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Maharajganj News: वनटांगिया गांवों में चकबंदी की मांग, डीएम को सौंपा ज्ञापन
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कलक्ट्रेट परिसर में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा
महराजगंज। जनपद के 18 वनटांगिया गांवों में चकबंदी बंदोबस्त की मांग को लेकर वनटांगिया विकास समिति के मंडल अध्यक्ष जयराम प्रसाद के नेतृत्व में ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
जयराम प्रसाद ने बताया कि शासन द्वारा वनटांगिया गांवों की चकबंदी बंदोबस्त प्रक्रिया को 5क श्रेणी में रखा गया है। इस श्रेणी में भूमि की मालियत निर्धारित करने का कोई प्रावधान नहीं है, जिसके कारण किसानों की भूमि का समुचित मूल्यांकन नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकांश किसानों की जमीनें 5 से 7 अलग-अलग गाटों में बिखरी हुई हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि खेतों के विभिन्न स्थानों पर बिखरे होने से उनकी देखरेख, सुरक्षा और खेती-किसानी के कार्यों में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इससे न केवल कृषि उत्पादन प्रभावित होता है बल्कि गांवों के समग्र विकास में भी बाधा उत्पन्न होती है। उन्होंने मांग किया कि वनटांगिया गांवों की श्रेणी में आवश्यक संशोधन कर भूमि की मालियत निर्धारित कराई जाए, ताकि चकबंदी की प्रक्रिया पूरी हो सके और किसानों को अपनी भूमि एक स्थान पर प्राप्त हो सके।
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ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से वनटांगिया गांवों के किसानों की समस्या का शीघ्र समाधान कराने और चकबंदी बंदोबस्त की प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। ज्ञापन देने के दौरान मोहिल लाल, सुभाष निषाद, रामबचन, मोतीलाल गुप्ता, सूर्यभान, सीताराम, सुग्रीव, शिवनाथ, राजाराम निषाद, अमरनाथ मौजूद रहे।
महराजगंज। जनपद के 18 वनटांगिया गांवों में चकबंदी बंदोबस्त की मांग को लेकर वनटांगिया विकास समिति के मंडल अध्यक्ष जयराम प्रसाद के नेतृत्व में ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
जयराम प्रसाद ने बताया कि शासन द्वारा वनटांगिया गांवों की चकबंदी बंदोबस्त प्रक्रिया को 5क श्रेणी में रखा गया है। इस श्रेणी में भूमि की मालियत निर्धारित करने का कोई प्रावधान नहीं है, जिसके कारण किसानों की भूमि का समुचित मूल्यांकन नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकांश किसानों की जमीनें 5 से 7 अलग-अलग गाटों में बिखरी हुई हैं।
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ग्रामीणों ने कहा कि खेतों के विभिन्न स्थानों पर बिखरे होने से उनकी देखरेख, सुरक्षा और खेती-किसानी के कार्यों में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इससे न केवल कृषि उत्पादन प्रभावित होता है बल्कि गांवों के समग्र विकास में भी बाधा उत्पन्न होती है। उन्होंने मांग किया कि वनटांगिया गांवों की श्रेणी में आवश्यक संशोधन कर भूमि की मालियत निर्धारित कराई जाए, ताकि चकबंदी की प्रक्रिया पूरी हो सके और किसानों को अपनी भूमि एक स्थान पर प्राप्त हो सके।
ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से वनटांगिया गांवों के किसानों की समस्या का शीघ्र समाधान कराने और चकबंदी बंदोबस्त की प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। ज्ञापन देने के दौरान मोहिल लाल, सुभाष निषाद, रामबचन, मोतीलाल गुप्ता, सूर्यभान, सीताराम, सुग्रीव, शिवनाथ, राजाराम निषाद, अमरनाथ मौजूद रहे।