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Maharajganj News: 108 गांवों की व्यवस्था संभालने वाले निचलौल सीएचसी में नहीं है अल्ट्रासाउंड की सुविधा
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सीएचसी निचलौल में अल्ट्रासाउंड मशीन का अभाव, मरीज निजी सेंटरों पर जाने को मजबूर
महीने में केवल चार दिन गर्भवती महिलाओं को मिलती है निशुल्क जांच की सुविधा
महराजगंज। जनपद के सबसे बड़े विकास खंडों में शामिल निचलौल ब्लॉक के 108 गांवों की स्वास्थ्य सेवाओं का जिम्मा संभालने वाले सीएचसी निचलौल में अल्ट्रासाउंड मशीन की व्यवस्था नहीं है। इसकी वजह से मरीजों को निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों में जेब ढीली करनी पड़ती है। इससे मरीजों को काफी परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है।
जानकारी के अनुसार, सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण पेट, किडनी, लिवर और अन्य गंभीर बीमारियों से संबंधित जांच कराने वाले मरीजों को निजी केंद्रों पर जाना पड़ता है, जहां उनसे मनमाना शुल्क वसूला जाता है। गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च बड़ी समस्या बन गया है।
गर्भवती महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह 1, 9, 16 और 24 तारीख को सरकारी व्यवस्था से नामित निजी केंद्रों पर निशुल्क अल्ट्रासाउंड कराया जाता है, लेकिन अन्य मरीजों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को बहला-फुसलाकर निजी अस्पतालों में भर्ती करा लिया जाता है, जहां उनसे भारी रकम वसूली जाती है। इससे मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर भी खतरा उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है।
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सीएचसी से जुड़े हैं तीन पीएचसी
निचलौल सीएचसी के अंतर्गत पीएचसी जहदा, बजही और गड़ौरा संचालित हैं। इसके अलावा ठूठीबारी में नवीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था भी निचलौल अधीक्षक के अधीन है। इतने बड़े क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के बावजूद अल्ट्रासाउंड जैसी मूलभूत जांच सुविधा का अभाव लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। क्षेत्रीय लोग सीएचसी में स्थायी अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करने की मांग कर रहे हैं।
वर्जन
गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड के लिए नगर के कई केंद्र नामित हैं, जहां सरकारी खर्च पर जांच कराई जाती है। अस्पताल में पैथोलॉजी की सुविधा उपलब्ध है और विभिन्न जांचें निशुल्क कराई जाती हैं। सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन लगाने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
- डॉ. उमेश चंद, सीएचसी अधीक्षक
महीने में केवल चार दिन गर्भवती महिलाओं को मिलती है निशुल्क जांच की सुविधा
महराजगंज। जनपद के सबसे बड़े विकास खंडों में शामिल निचलौल ब्लॉक के 108 गांवों की स्वास्थ्य सेवाओं का जिम्मा संभालने वाले सीएचसी निचलौल में अल्ट्रासाउंड मशीन की व्यवस्था नहीं है। इसकी वजह से मरीजों को निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों में जेब ढीली करनी पड़ती है। इससे मरीजों को काफी परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है।
जानकारी के अनुसार, सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण पेट, किडनी, लिवर और अन्य गंभीर बीमारियों से संबंधित जांच कराने वाले मरीजों को निजी केंद्रों पर जाना पड़ता है, जहां उनसे मनमाना शुल्क वसूला जाता है। गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च बड़ी समस्या बन गया है।
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गर्भवती महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह 1, 9, 16 और 24 तारीख को सरकारी व्यवस्था से नामित निजी केंद्रों पर निशुल्क अल्ट्रासाउंड कराया जाता है, लेकिन अन्य मरीजों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को बहला-फुसलाकर निजी अस्पतालों में भर्ती करा लिया जाता है, जहां उनसे भारी रकम वसूली जाती है। इससे मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर भी खतरा उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है।
सीएचसी से जुड़े हैं तीन पीएचसी
निचलौल सीएचसी के अंतर्गत पीएचसी जहदा, बजही और गड़ौरा संचालित हैं। इसके अलावा ठूठीबारी में नवीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था भी निचलौल अधीक्षक के अधीन है। इतने बड़े क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के बावजूद अल्ट्रासाउंड जैसी मूलभूत जांच सुविधा का अभाव लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। क्षेत्रीय लोग सीएचसी में स्थायी अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करने की मांग कर रहे हैं।
वर्जन
गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड के लिए नगर के कई केंद्र नामित हैं, जहां सरकारी खर्च पर जांच कराई जाती है। अस्पताल में पैथोलॉजी की सुविधा उपलब्ध है और विभिन्न जांचें निशुल्क कराई जाती हैं। सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन लगाने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
- डॉ. उमेश चंद, सीएचसी अधीक्षक