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Maharajganj News: फूलों व मसालों की खेती से सुधरेगी किसानों की अर्थव्यवस्था
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बागवानी के साथ राज्य औद्यानिक मिशन से भी लाभ
300 हेक्टेयर में मसाला तो 30 हेक्टेयर फूलों का रकबा
महराजगंज। जनपद के किसानों की आय मसालों के साथ फूलों की खुशबू से महकेगी। उद्यान विभाग की तरफ से इसके लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा जिससे अधिक से अधिक किसान इससे लाभांवित हो सके। बीते वर्ष जिले में मसालों का दायरा 300 हेक्टेयर था। इसे बढ़ाकर 500 हेक्टेयर करने का लक्ष्य है। फूलों का रकबा भी 30 से बढ़ाकर 50 हेक्टेयर तक पहुंचाने में विभाग जुटा है।
जनपद में एकीकृत बागवानी मिशन के साथ राज्य औद्यानिक योजना के जरिए किसानों को लाभ मिल रहा है। उन्हें परंपरागत खेती की जगह बेहतर मुनाफा देने वाली फसलों के प्रति प्रेरित किया जा रहा। उद्यान कर्मी गांव गांव पहुंचकर छोटे किसानों को प्रेरित कर रहे जिससे यह किसान सीमित भूमि से भी बेहतर मुनाफा कमा सकें। बीते वर्ष के रिकार्ड बताते हैं कि जनपद में इन दोनों योजनाओं से अनुदान लेकर जहां 100 हेक्टेयर सब्जी की खेती हो रही वहींं मसाले, ग्लैडियोलस, गुलाब, गेंदा, अदरक व हल्दी की खेती लगभग 30 हेक्टेयर पर हो रही है। इसमें बढ़ोतरी का प्रयास विभाग की तरफ से जनवरी 2026 में उद्यान विभाग किसानों का पंजीकरण कर रहा जिसने वह विभागीय अनुदान का लाभ प्राप्त कर सकें और इनका रकबा बढ़े।
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घोल रहे सफेद शहद की मिठास
राज्य औद्यानिक योजना व एकीकृत बागवानी मिशन से जनपद में कुल छह यूनिट बीते वर्ष अनुदान से संचालित हो रही। लाभार्थी बागा पार नीतू सहित पांच अन्य मधुमक्खी पालन कर सफेद शहद उत्पादित कर रहीं। इसके लिए पहाड़ी क्षेत्र से विशेष प्रजाति की मधुमख्खियां मंगाकर बेहतर कमाई कर रहीं। नीतू के मुताबिक पहले साल उन्हें लगभग 60 हजार से अधिक कमाई हुई। प्रति युनिट 1.23 लाख रुपये का अनुदान प्रति यूनिट दिया गया है।
कितना अनुदान प्रावधान-
मशरूम- एक लाख रुपये प्रति युनिट।
गेंदा- 20 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर।
ड्रेगन फ्रूट- 1.62 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर।
मसाला व सब्जी- 24 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर।
गलेडियोलस- एक लाख रुपये प्रति हेक्टेयर।
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जनपद में राज्य औद्यानिक व एकीकृत बागवानी से 300 हेक्टेयर में सब्जी मसाला व 30 हेक्टेयर में फूलों की खेती अनुदान देकर कराई जा रही। नये वर्ष में रकबा बढ़े इसके लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा। पंजीकरण कराने वाले किसान अनुदान पा सकेंगे।
-संजय कुमार रस्तोगी, जिला उद्यान अधिकारी
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300 हेक्टेयर में मसाला तो 30 हेक्टेयर फूलों का रकबा
महराजगंज। जनपद के किसानों की आय मसालों के साथ फूलों की खुशबू से महकेगी। उद्यान विभाग की तरफ से इसके लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा जिससे अधिक से अधिक किसान इससे लाभांवित हो सके। बीते वर्ष जिले में मसालों का दायरा 300 हेक्टेयर था। इसे बढ़ाकर 500 हेक्टेयर करने का लक्ष्य है। फूलों का रकबा भी 30 से बढ़ाकर 50 हेक्टेयर तक पहुंचाने में विभाग जुटा है।
जनपद में एकीकृत बागवानी मिशन के साथ राज्य औद्यानिक योजना के जरिए किसानों को लाभ मिल रहा है। उन्हें परंपरागत खेती की जगह बेहतर मुनाफा देने वाली फसलों के प्रति प्रेरित किया जा रहा। उद्यान कर्मी गांव गांव पहुंचकर छोटे किसानों को प्रेरित कर रहे जिससे यह किसान सीमित भूमि से भी बेहतर मुनाफा कमा सकें। बीते वर्ष के रिकार्ड बताते हैं कि जनपद में इन दोनों योजनाओं से अनुदान लेकर जहां 100 हेक्टेयर सब्जी की खेती हो रही वहींं मसाले, ग्लैडियोलस, गुलाब, गेंदा, अदरक व हल्दी की खेती लगभग 30 हेक्टेयर पर हो रही है। इसमें बढ़ोतरी का प्रयास विभाग की तरफ से जनवरी 2026 में उद्यान विभाग किसानों का पंजीकरण कर रहा जिसने वह विभागीय अनुदान का लाभ प्राप्त कर सकें और इनका रकबा बढ़े।
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घोल रहे सफेद शहद की मिठास
राज्य औद्यानिक योजना व एकीकृत बागवानी मिशन से जनपद में कुल छह यूनिट बीते वर्ष अनुदान से संचालित हो रही। लाभार्थी बागा पार नीतू सहित पांच अन्य मधुमक्खी पालन कर सफेद शहद उत्पादित कर रहीं। इसके लिए पहाड़ी क्षेत्र से विशेष प्रजाति की मधुमख्खियां मंगाकर बेहतर कमाई कर रहीं। नीतू के मुताबिक पहले साल उन्हें लगभग 60 हजार से अधिक कमाई हुई। प्रति युनिट 1.23 लाख रुपये का अनुदान प्रति यूनिट दिया गया है।
कितना अनुदान प्रावधान-
मशरूम- एक लाख रुपये प्रति युनिट।
गेंदा- 20 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर।
ड्रेगन फ्रूट- 1.62 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर।
मसाला व सब्जी- 24 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर।
गलेडियोलस- एक लाख रुपये प्रति हेक्टेयर।
जनपद में राज्य औद्यानिक व एकीकृत बागवानी से 300 हेक्टेयर में सब्जी मसाला व 30 हेक्टेयर में फूलों की खेती अनुदान देकर कराई जा रही। नये वर्ष में रकबा बढ़े इसके लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा। पंजीकरण कराने वाले किसान अनुदान पा सकेंगे।
-संजय कुमार रस्तोगी, जिला उद्यान अधिकारी
