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Lalitpur News: वन क्षेत्र में आगजनी घटनाओं पर काबू पाने के लिए सेटेलाइट से निगरानी
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हादसा होने पर कंट्रोल रूम में बजेगा अलार्म, डीएफओ के मोबाइल पर आ जाएगा मैसेज
जनपद में 76158 हेक्टेयर भूमि पर जंगल फैला हुआ है।
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। वन क्षेत्र को सुरक्षित व गर्मी के मौसम में आग की घटनाओं को रोकने के लिए सेटेलाइट से निगरानी की जा रही है। आग लगने पर जिला मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम में अलार्म बजने लगेगा। इसके साथ ही डीएफओ के मोबाइल पर इससे संबंधित मैसेज जीपीएस लोकेशन के साथ आ जाएगा। इससे विभाग को आग पर काबू पाने में आसानी होगी।
जनपद में 76158 हेक्टेयर भूमि पर जंगल फैला हुआ है। गर्मी के साथ जिले के वन क्षेत्रों में बढ़ती आगजनी की घटनाओं पर काबू पाने के लिए अब सेटेलाइट तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। वन विभाग सेटेलाइट आधारित फायर अलर्ट सिस्टम की मदद से जंगलों में लगने वाली आग की त्वरित जानकारी प्राप्त कर रहा है। इससे आग लगने की घटना का पता शुरुआती चरण में ही चल जाएगा और वनकर्मियों को समय रहते उसे बुझाने में मदद मिलेगी।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गर्मी के मौसम में सूखी घास, पत्तियों और तेज हवाओं के कारण जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। कई बार शरारती तत्वों या लापरवाही के चलते भी आग लग जाती है, जिससे जैव विविधता, वन्यजीवों और पेड़ों को भारी नुकसान होता है। ऐसे में सेटेलाइट से मिलने वाले अलर्ट के जरिये प्रभावित क्षेत्र का सटीक लोकेशन तुरंत मिल जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही किसी वन क्षेत्र में तापमान असामान्य रूप से बढ़ता है या धुआं दिखाई देता है, सेटेलाइट सिस्टम से अलर्ट जारी हो जाता है। इसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर आग को फैलने से पहले ही नियंत्रित करने का प्रयास करती है। इस नई तकनीक के उपयोग से आग पर जल्दी काबू पाया जा सकेगा और वन संपदा को बचाने में मदद मिलेगी।
अधिकांश मामलों में ऐसे लगती है आग
कई बार ग्रामीण खेत साफ करने के लिए आग लगा देते हैं या जलती हुई बीड़ी-सिगरेट फेंक देते हैं। इससे आग जंगल तक पहुंच जाती है। ऐसे मामलों में लोगों को जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है।
वर्जन
सेटेलाइट तकनीक के साथ-साथ स्थानीय लोगों की सतर्कता भी जरूरी है। लोगों के सहयोग से ही जंगलों को आगजनी की घटनाओं से बचाया जा सकता है। इस नई तकनीक से कंट्रोल रूम में अलार्म बजेगा। इसके साथ ही मेरे मोबाइल पर मैसेज आ जाएगा, जिससे तत्काल मौके पर टीम को रवाना कर आग पर काबू पाया जा सकेगा। - नवीन कुमार शाक्य, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी
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जनपद में 76158 हेक्टेयर भूमि पर जंगल फैला हुआ है।
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। वन क्षेत्र को सुरक्षित व गर्मी के मौसम में आग की घटनाओं को रोकने के लिए सेटेलाइट से निगरानी की जा रही है। आग लगने पर जिला मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम में अलार्म बजने लगेगा। इसके साथ ही डीएफओ के मोबाइल पर इससे संबंधित मैसेज जीपीएस लोकेशन के साथ आ जाएगा। इससे विभाग को आग पर काबू पाने में आसानी होगी।
जनपद में 76158 हेक्टेयर भूमि पर जंगल फैला हुआ है। गर्मी के साथ जिले के वन क्षेत्रों में बढ़ती आगजनी की घटनाओं पर काबू पाने के लिए अब सेटेलाइट तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। वन विभाग सेटेलाइट आधारित फायर अलर्ट सिस्टम की मदद से जंगलों में लगने वाली आग की त्वरित जानकारी प्राप्त कर रहा है। इससे आग लगने की घटना का पता शुरुआती चरण में ही चल जाएगा और वनकर्मियों को समय रहते उसे बुझाने में मदद मिलेगी।
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वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गर्मी के मौसम में सूखी घास, पत्तियों और तेज हवाओं के कारण जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। कई बार शरारती तत्वों या लापरवाही के चलते भी आग लग जाती है, जिससे जैव विविधता, वन्यजीवों और पेड़ों को भारी नुकसान होता है। ऐसे में सेटेलाइट से मिलने वाले अलर्ट के जरिये प्रभावित क्षेत्र का सटीक लोकेशन तुरंत मिल जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही किसी वन क्षेत्र में तापमान असामान्य रूप से बढ़ता है या धुआं दिखाई देता है, सेटेलाइट सिस्टम से अलर्ट जारी हो जाता है। इसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर आग को फैलने से पहले ही नियंत्रित करने का प्रयास करती है। इस नई तकनीक के उपयोग से आग पर जल्दी काबू पाया जा सकेगा और वन संपदा को बचाने में मदद मिलेगी।
अधिकांश मामलों में ऐसे लगती है आग
कई बार ग्रामीण खेत साफ करने के लिए आग लगा देते हैं या जलती हुई बीड़ी-सिगरेट फेंक देते हैं। इससे आग जंगल तक पहुंच जाती है। ऐसे मामलों में लोगों को जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है।
वर्जन
सेटेलाइट तकनीक के साथ-साथ स्थानीय लोगों की सतर्कता भी जरूरी है। लोगों के सहयोग से ही जंगलों को आगजनी की घटनाओं से बचाया जा सकता है। इस नई तकनीक से कंट्रोल रूम में अलार्म बजेगा। इसके साथ ही मेरे मोबाइल पर मैसेज आ जाएगा, जिससे तत्काल मौके पर टीम को रवाना कर आग पर काबू पाया जा सकेगा। - नवीन कुमार शाक्य, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी
