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आरोग्य मेला : शहर के पीएचसी पर नहीं मिले डॉक्टर, निराश लौटे मरीज
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शहर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं पहुंचे चिकित्सक, शहर के पीएचसी में डॉक्टर के कमरे में बैठकर काम निपटाते दिखे कर्मी
मौजूदा डॉक्टर ने दे दिया है इस्तीफा, संबद्ध किए गए डॉक्टर ने नहीं किया है ज्वाइन
महराजगंंज। जिले के 41 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान 1597 मरीजों के सेहत की जांच की गई। इनमें 687 पुरुष, 768 महिला और 142 बच्चे शामिल रहे। वहीं शहर के नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की कुर्सी खाली रही।
जानकारी के अनुसार, पूर्वाह्न 11:20 बजे नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर फार्मासिस्ट हरिकेश, स्टाफ नर्स शिल्पा, सुमन और प्रशांत, एलटी और चतुर्थ क्षेणी कर्मचारी डॉक्टर के कक्ष में बैठकर काम निपटाते दिखे। फार्मासिस्ट ने बताया कि यहां तैनात डॉक्टर ने इस्तीफा दे दिया है। वहीं एक चिकित्सक को संबद्ध किया गया है लेकिन वह अभी आए नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि अब तक 17 मरीज आए हैं। दवा काउंटर के अलावा पर्ची काउंटर भी खाली रहा। बाहर बेंच पर चिउरहां की अमीरुन निशा बैठी दिखाई दीं। उन्होंने बताया कि वह अपनी गर्भवती बहू को दिखाने आई हैं लेकिन यहां तो कोई चिकित्सक ही नहीं है। वहीं बगल में जयराम बैठे थे। वह अपनी बेटी को दिखाने आए थे। उन्होंने कहा कि यहां तो कोई डॉक्टर ही नहीं दिखाई दे रहा है। ऐसे में मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा।
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निचलौल प्रतिनिधि के अनुसार गड़ौरा, बजही और जहदा के प्राथमिक स्वास्थ्य इकाई पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में 96 मरीजों का उपचार हुआ। प्रभारी अधीक्षक डॉ. उमेश चन्द ने बताया कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके नजदीक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नियमित रूप से ऐसे आयोजन किए जा रहे हैं। गड़ौरा पीएचसी में 36, बजही पीएचसी में 28 और जहदा पीएचसी में 32 मरीजों का पंजीकरण हुआ।
गड़ौरा पीएचसी में 21 मरीज मौसमी बीमारियों जैसे बुखार, खांसी और पेट संबंधी समस्याओं से पीड़ित पाए गए जबकि 15 मरीजों में चर्म रोग, मधुमेह और उच्च रक्तचाप की शिकायत मिली। बजही पीएचसी में पहुंचे अधिकांश मरीज शुगर, बीपी, चर्म रोग और वायरल बुखार से संबंधित समस्याओं से ग्रसित थे। वहीं जहदा पीएचसी में पेट दर्द, बच्चों और महिलाओं में चर्म रोग सहित सामान्य बीमारियों के मरीज उपचार के लिए पहुंचे।
गड़ौरा पीएचसी पर डॉ. संदीप कुमार कसौधन एवं फार्मासिस्ट सत्य प्रकाश चौबे, बजही पीएचसी पर सीएचसी निचलौल के अधिक्षक डॉ उमेश चन्द, डॉ. अनिरुद्ध सौरभ हरिजन, मधुवेन्द्र तिवारी एवं एएनएम मंजू मौर्या तथा जहदा पीएचसी पर डॉ. राकेश कुमार, सिराजुद्दीन खान, रागिनी पटेल सहित स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
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मौजूदा डॉक्टर ने दे दिया है इस्तीफा, संबद्ध किए गए डॉक्टर ने नहीं किया है ज्वाइन
महराजगंंज। जिले के 41 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान 1597 मरीजों के सेहत की जांच की गई। इनमें 687 पुरुष, 768 महिला और 142 बच्चे शामिल रहे। वहीं शहर के नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की कुर्सी खाली रही।
जानकारी के अनुसार, पूर्वाह्न 11:20 बजे नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर फार्मासिस्ट हरिकेश, स्टाफ नर्स शिल्पा, सुमन और प्रशांत, एलटी और चतुर्थ क्षेणी कर्मचारी डॉक्टर के कक्ष में बैठकर काम निपटाते दिखे। फार्मासिस्ट ने बताया कि यहां तैनात डॉक्टर ने इस्तीफा दे दिया है। वहीं एक चिकित्सक को संबद्ध किया गया है लेकिन वह अभी आए नहीं हैं।
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उन्होंने बताया कि अब तक 17 मरीज आए हैं। दवा काउंटर के अलावा पर्ची काउंटर भी खाली रहा। बाहर बेंच पर चिउरहां की अमीरुन निशा बैठी दिखाई दीं। उन्होंने बताया कि वह अपनी गर्भवती बहू को दिखाने आई हैं लेकिन यहां तो कोई चिकित्सक ही नहीं है। वहीं बगल में जयराम बैठे थे। वह अपनी बेटी को दिखाने आए थे। उन्होंने कहा कि यहां तो कोई डॉक्टर ही नहीं दिखाई दे रहा है। ऐसे में मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा।
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निचलौल प्रतिनिधि के अनुसार गड़ौरा, बजही और जहदा के प्राथमिक स्वास्थ्य इकाई पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में 96 मरीजों का उपचार हुआ। प्रभारी अधीक्षक डॉ. उमेश चन्द ने बताया कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके नजदीक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नियमित रूप से ऐसे आयोजन किए जा रहे हैं। गड़ौरा पीएचसी में 36, बजही पीएचसी में 28 और जहदा पीएचसी में 32 मरीजों का पंजीकरण हुआ।
गड़ौरा पीएचसी में 21 मरीज मौसमी बीमारियों जैसे बुखार, खांसी और पेट संबंधी समस्याओं से पीड़ित पाए गए जबकि 15 मरीजों में चर्म रोग, मधुमेह और उच्च रक्तचाप की शिकायत मिली। बजही पीएचसी में पहुंचे अधिकांश मरीज शुगर, बीपी, चर्म रोग और वायरल बुखार से संबंधित समस्याओं से ग्रसित थे। वहीं जहदा पीएचसी में पेट दर्द, बच्चों और महिलाओं में चर्म रोग सहित सामान्य बीमारियों के मरीज उपचार के लिए पहुंचे।
गड़ौरा पीएचसी पर डॉ. संदीप कुमार कसौधन एवं फार्मासिस्ट सत्य प्रकाश चौबे, बजही पीएचसी पर सीएचसी निचलौल के अधिक्षक डॉ उमेश चन्द, डॉ. अनिरुद्ध सौरभ हरिजन, मधुवेन्द्र तिवारी एवं एएनएम मंजू मौर्या तथा जहदा पीएचसी पर डॉ. राकेश कुमार, सिराजुद्दीन खान, रागिनी पटेल सहित स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।