{"_id":"6a6fa89560821f0fb00d2e06","slug":"the-place-where-the-story-of-shiva-is-narrated-transforms-into-kailash-narrator-lalitpur-news-c-131-1-ltp1001-160645-2026-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: जहां शिव कथा होती है वो स्थान कैलाश बन जाता-कथा व्यास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: जहां शिव कथा होती है वो स्थान कैलाश बन जाता-कथा व्यास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। चौबयाना स्थित शिवालय धाम पर कलश यात्रा के साथ शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ हुआ। युवाचार्य पं. राम शास्त्री ने कहा कि शिव महापुराण कथा समस्त पापों को नष्ट करने वाली है, जहां शिव कथा होती है वो स्थान कैलाश बन जाता है
सार्वजनिक श्रावण महोत्सव शिवालय धाम चौबयाना गणेश पूजन के साथ कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ। कलश यात्रा रघुनाथजी बड़ा मंदिर काली बऊआ से शुरू होकर शिवालय धाम धर्मशाला पर संपन्न हुई। इसके बाद संत शिरोमणि रविशंकर महाराज रावतपुरा सरकार के शिष्य युवाचार्य पं.राम शास्त्री ने शिवपुराण की कथा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि देवराज नामक ब्राह्मण किरातनगर में रहता था, वो बहुत दुष्ट था, उसने वैश्या गमन किया, ना जाने कितने पाप किए और अंत में जब वह एक शिव मंदिर पहुंचा वहां उस समय शिव महापुराण की कथा हो रही थी,उसने शिव कथा को सुना और वहीं प्राण त्याग दिए,शिव कथा को श्रवण करने से उसके सारे पाप नष्ट हो गए, वह कैलाश धाम में शिव का गण बन गया। शिव कथा से समस्त पाप कष्ट नष्ट हो जाते हैं,धन धान्य के भंडार भरते हैं और मनुष्य का जीवन आनंद हो जाता है। कथा में यजमान डॉ दीपक चौबे,अजय तिवारी नीलू, आशीष चौबे, संजय त्रिवेदी,शिव नारायण चौबे, आशीष चौबे, संतोष चौबे, माधव सुनील चौबे आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
ललितपुर। चौबयाना स्थित शिवालय धाम पर कलश यात्रा के साथ शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ हुआ। युवाचार्य पं. राम शास्त्री ने कहा कि शिव महापुराण कथा समस्त पापों को नष्ट करने वाली है, जहां शिव कथा होती है वो स्थान कैलाश बन जाता है
सार्वजनिक श्रावण महोत्सव शिवालय धाम चौबयाना गणेश पूजन के साथ कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ। कलश यात्रा रघुनाथजी बड़ा मंदिर काली बऊआ से शुरू होकर शिवालय धाम धर्मशाला पर संपन्न हुई। इसके बाद संत शिरोमणि रविशंकर महाराज रावतपुरा सरकार के शिष्य युवाचार्य पं.राम शास्त्री ने शिवपुराण की कथा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि देवराज नामक ब्राह्मण किरातनगर में रहता था, वो बहुत दुष्ट था, उसने वैश्या गमन किया, ना जाने कितने पाप किए और अंत में जब वह एक शिव मंदिर पहुंचा वहां उस समय शिव महापुराण की कथा हो रही थी,उसने शिव कथा को सुना और वहीं प्राण त्याग दिए,शिव कथा को श्रवण करने से उसके सारे पाप नष्ट हो गए, वह कैलाश धाम में शिव का गण बन गया। शिव कथा से समस्त पाप कष्ट नष्ट हो जाते हैं,धन धान्य के भंडार भरते हैं और मनुष्य का जीवन आनंद हो जाता है। कथा में यजमान डॉ दीपक चौबे,अजय तिवारी नीलू, आशीष चौबे, संजय त्रिवेदी,शिव नारायण चौबे, आशीष चौबे, संतोष चौबे, माधव सुनील चौबे आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन