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Maharajganj News: महंगाई की मार से सहालग में फीकी पड़ी बर्तनाें की चमक
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पीतल, फूल और तांबा के बर्तनों में प्रतिकिलो 200 रुपये की हुई बढ़ोतरी, स्टील के बर्तन भी हुए महंगे
महराजगंज। सहालग का सीजन शुरू होने वाला है लेकिन महंगाई की मार से बर्तनों के बाजार में अभी तेजी नहीं आ पा रही है। दुकानों पर आने वाले इक्का-दुक्का लोग ही अभी खरीदारी कर रहे हैं।
दुकानों पर पहुंचने वाले तमाम लोग अपने पुराने पीतल, तांबा और फूल के बर्तनों की बिक्री का रेट पूछ रहे हैं साथ ही यह अंदाजा लगा रहे हैं कि शादी-ब्याह में बर्तनों की खरीद पर उनका कितना खर्च आएगा। दुकानदारों को उम्मीद है कि जैसे ही लग्न का मौसम शुरू होगा बर्तनों की बिक्री जोर पकड़ेगी। सहालग का सीजन 5 फरवरी से शुरू हो जाएगा। शहर में बर्तन के दुकानदारों को उम्मीद थी कि सहालग शुरू होने के पहले ही उनकी दुकानों से बर्तनों की बिक्री शुरू हो जाएगी। पिछले तीन महीनों में पीतल, तांबा, फूल और स्टील के बर्तनाें के दाम में आई तेजी ने दुकानदारों की उम्मीद पर पानी फेर दिया है। अभी बर्तन की ज्यादातर दुकानों पर खरीदारों की भीड़ नहीं पहुंच रही है। पिछले तीन महीनों में पीतल, फूल और तांबा के बर्तनों में करीब-करीब 200 रुपये प्रति किलो की तेजी आई है। इसके साथ ही स्टील के बर्तन भी प्रतिकिलो तकरीबन 50 रुपये की वृद्धि हुई है।
कॉलेज रोड पर बर्तनों की दुकान चलाने वाले सुनील कश्यप बताते हैं कि उन्हें उम्मीद थी कि सहालग का सीजन शुरू हो जाने के पहले बर्तनों की बिक्री शुरू हो जाएगी लेकिन अभी ग्राहक कम आ रहे हैं। जो ग्राहक आ भी रहे हैं उनमें से तमाम लोग बर्तनों का रेट पता कर चले जा रहे हैं। पहले शादी में प्रयोग आने वाला जो कलश 15 से 16 सौ मिल जाता था अब वही 1850 रुपये से अधिक में मिल रहा है। इसके अलावा भी अन्य बर्तनाें के दामों में भी बढ़ोतरी हुई है।
कॉलेज रोड पर ही बर्तनाें की दुकान चलाने वाले विशाल कसौधन बताते हैं कि जिनके घरों में शादी-ब्याह होता है वे लोग तो बर्तन खरीदते ही हैं साथ उनके रिश्तेदार दुल्हन के पांव पखारने के लिए बर्तन खरीदते हैं उसमें प्रमुख रूप से पीतल, तांबा और फूल के ही बर्तन होते हैं। इन बर्तनों की बिक्री भी अभी काफी प्रभावित हुई है, हो सकता है लग्न शुरू होने पर इसमें तेजी आए।
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महराजगंज। सहालग का सीजन शुरू होने वाला है लेकिन महंगाई की मार से बर्तनों के बाजार में अभी तेजी नहीं आ पा रही है। दुकानों पर आने वाले इक्का-दुक्का लोग ही अभी खरीदारी कर रहे हैं।
दुकानों पर पहुंचने वाले तमाम लोग अपने पुराने पीतल, तांबा और फूल के बर्तनों की बिक्री का रेट पूछ रहे हैं साथ ही यह अंदाजा लगा रहे हैं कि शादी-ब्याह में बर्तनों की खरीद पर उनका कितना खर्च आएगा। दुकानदारों को उम्मीद है कि जैसे ही लग्न का मौसम शुरू होगा बर्तनों की बिक्री जोर पकड़ेगी। सहालग का सीजन 5 फरवरी से शुरू हो जाएगा। शहर में बर्तन के दुकानदारों को उम्मीद थी कि सहालग शुरू होने के पहले ही उनकी दुकानों से बर्तनों की बिक्री शुरू हो जाएगी। पिछले तीन महीनों में पीतल, तांबा, फूल और स्टील के बर्तनाें के दाम में आई तेजी ने दुकानदारों की उम्मीद पर पानी फेर दिया है। अभी बर्तन की ज्यादातर दुकानों पर खरीदारों की भीड़ नहीं पहुंच रही है। पिछले तीन महीनों में पीतल, फूल और तांबा के बर्तनों में करीब-करीब 200 रुपये प्रति किलो की तेजी आई है। इसके साथ ही स्टील के बर्तन भी प्रतिकिलो तकरीबन 50 रुपये की वृद्धि हुई है।
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कॉलेज रोड पर बर्तनों की दुकान चलाने वाले सुनील कश्यप बताते हैं कि उन्हें उम्मीद थी कि सहालग का सीजन शुरू हो जाने के पहले बर्तनों की बिक्री शुरू हो जाएगी लेकिन अभी ग्राहक कम आ रहे हैं। जो ग्राहक आ भी रहे हैं उनमें से तमाम लोग बर्तनों का रेट पता कर चले जा रहे हैं। पहले शादी में प्रयोग आने वाला जो कलश 15 से 16 सौ मिल जाता था अब वही 1850 रुपये से अधिक में मिल रहा है। इसके अलावा भी अन्य बर्तनाें के दामों में भी बढ़ोतरी हुई है।
कॉलेज रोड पर ही बर्तनाें की दुकान चलाने वाले विशाल कसौधन बताते हैं कि जिनके घरों में शादी-ब्याह होता है वे लोग तो बर्तन खरीदते ही हैं साथ उनके रिश्तेदार दुल्हन के पांव पखारने के लिए बर्तन खरीदते हैं उसमें प्रमुख रूप से पीतल, तांबा और फूल के ही बर्तन होते हैं। इन बर्तनों की बिक्री भी अभी काफी प्रभावित हुई है, हो सकता है लग्न शुरू होने पर इसमें तेजी आए।
