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Maharajganj News: महिला अस्पताल में खुलेगा इंटीग्रेटेड लैब, 117 जांच की मिलेगी सुविधा
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नए लैब पर खर्च होंगे एक करोड़ रुपये 25 लाख रुपये
लैब में नई जांच मशीन भी लगेगी, लोगों को जांच कराने में होगी आसानी
महराजगंज। जिला अस्पताल में मरीजों को जल्द ही इंटीग्रेटेड लैब की सुविधा मिलगी। इस नए लैब से न केवल जांच का दायरा बढ़ेगा बल्कि लोगों को 24 घंटे जांच की सुविधा मिलेगी। अगर सब कुछ समयबद्ध तरीके से हुआ तो सितंबर के आखिरी सप्ताह में नए लैब में लोगों को 117 जांच की सुविधा मिलने लगेगी।
जानकारी के अनुसार, महिला अस्पताल के चतुर्थ तल के 12 कमरे में करीब 1.25 करोड़ रुपये की लागत से नया लैब तैयार हो रहा है। लैब शुरू होने के बाद मरीजों को पहले की तुलना में अधिक जांच की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेगी। अभी जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में करीब 92 प्रकार की जांच की जा रही हैं, जबकि इंटीग्रेटेड लैब में कुल जांच की संख्या बढ़कर 117 पर पहुंच जाएगी।
यानी इस लैब में नए 25 ऐसे जांच शामिल होंगे, जिसकी सुविधा जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में अभी नहीं मिल रही है। ऐसे में मरीजों को इन जांच को कराने के लिए निजी लैब में जाकर अपनी जेब ढीली करनी पड़ती है।
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रोजाना 240 से 250 मरीजों की लैब में होगी जांच
सदर अस्पताल में रोजाना 1000 से 1200 मरीज पहुंचते हैं। इनमें से 240 से 250 मरीजों की जांच अस्पताल के मौजूदा पैथोलॉजी सेंटर में होता है। कहने को तो ये लैब भी 24 घंटे जांच के लिए है लेकिन यहां पर हर रोज दोपहर बाद दो बजे के बाद से लेकर अगली सुबह आठ बजे के बीच किसी भी प्रकार के मरीजों की जांच नहीं की जाती है। इमरजेंसी में लोगों को जांच के लिए निजी पैथोलॉजी में जेब ढीली करनी पड़ती है। इंटीग्रेटेड लैब की व्यवस्था को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है। इसमें कुछ नई मशीनों की खरीद भी होनी है।
यूरिन कल्चर से लेकर खून के थक्के तक की होगी जांच
नए इंटीग्रेटेड लैब में 25 प्रकार के नए जांच होंगे। इसमें यूरिन कल्चर से लेकर स्टूल कल्चर ( आंत में संक्रमण का पता लगाने ) की जांच की जाएगी। यहां तक पीटी-एनआर जांच की सुविधा भी मिलेगी। इसमें क्लॉटिंग की जांच होती है। इसके अलावा लैब में केमिकल के जरिए थायराइड की सटीक जांच होगी। अभी किट के जरिए थायराइड जांच की जा रही है, जिसकी सटीकता 70 प्रतिशत है। साथ ही नए जांच के तहत इंफेक्शन जांच के लिए जरूरी ब्लड कल्चर, सीरम प्रोटीन जांच के तहत होने वाला इलेक्ट्रोफोरसिस जांच की होगी। साथ ही यहां पर पस, आयरन सीरम, मैग्निशियम के जांच की सुविधा भी मिलेगी।
सीएचसी पीएचसी से भी आएगा जांच का सैंपल
यह लैब शुरु होने के बाद जिले के सभी सीएचसी पीएचसी पर अगर किसी मरीजों को विशेष जांच की जरूरत होगी तो वहां से डॉक्टर की सलाह पर लैब टेक्नीशियन से सैंपल निकलवा कर इस लैब में भेजेंगे। जांच के बाद मरीज की रिपोर्ट संबंधित सीएचसी-पीएचसी पर भेज दी जाएगी।
29 कर्मचारियों की होगी जरूरत
इंटीग्रेटेड लैब को 24 घंटे संचालित करने के लिए पैथोलॉजिस्ट एक, 14 लैब टेक्नीशियन की जरुरत होगी। इसके अलावा सात अटेंडेट, तीन स्वीपर, चार कंप्यूटर ऑपरेटर को तैनात करना होगा। अभी जिला अस्पताल के पैथॉलोजी में केवल सीनियर लैब टेक्नीशियन के अलावा दो नियमित और दो संविदा पर लैब टेक्नीशियन तैनात हैं। एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और एक कंप्यूटर ऑपरेटर की यहां पर तैनाती है।
वर्जन
महिला अस्पताल के चतुर्थ तल पर इंटीग्रेटेड लैब तैयार किया जा रहा है। लैब का ढांचा इस माह तैयार हो जाएगा तो अगले महीने जांच मशीन लग जाएगी। सितंबर के आखिरी सप्ताह से नए लैब में जांच सेवा शुरू कराने का लक्ष्य रखा गया है।
- डॉ. एके द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल
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लैब में नई जांच मशीन भी लगेगी, लोगों को जांच कराने में होगी आसानी
महराजगंज। जिला अस्पताल में मरीजों को जल्द ही इंटीग्रेटेड लैब की सुविधा मिलगी। इस नए लैब से न केवल जांच का दायरा बढ़ेगा बल्कि लोगों को 24 घंटे जांच की सुविधा मिलेगी। अगर सब कुछ समयबद्ध तरीके से हुआ तो सितंबर के आखिरी सप्ताह में नए लैब में लोगों को 117 जांच की सुविधा मिलने लगेगी।
जानकारी के अनुसार, महिला अस्पताल के चतुर्थ तल के 12 कमरे में करीब 1.25 करोड़ रुपये की लागत से नया लैब तैयार हो रहा है। लैब शुरू होने के बाद मरीजों को पहले की तुलना में अधिक जांच की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेगी। अभी जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में करीब 92 प्रकार की जांच की जा रही हैं, जबकि इंटीग्रेटेड लैब में कुल जांच की संख्या बढ़कर 117 पर पहुंच जाएगी।
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यानी इस लैब में नए 25 ऐसे जांच शामिल होंगे, जिसकी सुविधा जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में अभी नहीं मिल रही है। ऐसे में मरीजों को इन जांच को कराने के लिए निजी लैब में जाकर अपनी जेब ढीली करनी पड़ती है।
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रोजाना 240 से 250 मरीजों की लैब में होगी जांच
सदर अस्पताल में रोजाना 1000 से 1200 मरीज पहुंचते हैं। इनमें से 240 से 250 मरीजों की जांच अस्पताल के मौजूदा पैथोलॉजी सेंटर में होता है। कहने को तो ये लैब भी 24 घंटे जांच के लिए है लेकिन यहां पर हर रोज दोपहर बाद दो बजे के बाद से लेकर अगली सुबह आठ बजे के बीच किसी भी प्रकार के मरीजों की जांच नहीं की जाती है। इमरजेंसी में लोगों को जांच के लिए निजी पैथोलॉजी में जेब ढीली करनी पड़ती है। इंटीग्रेटेड लैब की व्यवस्था को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है। इसमें कुछ नई मशीनों की खरीद भी होनी है।
यूरिन कल्चर से लेकर खून के थक्के तक की होगी जांच
नए इंटीग्रेटेड लैब में 25 प्रकार के नए जांच होंगे। इसमें यूरिन कल्चर से लेकर स्टूल कल्चर ( आंत में संक्रमण का पता लगाने ) की जांच की जाएगी। यहां तक पीटी-एनआर जांच की सुविधा भी मिलेगी। इसमें क्लॉटिंग की जांच होती है। इसके अलावा लैब में केमिकल के जरिए थायराइड की सटीक जांच होगी। अभी किट के जरिए थायराइड जांच की जा रही है, जिसकी सटीकता 70 प्रतिशत है। साथ ही नए जांच के तहत इंफेक्शन जांच के लिए जरूरी ब्लड कल्चर, सीरम प्रोटीन जांच के तहत होने वाला इलेक्ट्रोफोरसिस जांच की होगी। साथ ही यहां पर पस, आयरन सीरम, मैग्निशियम के जांच की सुविधा भी मिलेगी।
सीएचसी पीएचसी से भी आएगा जांच का सैंपल
यह लैब शुरु होने के बाद जिले के सभी सीएचसी पीएचसी पर अगर किसी मरीजों को विशेष जांच की जरूरत होगी तो वहां से डॉक्टर की सलाह पर लैब टेक्नीशियन से सैंपल निकलवा कर इस लैब में भेजेंगे। जांच के बाद मरीज की रिपोर्ट संबंधित सीएचसी-पीएचसी पर भेज दी जाएगी।
29 कर्मचारियों की होगी जरूरत
इंटीग्रेटेड लैब को 24 घंटे संचालित करने के लिए पैथोलॉजिस्ट एक, 14 लैब टेक्नीशियन की जरुरत होगी। इसके अलावा सात अटेंडेट, तीन स्वीपर, चार कंप्यूटर ऑपरेटर को तैनात करना होगा। अभी जिला अस्पताल के पैथॉलोजी में केवल सीनियर लैब टेक्नीशियन के अलावा दो नियमित और दो संविदा पर लैब टेक्नीशियन तैनात हैं। एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और एक कंप्यूटर ऑपरेटर की यहां पर तैनाती है।
वर्जन
महिला अस्पताल के चतुर्थ तल पर इंटीग्रेटेड लैब तैयार किया जा रहा है। लैब का ढांचा इस माह तैयार हो जाएगा तो अगले महीने जांच मशीन लग जाएगी। सितंबर के आखिरी सप्ताह से नए लैब में जांच सेवा शुरू कराने का लक्ष्य रखा गया है।
- डॉ. एके द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल