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Maharajganj News: गड़ौरा चीनी मिल मालिक समेत तीन पर प्राथमिकी दर्ज
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मिल में गन्ने की पेराई के दौरान ओवरफ्लो हो गया था शीरा
शीरे को सुरक्षित करने के निर्देश के बावजूद मिल प्रबंधन ने नहीं की ठोस कार्रवाई
ठूठीबारी। गड़ौरा चीनी मिल में शीरा ओवरफ्लो मामले में आबकारी विभाग ने जेएचवी शुगर लिमिटेड चीनी मिल प्रबंधन के खिलाफ ठूठीबारी कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई है। जिला आबकारी अधिकारी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है।
उप आबकारी निरीक्षक प्रेम प्रकाश तिवारी के निरीक्षण में पाया गया कि मिल में गन्ने की पेराई से उत्पन्न शीरे के भंडारण के लिए चार टैंक हैं। 28 मार्च को टैंक नंबर-3 क्षमता (70,000 क्विंटल) शीरा ओवरफ्लो होकर बाहर बह रहा था। यह शीरा मिल परिसर और आसपास की सड़कों पर फैल गया था। मिल प्रबंधन ने शीरे को नियंत्रित करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। एंटी-फोमिंग का प्रयोग नहीं किया गया और न ही शीरे को ठंडा रखने की व्यवस्था थी। जांच में कूलिंग और सर्कुलेशन सिस्टम भी खराब पाए गए। आबकारी विभाग की ओर से पूर्व में कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद मिल प्रबंधन ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की।
उप आबकारी निरीक्षक ने मौके पर ही शीरे को सुरक्षित करने के निर्देश दिए थे लेकिन मिल प्रबंधन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे शीरा लगातार बहता रहा। इस संबंध में निचलौल सीओ बसंत सिंह ने बताया कि थाना ठूठीबारी में गड़ौरा चीनी मिल मालिक जवाहर लाल जायसवाल, वर्तमान जीएम और शीरा बाबू यतीन्द्र पांडेय के विरुद्ध उत्तर प्रदेश शीरा नियंत्रण अधिनियम 1964 की धारा 11/12 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 324 (4) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
वर्जन
शीरा ओवरफ्लो होने के मामले में गड़ौरा चीनी मिल मालिक समेत तीन पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। शीरा शराब निर्माण का प्रमुख कच्चा माल है। इसके अवैध भंडारण या दुरुपयोग से अवैध शराब निर्माण की आशंका रहती है। वहीं इसके नष्ट होने से राज्य सरकार को राजस्व नुकसान हुआ है। मामले में कई बार लिखा-पढ़ी के बाद भी सुधार नहीं किया जा रहा था।
-अतुल चंद्र द्विवेदी, जिला आबकारी अधिकारी
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शीरे को सुरक्षित करने के निर्देश के बावजूद मिल प्रबंधन ने नहीं की ठोस कार्रवाई
ठूठीबारी। गड़ौरा चीनी मिल में शीरा ओवरफ्लो मामले में आबकारी विभाग ने जेएचवी शुगर लिमिटेड चीनी मिल प्रबंधन के खिलाफ ठूठीबारी कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई है। जिला आबकारी अधिकारी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है।
उप आबकारी निरीक्षक प्रेम प्रकाश तिवारी के निरीक्षण में पाया गया कि मिल में गन्ने की पेराई से उत्पन्न शीरे के भंडारण के लिए चार टैंक हैं। 28 मार्च को टैंक नंबर-3 क्षमता (70,000 क्विंटल) शीरा ओवरफ्लो होकर बाहर बह रहा था। यह शीरा मिल परिसर और आसपास की सड़कों पर फैल गया था। मिल प्रबंधन ने शीरे को नियंत्रित करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। एंटी-फोमिंग का प्रयोग नहीं किया गया और न ही शीरे को ठंडा रखने की व्यवस्था थी। जांच में कूलिंग और सर्कुलेशन सिस्टम भी खराब पाए गए। आबकारी विभाग की ओर से पूर्व में कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद मिल प्रबंधन ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की।
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उप आबकारी निरीक्षक ने मौके पर ही शीरे को सुरक्षित करने के निर्देश दिए थे लेकिन मिल प्रबंधन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे शीरा लगातार बहता रहा। इस संबंध में निचलौल सीओ बसंत सिंह ने बताया कि थाना ठूठीबारी में गड़ौरा चीनी मिल मालिक जवाहर लाल जायसवाल, वर्तमान जीएम और शीरा बाबू यतीन्द्र पांडेय के विरुद्ध उत्तर प्रदेश शीरा नियंत्रण अधिनियम 1964 की धारा 11/12 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 324 (4) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
वर्जन
शीरा ओवरफ्लो होने के मामले में गड़ौरा चीनी मिल मालिक समेत तीन पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। शीरा शराब निर्माण का प्रमुख कच्चा माल है। इसके अवैध भंडारण या दुरुपयोग से अवैध शराब निर्माण की आशंका रहती है। वहीं इसके नष्ट होने से राज्य सरकार को राजस्व नुकसान हुआ है। मामले में कई बार लिखा-पढ़ी के बाद भी सुधार नहीं किया जा रहा था।
-अतुल चंद्र द्विवेदी, जिला आबकारी अधिकारी