच यह तकनीक कारगर साबित हो सकती थी, लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। डामर में प्लास्टिक दाने मिलाकर सड़क निर्माण की योजना के तहत जिले में प्लांट स्थापित किया गया था। इसके लिए प्रारंभिक स्तर पर निर्माण कार्य भी शुरू कराया गया, लेकिन सड़क निर्माण विभाग ने न तो इन दानों की मांग की और न ही खरीद में रुचि दिखाई। वर्तमान में यह प्लांट बंद पड़ा हुआ है। ठेकेदार महेश श्रीवास्तव ने बताया कि प्लास्टिक कचरे से बने दाने न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक हैं, बल्कि डामर की कमी को दूर करने में भी उपयोगी साबित हो सकते हैं। ऐसे में इस योजना को पुन: शुरू कर जिले में सड़क निर्माण कार्य को गति दी जा सकती है।
वर्तमान में यूनिट में प्लास्टिक मौजूद है, प्लांट में तैयार स्थिति में है। अगर डिमांड आती है, तो प्लास्टिक दाने व स्क्रैप तैयार कर दिया जाएगा। वर्तमान परिस्थिति में यह डामर सड़कों पर यह बहुत ही सहायक सिद्ध होगा।
कुंवर सिंह यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी