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Maharajganj News: फर्नीचर कारोबार को मिलेगा बढ़ावा, रोजगार के मिलेंगे अवसर
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फर्नीचर कारोबार ओडीओपी में शामिल है, इसकी उत्पादन क्षमता में होगी बढ़ोतरी
जनपद में फर्नीचर कारोबार से बड़े पैमाने पर जुड़े हुए हैं लोग
महराजगंज। जिले में ओडीओपी में फर्नीचर शामिल है। बजट में ओडीओपी को भी बढ़ावा दिए जाने की घोषणा से कामगारों के साथ-साथ कारोबारी भी उत्साहित हैं। घोषणा को अमली जामा पहनाने के बाद प्रोडक्शन, ट्रेनिंग और फर्नीचर के बाजार को बढ़ावा मिलेगा। जनपद में फर्नीचर कारोबार से बड़े पैमाने पर लोग जुड़े हुए हैं।
जिले में एक जिला एक उत्पाद के तहत फर्नीचर का कारोबार चयनित है। यह कारोबार जिले में तेजी से आगे बढ़ रहा है। गुजरे वक्त में मुश्किलों से जूझ रहे कारोबारियों को लिए एक जिला एक उत्पाद योजना से काफी उम्मीदें हैं। वर्ष 2018 में पांच करोड़ से बढ़कर अब 11 करोड़ तक फर्नीचर का कारोबार पहुंच गया है। तेजी से बढ़ रहे फर्नीचर कारोबार में करीगरों काम मिलने के साथ उचित प्रोत्साहन मिल रहा है। फर्नीचर कारोबारियों को बेशकीमती लकड़ियां आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं। इस कारोबार में 6,000 से अधिक लोगों को काम मिला है। वन संपदा के मामले में महराजगंज जनपद धनी है। जिले में कुशल कारीगर है। मजबूत व टिकाऊ फर्नीचर बनाया जाता है। जनपद के फर्नीचरों की मांग देश में बड़े महानगरों में है। ग्रामोद्योग कार्यालय में हर साल 10 से 12 बेरोजगार युवकों को काष्ठ कला व्यवसाय के लिए ऋण दिया जा जाता है।
फर्नीचर कारोबारी दीपक गुप्ता ने बताया कि कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए उचित प्रोत्साहन दिया जा रहा है। जिले की पहचान फर्नीचर कारोबार से है, इससे तमाम परिवारों का गुजर-बसर हो रहा है। नक्काशी वाले फर्नीचरों की मांग ज्यादा रहती है।
जिला उद्यम केंद्र के उपायुक्त अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि जिला वन से घिरा होने के कारण विभिन्न फर्नीचर के उत्पाद के लिए उपयुक्त है। यहां विभिन्न प्रकार के फर्नीचर उत्पादों जैसे कि कुर्सी, दरवाजा, बिस्तर, सोफा, मेज इत्यादि के लिए जरूरी पेड़ आसानी से मिल जाते हैं। ओपीडीओपी के तहत फर्नीचर कारोबार आगे बढ़ रहा है। योजना के तहत पात्रों को लाभ मिल रहा है। बजट से कारोबार काफी आगे बढ़ेगा।
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जनपद में फर्नीचर कारोबार से बड़े पैमाने पर जुड़े हुए हैं लोग
महराजगंज। जिले में ओडीओपी में फर्नीचर शामिल है। बजट में ओडीओपी को भी बढ़ावा दिए जाने की घोषणा से कामगारों के साथ-साथ कारोबारी भी उत्साहित हैं। घोषणा को अमली जामा पहनाने के बाद प्रोडक्शन, ट्रेनिंग और फर्नीचर के बाजार को बढ़ावा मिलेगा। जनपद में फर्नीचर कारोबार से बड़े पैमाने पर लोग जुड़े हुए हैं।
जिले में एक जिला एक उत्पाद के तहत फर्नीचर का कारोबार चयनित है। यह कारोबार जिले में तेजी से आगे बढ़ रहा है। गुजरे वक्त में मुश्किलों से जूझ रहे कारोबारियों को लिए एक जिला एक उत्पाद योजना से काफी उम्मीदें हैं। वर्ष 2018 में पांच करोड़ से बढ़कर अब 11 करोड़ तक फर्नीचर का कारोबार पहुंच गया है। तेजी से बढ़ रहे फर्नीचर कारोबार में करीगरों काम मिलने के साथ उचित प्रोत्साहन मिल रहा है। फर्नीचर कारोबारियों को बेशकीमती लकड़ियां आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं। इस कारोबार में 6,000 से अधिक लोगों को काम मिला है। वन संपदा के मामले में महराजगंज जनपद धनी है। जिले में कुशल कारीगर है। मजबूत व टिकाऊ फर्नीचर बनाया जाता है। जनपद के फर्नीचरों की मांग देश में बड़े महानगरों में है। ग्रामोद्योग कार्यालय में हर साल 10 से 12 बेरोजगार युवकों को काष्ठ कला व्यवसाय के लिए ऋण दिया जा जाता है।
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फर्नीचर कारोबारी दीपक गुप्ता ने बताया कि कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए उचित प्रोत्साहन दिया जा रहा है। जिले की पहचान फर्नीचर कारोबार से है, इससे तमाम परिवारों का गुजर-बसर हो रहा है। नक्काशी वाले फर्नीचरों की मांग ज्यादा रहती है।
जिला उद्यम केंद्र के उपायुक्त अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि जिला वन से घिरा होने के कारण विभिन्न फर्नीचर के उत्पाद के लिए उपयुक्त है। यहां विभिन्न प्रकार के फर्नीचर उत्पादों जैसे कि कुर्सी, दरवाजा, बिस्तर, सोफा, मेज इत्यादि के लिए जरूरी पेड़ आसानी से मिल जाते हैं। ओपीडीओपी के तहत फर्नीचर कारोबार आगे बढ़ रहा है। योजना के तहत पात्रों को लाभ मिल रहा है। बजट से कारोबार काफी आगे बढ़ेगा।
