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Lalitpur News: विवाद में पत्थर लगने से घायल हुई दो वर्षीय मासूम बालिका की झांसी में मौत
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। पड़ोसियों के बीच 15 जुलाई को ग्राम जिजयावन में हुए विवाद और मारपीट के दौरान पेट में पत्थर लगने से चोटिल हुई दो वर्षीय दीपा की शनिवार को झांसी में इलाज के दौरान मौत हो गई। झांसी में उसका पोस्टमार्टम हुआ। पुलिस अब पूर्व में दर्ज मारपीट की रिपोर्ट में धाराओं की बढोतरी करने की तैयारी में जुट गई है।
मृतका के पिता दीपक वंशकार ने घटना को लेकर बताया कि उनकी तीन पुत्री और एक पुत्र हैं। दो साल की दीपा तीसरे नंबर की है। 15 जुलाई को वह अपने भाई के साथ मजदूरी करने के लिए गया था। घर पर उसकी पत्नी पिंकी, भाभी रजनी, बहनोई प्रीतम और बच्चे थे। दोपहर के समय उसके भाई अनिल का चार वर्षीय पुत्र अनुराग घर के बाहर खेल रहा था। इस दौरान अनुराग का उसके ही पड़ोस में रहने वाले रामदेव की पुत्री से झगड़ा हो गया। रामदेव की पुत्री रोते हुए घर चली गई थी और मामला शांत हो गया था। लेकिन रात करीब 8 बजे शराब के नशे में रामदेव, उसका भाई हरदेव, पुत्र बॉबी और पिता झब्बा उसके घर आए और पिटाई करने लगे। आरोपियों ने उसकी पत्नी पिंकी और भाभी रजनी को लात घूंसों से पीटा। बचाने आए बहनोई प्रीतम को भी लाठियां मारी। इसके बाद आरोपी पथराव करने लगे। एक पत्थर उसकी दो वर्षीय पुत्री दीपा के पेट में आ लगा था, जिससे वह मौके पर ही अचेत हो गई थी। इस पर आरोपी जान से मारने की धमकी देकर चले गए थे। इसके बाद वह लोग दीपा को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां से दीपा को मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया था। यहां शनिवार की शाम को इलाज के दौरान दीपा की मौत हो गई। पिता दीपक ने आरोपियों के द्वारा की गई पत्थरबाजी में पत्थर लगने से दीपा के घायल होने और इलाज के दौरान मौत होने का आरोप लगाया है। दो वर्षीय दीपा की मौत की सूचना जैसे ही कोतवाली पुलिस को मिली वह सक्रिय हो गई। पुलिस 15 जुलाई की इस घटना में दर्ज की गई रिपोर्ट में धाराओं की बढ़ोतरी कर आगे की कार्रवाई करने में जुट गई है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी ने बताया कि इस घटना को लेकर 16 जुलाई को चार आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। घटना में घायल होने वाली बालिका की मौत होने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
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पुलिस पर लगाया कार्रवाई न करने का आरोप
मृतका के पिता दीपक ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट तो दर्ज कर ली थी। लेकिन संबंधित चौकी पुलिस ने इसके बाद आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
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चार के खिलाफ पुलिस ने दर्ज की थी रिपोर्ट
मृतका की ताई रजनी की तहरीर पर पुलिस ने 16 जुलाई को पड़ोसी हरदेव, रामदेव, बाॅबी और झब्बा निवासी ग्राम जिजयावन के खिलाफ गाली गलौज कर पिटाई करने सहित जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी।
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ललितपुर। पड़ोसियों के बीच 15 जुलाई को ग्राम जिजयावन में हुए विवाद और मारपीट के दौरान पेट में पत्थर लगने से चोटिल हुई दो वर्षीय दीपा की शनिवार को झांसी में इलाज के दौरान मौत हो गई। झांसी में उसका पोस्टमार्टम हुआ। पुलिस अब पूर्व में दर्ज मारपीट की रिपोर्ट में धाराओं की बढोतरी करने की तैयारी में जुट गई है।
मृतका के पिता दीपक वंशकार ने घटना को लेकर बताया कि उनकी तीन पुत्री और एक पुत्र हैं। दो साल की दीपा तीसरे नंबर की है। 15 जुलाई को वह अपने भाई के साथ मजदूरी करने के लिए गया था। घर पर उसकी पत्नी पिंकी, भाभी रजनी, बहनोई प्रीतम और बच्चे थे। दोपहर के समय उसके भाई अनिल का चार वर्षीय पुत्र अनुराग घर के बाहर खेल रहा था। इस दौरान अनुराग का उसके ही पड़ोस में रहने वाले रामदेव की पुत्री से झगड़ा हो गया। रामदेव की पुत्री रोते हुए घर चली गई थी और मामला शांत हो गया था। लेकिन रात करीब 8 बजे शराब के नशे में रामदेव, उसका भाई हरदेव, पुत्र बॉबी और पिता झब्बा उसके घर आए और पिटाई करने लगे। आरोपियों ने उसकी पत्नी पिंकी और भाभी रजनी को लात घूंसों से पीटा। बचाने आए बहनोई प्रीतम को भी लाठियां मारी। इसके बाद आरोपी पथराव करने लगे। एक पत्थर उसकी दो वर्षीय पुत्री दीपा के पेट में आ लगा था, जिससे वह मौके पर ही अचेत हो गई थी। इस पर आरोपी जान से मारने की धमकी देकर चले गए थे। इसके बाद वह लोग दीपा को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां से दीपा को मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया था। यहां शनिवार की शाम को इलाज के दौरान दीपा की मौत हो गई। पिता दीपक ने आरोपियों के द्वारा की गई पत्थरबाजी में पत्थर लगने से दीपा के घायल होने और इलाज के दौरान मौत होने का आरोप लगाया है। दो वर्षीय दीपा की मौत की सूचना जैसे ही कोतवाली पुलिस को मिली वह सक्रिय हो गई। पुलिस 15 जुलाई की इस घटना में दर्ज की गई रिपोर्ट में धाराओं की बढ़ोतरी कर आगे की कार्रवाई करने में जुट गई है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी ने बताया कि इस घटना को लेकर 16 जुलाई को चार आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। घटना में घायल होने वाली बालिका की मौत होने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
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पुलिस पर लगाया कार्रवाई न करने का आरोप
मृतका के पिता दीपक ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट तो दर्ज कर ली थी। लेकिन संबंधित चौकी पुलिस ने इसके बाद आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
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चार के खिलाफ पुलिस ने दर्ज की थी रिपोर्ट
मृतका की ताई रजनी की तहरीर पर पुलिस ने 16 जुलाई को पड़ोसी हरदेव, रामदेव, बाॅबी और झब्बा निवासी ग्राम जिजयावन के खिलाफ गाली गलौज कर पिटाई करने सहित जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी।