सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Man arrested for allegedly defrauding five youths under the pretext of sending them to New Zealand.

Maharajganj News: न्यूजीलैंड भेजने का झांसा देकर पांच युवकों को ठगने का आरोपी गिरफ्तार

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jun 2026 01:38 AM IST
विज्ञापन
Man arrested for allegedly defrauding five youths under the pretext of sending them to New Zealand.
विज्ञापन
न्यूजीलैंड भेजने का झांसा देकर एक व्यक्ति ने पांच लोगों से ठग लिए थे 7.9 लाख रुपये

खुद को सेवायोजन विभाग का कर्मचारी बताता था आरोपी
महराजगंज/मिठौरा। खुद को सरकारी कर्मचारी बता पांच युवकों को न्यूजीलैंड में भेजने के नाम पर ठगी करने के आरोपी को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया गया। उसके खिलाफ आवश्यक विधिक कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को पांच युवकों से न्यूजीलैंड न्यूजीलैंड भेजने के नाम पर 7.90 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया था। आरोपी हारून ने रोजगार के झांसा देकर प्रत्येक से 1.58 लाख रुपये ले लिए थे। आरोपी हारून को पुलिस ने गिरफ्तार कर मंगलवार को न्यायालय में पेश किया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पीड़ितों की आपबीती पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बताया जा रहा है कि आरोपी ने स्वयं को सेवायोजन विभाग का कर्मचारी बताकर न्यूजीलैंड भेजने का भरोसा दिलाया था। उसकी बातों में आकर पांच युवकों ने अपनी मेहनत की कमाई, कर्ज और जमीन गिरवी रखकर लाखों रुपये दे दिए। बेरोजगार युवकों को अपने साथ ठगी होने का एहसास तब हुआ, जब उन्हें न तो वीजा मिला और न विदेश भेजे जाने की कोई प्रक्रिया आगे बढ़ी।
विज्ञापन

पीड़ितों का आरोप है कि आरोपी खुद को सरकारी कर्मचारी बताता था और कथित पहचान पत्र दिखाकर लोगों का विश्वास जीत लेता था। इसी भरोसे में आकर युवकों ने लाखों रुपये उसे दे दिए। बाद में जब उन्होंने सेवायोजन कार्यालय में जानकारी की, तो पता चला कि उसके नाम का कोई कर्मचारी वहां कार्यरत ही नहीं है। मामले में तहरीर मिलने के बाद सिंदुरिया पुलिस ने जांच शुरू की थी। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी हारून को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की विधिक कार्रवाई की गई।
रोजगार की उम्मीद में लिए कर्ज, गहने तक गिरवी रखे
बढ़ती बेरोजगारी के बीच रोजगार दिलाने के नाम पर ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। जनपद में पिछले एक सप्ताह में विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर तीन बड़े मामले सामने आ चुके हैं। रविवार को न्यूजीलैंड भेजने के नाम पर पांच युवकों से 7.9 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया। पता चला है कि ठग रुपये देने के लिए ब्याज पर कर्ज लिए थे और परिवार के गहने तक गिरवी रख दिए थे।
पीड़ितों ने बताया था कि करीब पांच माह पूर्व उनकी मुलाकात भिटौली थाना क्षेत्र के बभनौली निवासी हारून नामक व्यक्ति से हुई थी। वह भेड़िया बाजार में एक टूर एंड ट्रैवल्स की दुकान संचालित करता था। आरोप है कि उसने स्वयं को सेवायोजन विभाग का कर्मचारी बताते हुए एक पहचान पत्र भी दिखाया और विदेश भेजने का दावा किया। उसकी बातों पर भरोसा कर संजीव प्रजापति, मनीष चौरसिया, जीबरैल अली, सिराजुद्दीन अंसारी तथा प्रमोद विश्वकर्मा ने अलग-अलग माध्यमों से लगभग 1.58 लाख रुपये प्रति व्यक्ति उसके पास में जमा कर दिए थे।
पीड़ित संजीव प्रजापति ने बताया कि विदेश जाकर रोजगार पाने की उम्मीद में उन्होंने 1.03 लाख रुपये का गोल्ड लोन कराया था। इसके अलावा बेंगलूरू में पेंटिंग का काम करके वर्षों में जो बचत की थी, उसे भी जोड़कर आरोपी को रकम दी थी। संजीव के अनुसार आरोपी 75 हजार रुपये नकद दिए गए थे, जबकि शेष धनराशि ऑनलाइन ट्रांसफर की थी।
मनीष कुमार ने बताया कि उसने पूरे 1.58 लाख रुपये ब्याज पर उधार लिए हैं। इस रकम पर उन्हें हर महीने चार प्रतिशत ब्याज देना पड़ रहा है। मनीष का कहना है कि विदेश जाने की उम्मीद में लिया गया कर्ज अब उनके परिवार के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गया है।
तीसरे पीड़ित जिबरैल अली ने बताया कि कुछ रकम उन्होंने अपने मामा से उधार लिया। वहीं कुछ पैसे उनके पिता ने इधर-उधर से व्यवस्था करके दिए और बाकी उनकी खुद की जमा पूंजी थी। उन्होंने कहा कि परिवार ने बेहतर भविष्य की उम्मीद में सारी बचत लगा दी लेकिन बदले में धोखा मिला।
सिराजुद्दीन अंसारी ने बताया कि एक लाख रुपये जुटाने के लिए खेत बंधक रखना पड़ा, जबकि बाकी 58 हजार रुपये 5 प्रतिशत मासिक ब्याज पर उधार लिए गए। अब विदेश जाने का सपना टूट चुका है, लेकिन कर्ज और ब्याज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।
बढ़ती ठगी पर बड़ा सवाल
हाल के महीनों में नौकरी, विदेश भेजने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर ठगी के कई मामले सामने आए हैं। कुछ दिन पहले ही सरकारी कर्मचारी बनकर नौकरी दिलाने का झांसा देने वाले गिरोह का भी खुलासा हुआ था। ऐसे में यह मामला एक बार फिर बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाने वाले जालसाजों के नेटवर्क पर सवाल खड़े कर रहा है। विदेश में बेहतर भविष्य का सपना देखने वाले इन युवकों ने अपनी जमा पूंजी, जेवर, खेत और उधार के पैसे तक दांव पर लगा दिए। आरोपी की गिरफ्तारी से उन्हें न्याय की उम्मीद जरूर जगी है लेकिन लाखों रुपये और टूटे सपनों की भरपाई अभी भी सबसे बड़ा सवाल बनी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed