सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Court ordered to give compensation of Rs 3.20 lakh to the victim

Maharajganj News: न्यायालय ने पीड़िता को 3.20 लाख की क्षतिपूर्ति देने का दिया आदेश

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jan 2026 02:22 AM IST
विज्ञापन
Court ordered to give compensation of Rs 3.20 lakh to the victim
विज्ञापन
कोर्ट ने चिकित्सीय लापरवाही के मामले में स्वास्तिक हॉस्पिटल की डॉ. पारुल पांडेय को ठहराया दोषी
Trending Videos

महराजगंज। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने चिकित्सीय लापरवाही के मामले में स्वास्तिक हॉस्पिटल की डॉ. पारुल पांडेय को दोषी ठहराते हुए पीड़िता को 3.20 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। यह राशि डॉ. पारुल पांडेय के पेशेवर बीमा के तहत दी ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा वहन किया जाएगा। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष रामचंद्र ने यह आदेश सुनाया।
मामले की जांच में अभिलेखीय साक्ष्य, गवाहों के बयान और अधिवक्ता विनय त्रिपाठी की दलीलों को सुनने के बाद फोरम ने डॉ. पारुल पांडेय पर ऑपरेशन द्वारा प्रसव कराने, प्रसवोत्तर उपचार, नवजात शिशु की देखभाल में लापरवाही का दोष सिद्ध पाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

पत्रावली के अनुसार, ग्राम मुंडेरा खुर्द, थाना सिंदुरिया की निवासी स्वस्तिका त्रिपाठी (पत्नी आशीष त्रिपाठी) ने 2 मई 2019 को महराजगंज स्थित स्वास्तिक हॉस्पिटल में डॉ. पारुल पांडेय से ऑपरेशन द्वारा प्रसव कराया। एक पुत्री का जन्म हुआ, लेकिन ऑपरेशन के बाद महिला को अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। नवजात शिशु की तबीयत भी बिगड़ गई। हॉस्पिटल में बाल रोग विशेषज्ञ, एनआईसीयू और अन्य आवश्यक चिकित्सीय संसाधनों की कमी तथा देखरेख में लापरवाही के कारण दोनों की स्थिति गंभीर हो गई। स्वास्तिक हॉस्पिटल ने उन्हें महाराजगंज के ही एक अन्य निजी अस्पताल में रेफर किया। वहां सुधार न होने पर गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज भेजा गया। देरी और जटिलताओं के चलते नवजात को गोरखपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उसकी मृत्यु हो गई।
उपभोक्ता फोरम ने डॉ. पारुल पांडेय को प्रसव प्रक्रिया, पोस्ट-ऑपरेटिव केयर और नवजात की देखभाल में कमी का दोषी माना। फोरम ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में आवश्यक सुविधाओं और विशेषज्ञों की अनुपस्थिति ने स्थिति को और बिगाड़ा। पीड़ित परिवार ने लापरवाही के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर सुनवाई के बाद यह फैसला आया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed