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Maharajganj News: अस्पतालों में नामी डॉक्टरों का बोर्ड, मौके पर नदारद
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 02 Apr 2026 01:52 AM IST
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सोनौली-भगवानपुर मार्ग पर फर्जी अस्पतालों का जाल
सोनौली। भारत-नेपाल सीमा से जुड़े सोनौली-भगवानपुर न्यू एसएसबी मार्ग पर स्थित निजी अस्पतालों की आड़ में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खेल चल रहा है। सड़क किनारे खुले अस्पतालों पर मरीजों को सही इलाज देने के बजाय गुमराह कर अवैध कमाई में जुटे हैं।
सीमा से सटे अस्पतालों में नामी डॉक्टरों के नाम का दुरुपयोग कर बोर्ड और साइनबोर्ड लगाए गए हैं, जबकि वास्तविकता में वहां वे डॉक्टर मौजूद ही नहीं रहते। कई जगहों पर अस्पताल संचालक खुद को विशेषज्ञ बताकर मरीजों का इलाज करते हैं। सीमा क्षेत्र होने का फायदा उठाते हुए इन अस्पतालों का मुख्य फोकस नेपाल से आने वाले मरीजों पर रहता है। जानकारी के अनुसार, बाहरी मरीजों को बीमारी का डर दिखाकर अनावश्यक जांच और दवाइयों के जरिए मोटी रकम वसूली जा रही है।
अस्पतालों के अंदर संचालित पैथोलॉजी लैब और क्लीनिक मेडिकल स्टोर की वैधता पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कई जगह बिना मानक और रजिस्ट्रेशन के जांच की जा रही है, जिससे मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है। इन अस्पतालों में इलाज के बजाय नशेड़ियों का अड्डा बनते जा रहे हैं। देर रात तक संदिग्ध गतिविधियां होने की बात सामने आ रही है, जिससे क्षेत्र का माहौल भी प्रभावित हो रहा है।
इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी रतनपुर डॉ. सुरेंद्र कुमार का कहना है कि अवैध अस्पतालों के संचालन के बारे में जानकारी मिली है। टीम गठित कर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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सोनौली। भारत-नेपाल सीमा से जुड़े सोनौली-भगवानपुर न्यू एसएसबी मार्ग पर स्थित निजी अस्पतालों की आड़ में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खेल चल रहा है। सड़क किनारे खुले अस्पतालों पर मरीजों को सही इलाज देने के बजाय गुमराह कर अवैध कमाई में जुटे हैं।
सीमा से सटे अस्पतालों में नामी डॉक्टरों के नाम का दुरुपयोग कर बोर्ड और साइनबोर्ड लगाए गए हैं, जबकि वास्तविकता में वहां वे डॉक्टर मौजूद ही नहीं रहते। कई जगहों पर अस्पताल संचालक खुद को विशेषज्ञ बताकर मरीजों का इलाज करते हैं। सीमा क्षेत्र होने का फायदा उठाते हुए इन अस्पतालों का मुख्य फोकस नेपाल से आने वाले मरीजों पर रहता है। जानकारी के अनुसार, बाहरी मरीजों को बीमारी का डर दिखाकर अनावश्यक जांच और दवाइयों के जरिए मोटी रकम वसूली जा रही है।
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अस्पतालों के अंदर संचालित पैथोलॉजी लैब और क्लीनिक मेडिकल स्टोर की वैधता पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कई जगह बिना मानक और रजिस्ट्रेशन के जांच की जा रही है, जिससे मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है। इन अस्पतालों में इलाज के बजाय नशेड़ियों का अड्डा बनते जा रहे हैं। देर रात तक संदिग्ध गतिविधियां होने की बात सामने आ रही है, जिससे क्षेत्र का माहौल भी प्रभावित हो रहा है।
इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी रतनपुर डॉ. सुरेंद्र कुमार का कहना है कि अवैध अस्पतालों के संचालन के बारे में जानकारी मिली है। टीम गठित कर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।