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Lalitpur News: अधिवक्ता को पीटने के मामले में चार पुलिसकर्मियों पर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश

Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 19 Mar 2026 12:47 AM IST
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Order to file a report against four policemen for beating an advocate
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भांजी से मारपीट की शिकायत करने पर कोतवाली में बंद कर पिटाई के लगाए आरोप
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। भांजी से मारपीट की शिकायत करने पहुंचे एक अधिवक्ता के साथ कोतवाली में बंद कर पिटाई और अपमानित करने के आरोप सामने आए हैं। पिछले साल दिसंबर में हुए इस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने दैलवारा चौकी प्रभारी ललित उज्ज्वल, दरोगा दीपक डागर, सिपाही दीपेंद्र और होमगार्ड परमाल सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गनगौरा के मजरा गुजरातन निवासी अधिवक्ता कृपाल सिंह ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह जिला जजी परिसर ललितपुर में वकालत करते हैं। आरोप है कि सात दिसंबर 2025 की शाम करीब छह बजे गांव के ही दो लोगों ने उनकी भांजी के साथ मारपीट की और उसकी गाड़ी पटक दी। सूचना पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और दैलवारा चौकी को भी अवगत कराया गया।
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अधिवक्ता का आरोप है कि मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी ललित उज्ज्वल और दरोगा दीपक डागर ने उन्हें और उनके चचेरे भाई केहर सिंह को घर से पकड़कर पीटा और 112 की गाड़ी में बैठाकर कोतवाली ले गए। वहां दोनों को हवालात में बंद कर दिया गया। आरोप है कि बाद में दरोगाओं के कहने पर होमगार्ड परमाल सिंह उन्हें एक कमरे में ले गया, जहां लात-घूसों और पट्टों से मारपीट की गई। इसके बाद उनके चचेरे भाई के साथ भी मारपीट की गई। अधिवक्ता का आरोप है कि दोबारा हवालात से निकालकर दरोगा दीपक डागर, ललित उज्ज्वल और एक सिपाही ने फिर पिटाई की और उसका वीडियो भी बनाया। इस दौरान गाली-गलौज की गई और अपमानित किया गया।
पीड़ित के अनुसार, मारपीट इस तरह की गई कि बाहरी चोटें दिखाई न दें। तलवों और हथेलियों पर डंडों व पट्टों से प्रहार किया गया। विरोध करने पर कान पकड़कर उठक-बैठक कराई गई, गला दबाने और जान से मारने की धमकी भी दी गई। मेडिकल कराने की मांग करने पर भी इन्कार कर दिया गया। अधिवक्ता ने बताया कि उन्होंने मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की, लेकिन सुनवाई न होने पर न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक जायसवाल की अदालत ने थाना प्रभारी को निर्देश दिए हैं कि संबंधित धाराओं में दो दिन के भीतर रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय को अवगत कराएं।
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