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Maharajganj News: मुंबई में अचानक तबीयत बिगड़ने से बरवा राजा के युवक की मौत
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आजीविका के लिए एक साल पहले गया था मुंबई, टाइल्स लगाने का करता था काम
तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया,
ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर हवाई जहाज से शव भेजने की पहल की
मिठौरा। परिवार की खुशहाली करीब एक वर्ष पहले मुंबई गए बरवा राजा गांव के बरईपट्टी निवासी उदयराज वर्मा (45) की शुक्रवार रात मुंबई के एक अस्पताल में मौत हो गई। वह मुंबई में टाइल्स लगाने का काम कर परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। वह छह भाइयों में से एक था। उसके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुकी है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर भोजन करने के कुछ ही देर बाद उदयराज की अचानक तबीयत बिगड़ गई। आसपास रहने वाले परिचितों को इसकी जानकारी हुई तो वे तत्काल उसके पास पहुंचे और अस्पताल में भर्ती कराया। हालत में सुधार नहीं होने पर रात करीब 11 बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मुंबई में रहने वाले परिचितों ने उदयराज की मौत की सूचना उनके परिजनों को दी। जैसे ही यह खबर बरईपट्टी स्थित घर पहुंची, परिवार में चीख-पुकार मच गई। पत्नी नेहा और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
तीन मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
उदयराज अपने पीछे पत्नी नेहा, बेटी प्रियंका (16), बेटी चांदनी (12) और पुत्र निखिल (8) को छोड़ गए हैं। पिता की अचानक मौत से तीनों बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस पिता के सहारे बच्चों की पढ़ाई और भविष्य की उम्मीदें जुड़ी थीं, उनके चले जाने से परिवार के सामने अब आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। घर के कमाऊ सदस्य की मौत ने पत्नी और बच्चों की चिंता और बढ़ा दी है।
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ग्रामीणों ने चंदा लगाकर शव मंगाने की व्यवस्था की
उदयराज की मौत के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती मुंबई से शव को गांव तक लाने की थी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए यह खर्च उठाना आसान नहीं था। ऐसे समय में मुंबई में रहने वाले बरईपट्टी और आसपास के क्षेत्र के लोगों तथा परिचितों ने आपस में चंदा जुटाकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कराने के साथ शव को हवाई जहाज से गांव तक लाने के लिए टिकट की व्यवस्था की। पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव को हवाई जहाज से गांव लाने की तैयारी की जा रही है। शव पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया,
ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर हवाई जहाज से शव भेजने की पहल की
मिठौरा। परिवार की खुशहाली करीब एक वर्ष पहले मुंबई गए बरवा राजा गांव के बरईपट्टी निवासी उदयराज वर्मा (45) की शुक्रवार रात मुंबई के एक अस्पताल में मौत हो गई। वह मुंबई में टाइल्स लगाने का काम कर परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। वह छह भाइयों में से एक था। उसके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुकी है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर भोजन करने के कुछ ही देर बाद उदयराज की अचानक तबीयत बिगड़ गई। आसपास रहने वाले परिचितों को इसकी जानकारी हुई तो वे तत्काल उसके पास पहुंचे और अस्पताल में भर्ती कराया। हालत में सुधार नहीं होने पर रात करीब 11 बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मुंबई में रहने वाले परिचितों ने उदयराज की मौत की सूचना उनके परिजनों को दी। जैसे ही यह खबर बरईपट्टी स्थित घर पहुंची, परिवार में चीख-पुकार मच गई। पत्नी नेहा और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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तीन मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
उदयराज अपने पीछे पत्नी नेहा, बेटी प्रियंका (16), बेटी चांदनी (12) और पुत्र निखिल (8) को छोड़ गए हैं। पिता की अचानक मौत से तीनों बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस पिता के सहारे बच्चों की पढ़ाई और भविष्य की उम्मीदें जुड़ी थीं, उनके चले जाने से परिवार के सामने अब आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। घर के कमाऊ सदस्य की मौत ने पत्नी और बच्चों की चिंता और बढ़ा दी है।
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ग्रामीणों ने चंदा लगाकर शव मंगाने की व्यवस्था की
उदयराज की मौत के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती मुंबई से शव को गांव तक लाने की थी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए यह खर्च उठाना आसान नहीं था। ऐसे समय में मुंबई में रहने वाले बरईपट्टी और आसपास के क्षेत्र के लोगों तथा परिचितों ने आपस में चंदा जुटाकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कराने के साथ शव को हवाई जहाज से गांव तक लाने के लिए टिकट की व्यवस्था की। पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव को हवाई जहाज से गांव लाने की तैयारी की जा रही है। शव पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।