{"_id":"697a7925fba0d243530dacc4","slug":"khadi-craze-among-youthfashion-along-with-tradition-maharajganj-news-c-206-1-go11002-170329-2026-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: युवाओं में खादी का क्रेज...परंपरा के साथ फैशन भी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: युवाओं में खादी का क्रेज...परंपरा के साथ फैशन भी
विज्ञापन
जिला परिषद मार्केट के पास स्थित कपड़े की दुकान पर खादी कुर्ते की खरीदारी करते युवा।
विज्ञापन
कुर्ता के साथ जैकेट की मैचिंग खोज रहा यूथ
गर्मी में धूम मचाएगी स्लीवलेस व आधे बांह की कुर्ती
महराजगंज। खादी वस्त्र नहीं विचार के स्लोगन से ऊपर उठकर परंपरा के साथ फैशन का तालमेल बिठा रहा है। मौजूदा समय के खादी वस्त्रों की रेंज में यूथ जहां कुर्ता के साथ जैकेट की मैचिंग तलाश रहे हैं वहीं युवतियां गर्मी की तैयारी के लिए स्लीवलेस व हाफ बाजू वाली कुर्सियां पसंद कर रही हैं। गर्मी को निकट देखकर यह माना जा रहा कि गर्मी के लिहाज से यह कपड़े वोकल फॉर लोकल की अवधारणा को मजबूत कर खादी के बाजार को मजबूती देंगे।
खादी कपड़ों का क्रेज मौजूदा समय में बढ़ा है। खादी ग्रामोद्योग अधिकारी रामचंद्र प्रसाद ने बताया कि इन दिनों माघ मेला प्रयाग में इसकी ब्रांडिंग कर पूरे देश में खादी की बिक्री को मजबूत करने की कवायद चल रही है। यह कवायद 15 फरवरी तक जारी रहेगी। वोकल फॉर लोकल ने भी इसे धार देने की तरह काम किया है। जिला मुख्यालय पर जिला परिषद में खादी कपड़ों का शोरूम संचालित करने वाले विशंभर ने बताया कि मौजूदा समय में खादी देश का नामी ब्रांड बन चुका है। इन दिनों यूथ में भी इसका क्रेज बढ़ा है जिसके कारण युवा आकर्षक मॉडल व रंग वाले कुर्ता व सदरी (जैकेट) की मैचिंग इन दिनों अधिक बिक्री है।
युवा अगर खादी का कुर्ता अगर सफेद लेते हैं तो पक्का लाल या स्लेटी कलर की सदरी की मैचिंग खरीद रहे हैं। आने वाले माह से सहालग शुरू हो रहे हैं। इनमें कुर्ता व जैकेट के अधिक बिक्री का अनुमान है। कुर्ते में शॉर्ट व लांग दोनों की खरीदारी युवा पसंद के मुताबिक कर रहे हैं। अब तक सर्दी के चलते खादी के मोटे कुर्ते पसंद बने हुए थे लेकिन अब हल्के खादी के कुर्ते भी लोग पसंद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सदरी व लांग कुर्ते की रेंज 1500 से शुरू होकर 5000 तक हैं। वहीं हल्के खादी कुर्ते शॉर्ट जैकेट के साथ एक हजार की रेंज में बिक रहे। आने वाला समय गर्मी का है जिसे देखते हुए स्लीवलेस व हाफ बांह वाली कुर्तियां आई हैं जिनका मूल्य 700 रुपये से 3000 रुपये तक है। अगले माह से इन कुर्सियों की बिक्री शुरू होगी यह अनुमान है।
खुद ही ब्रांड है खादी
मुख्यालय निवासी एडवोकेट आलोक मिश्रा और छात्र अंकुर मणि ने बताया कि खादी आज देश का सबसे बड़ा ब्रांड बन चुका है। खादी के कपड़े परंपरागत तरीकों से आधुनिक फैशन के मुताबिक तैयार हो रहे हैं। अब युवाओं की पहली पसंद खादी के कुर्ते व सदरी है। खादी कुर्ता यूथ जींस के साथ पहनना काफी कंफर्टेबल मान रहे हैं। यह मैचिंग उन्हें शानदार लुक देकर भीड़ में अलग करती है।
Trending Videos
गर्मी में धूम मचाएगी स्लीवलेस व आधे बांह की कुर्ती
महराजगंज। खादी वस्त्र नहीं विचार के स्लोगन से ऊपर उठकर परंपरा के साथ फैशन का तालमेल बिठा रहा है। मौजूदा समय के खादी वस्त्रों की रेंज में यूथ जहां कुर्ता के साथ जैकेट की मैचिंग तलाश रहे हैं वहीं युवतियां गर्मी की तैयारी के लिए स्लीवलेस व हाफ बाजू वाली कुर्सियां पसंद कर रही हैं। गर्मी को निकट देखकर यह माना जा रहा कि गर्मी के लिहाज से यह कपड़े वोकल फॉर लोकल की अवधारणा को मजबूत कर खादी के बाजार को मजबूती देंगे।
खादी कपड़ों का क्रेज मौजूदा समय में बढ़ा है। खादी ग्रामोद्योग अधिकारी रामचंद्र प्रसाद ने बताया कि इन दिनों माघ मेला प्रयाग में इसकी ब्रांडिंग कर पूरे देश में खादी की बिक्री को मजबूत करने की कवायद चल रही है। यह कवायद 15 फरवरी तक जारी रहेगी। वोकल फॉर लोकल ने भी इसे धार देने की तरह काम किया है। जिला मुख्यालय पर जिला परिषद में खादी कपड़ों का शोरूम संचालित करने वाले विशंभर ने बताया कि मौजूदा समय में खादी देश का नामी ब्रांड बन चुका है। इन दिनों यूथ में भी इसका क्रेज बढ़ा है जिसके कारण युवा आकर्षक मॉडल व रंग वाले कुर्ता व सदरी (जैकेट) की मैचिंग इन दिनों अधिक बिक्री है।
विज्ञापन
विज्ञापन
युवा अगर खादी का कुर्ता अगर सफेद लेते हैं तो पक्का लाल या स्लेटी कलर की सदरी की मैचिंग खरीद रहे हैं। आने वाले माह से सहालग शुरू हो रहे हैं। इनमें कुर्ता व जैकेट के अधिक बिक्री का अनुमान है। कुर्ते में शॉर्ट व लांग दोनों की खरीदारी युवा पसंद के मुताबिक कर रहे हैं। अब तक सर्दी के चलते खादी के मोटे कुर्ते पसंद बने हुए थे लेकिन अब हल्के खादी के कुर्ते भी लोग पसंद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सदरी व लांग कुर्ते की रेंज 1500 से शुरू होकर 5000 तक हैं। वहीं हल्के खादी कुर्ते शॉर्ट जैकेट के साथ एक हजार की रेंज में बिक रहे। आने वाला समय गर्मी का है जिसे देखते हुए स्लीवलेस व हाफ बांह वाली कुर्तियां आई हैं जिनका मूल्य 700 रुपये से 3000 रुपये तक है। अगले माह से इन कुर्सियों की बिक्री शुरू होगी यह अनुमान है।
खुद ही ब्रांड है खादी
मुख्यालय निवासी एडवोकेट आलोक मिश्रा और छात्र अंकुर मणि ने बताया कि खादी आज देश का सबसे बड़ा ब्रांड बन चुका है। खादी के कपड़े परंपरागत तरीकों से आधुनिक फैशन के मुताबिक तैयार हो रहे हैं। अब युवाओं की पहली पसंद खादी के कुर्ते व सदरी है। खादी कुर्ता यूथ जींस के साथ पहनना काफी कंफर्टेबल मान रहे हैं। यह मैचिंग उन्हें शानदार लुक देकर भीड़ में अलग करती है।
