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Maharajganj News: कैंसर जैसे गंभीर रोग की दवाएं मिल सकेंगी सस्ती
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गंभीर रोगों के उपचार में लोगों की बिक जाती हैं जमीन
महराजगंज। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की दवाओं से कस्टम ड्यूटी घटाकर मध्यम वर्ग को साधने का प्रयास किया गया है। एक तरह से उन्हें आयुष्मान सरीखी सहूलियत दी गई है। कैंसर का इलाज काफी महंगा होता है। कई लोगों को इलाज के लिए जमीन तक बेचना पड़ जाता है। ऐसे में दवाएं सस्ती होने से लोगों को राहत मिलेगी।
शास्त्री नगर के सुमित कुमार वर्मा ने कहा कि गंभीर बीमारी होने की दशा में उपचार कराना महंगा पड़ता था। 35 से अधिक जीवन रक्षक दवाओं के आयात पर बेसिक कस्टम ड्यूटी खत्म की गई है। मध्यमवर्गीय परिवार भी गंभीर रोगों के उपचार के लिए कदम बढ़ा सकेंगे।
खेमपिपरा के पं. रत्नेश पांडेय ने बताया कि कैंसर सहित अन्य गंभीर रोगों की दवा पर जीएसटी जो 12 फीसदी थी वह घटाकर शून्य कर दी गई है। ऐसे में देश में बनने वाली दवा गंभीर रोगियों के लिए उत्पादन मूल्य पर मिलना एक तरह से आयुष्मान योजना जैसी सहूलियत है।
डा. विपिन कुमार चौधरी ने बताया कि पुरानी या गंभीर बीमारियों (क्रोनिक डिजीज) के मरीजों को अब महंगी दवाओं से राहत मिलेगी। गोविन्द वर्मा ने बताया कि गंभीर रोगों के लिए रोगी सहायता कार्यक्रम का प्रावधान हुआ है। इसके तहत अतिरिक्त दवाओं की उपलब्धता से मध्यम वर्ग के जेब पर इलाज का बोझ घटेगा। पहले गंभीर रोगों का उपचार व दवा खरीदने में घर द्वार बिक जाते थे। इस तरह के प्रावधान से राहत मिलेगी।
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महराजगंज। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की दवाओं से कस्टम ड्यूटी घटाकर मध्यम वर्ग को साधने का प्रयास किया गया है। एक तरह से उन्हें आयुष्मान सरीखी सहूलियत दी गई है। कैंसर का इलाज काफी महंगा होता है। कई लोगों को इलाज के लिए जमीन तक बेचना पड़ जाता है। ऐसे में दवाएं सस्ती होने से लोगों को राहत मिलेगी।
शास्त्री नगर के सुमित कुमार वर्मा ने कहा कि गंभीर बीमारी होने की दशा में उपचार कराना महंगा पड़ता था। 35 से अधिक जीवन रक्षक दवाओं के आयात पर बेसिक कस्टम ड्यूटी खत्म की गई है। मध्यमवर्गीय परिवार भी गंभीर रोगों के उपचार के लिए कदम बढ़ा सकेंगे।
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खेमपिपरा के पं. रत्नेश पांडेय ने बताया कि कैंसर सहित अन्य गंभीर रोगों की दवा पर जीएसटी जो 12 फीसदी थी वह घटाकर शून्य कर दी गई है। ऐसे में देश में बनने वाली दवा गंभीर रोगियों के लिए उत्पादन मूल्य पर मिलना एक तरह से आयुष्मान योजना जैसी सहूलियत है।
डा. विपिन कुमार चौधरी ने बताया कि पुरानी या गंभीर बीमारियों (क्रोनिक डिजीज) के मरीजों को अब महंगी दवाओं से राहत मिलेगी। गोविन्द वर्मा ने बताया कि गंभीर रोगों के लिए रोगी सहायता कार्यक्रम का प्रावधान हुआ है। इसके तहत अतिरिक्त दवाओं की उपलब्धता से मध्यम वर्ग के जेब पर इलाज का बोझ घटेगा। पहले गंभीर रोगों का उपचार व दवा खरीदने में घर द्वार बिक जाते थे। इस तरह के प्रावधान से राहत मिलेगी।
