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Maharajganj News: क्रय केंद्रों पर बोरा नहीं, गेहूं बिक्री करने पहुंचे किसान लौट रहे निराश

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 08 Apr 2026 02:23 AM IST
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No sacks at the procurement centers, farmers who came to sell wheat are returning disappointed
फोटो कैप्शन : नौतनवा स्थित क्रय केंद्र पर खरीद न होने के कारण खुले में रखा गेहूं।  
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बोरे की कमी बता केंद्र सचिवों ने फसल खरीदने से किया मना
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खरीद नहीं होने के कारण समिति के बाहर ही लावारिस रखी पड़ी हैं कुछ किसानों की फसलें

सरकार का फरमान बेअसर, आठ दिनों में खरीद केंद्रों पर नहीं की गई गेहूं की खरीद



नौतनवा। प्रदेश के क्रय केंद्रों पर 30 मार्च से गेहूं खरीदने का शासनादेश जारी होने के बावजूद छह अप्रैल तक नौतनवा क्षेत्र के तमाम क्रय केंद्रों पर अभी तक इसकी शुरुआत नहीं की जा सकी है। खरीद शुरू होने के आठ दिनों के बाद भी केंद्रों पर गेहूं की बिक्री के लिए पहुंचे किसान निराश लौट रहे हैं।

विभागीय जिम्मेदार कहने को तो सरकारी फरमान पर अमल की बात कह रहे हैं लेकिन गेहूं खरीद के मामले में उनके दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खा रहे हैं। जिम्मेदारों की सक्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पीसीएफ के अधीन संचालित क्षेत्र के अधिकांश केंद्रों पर मुट्ठी भर गेहूं की भी खरीद नहीं हो सकी है। वहीं फसल सुरक्षित करने को बोरा तक उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। लिहाजा प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में किसान अपनी फसल की बिक्री को लेकर जूझ रहे हैं। खरीद न हो पाने के कारण कुछ किसानों की फसलें समिति के बाहर ही लावारिस रखी पड़ी हैं, जिससे लोगों में आक्रोश का माहौल है।
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किसान बबुन्ना निवासी लोधसी का कहना है कि वह पंजीकरण कराने के बाद क्रय केंद्र पर गेहूं की बिक्री करने को पहुंचे थे। सचिव ने जिले से बोरा न आने की बात कहकर खरीद करने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि खुले में गेहूं रखा हुआ है यदि अचानक बारिश हुई तो पूरी मेहनत बर्बाद हो जाएगी। काश्तकार उमेश पाठक निवासी बरवाभोज का कहना है कि जिम्मेदार पहले क्रय केंद्र पर फसल बेचने की अपील करते हैं और जब किसान बेचने जाए तो वहां समय बर्बाद किया जाता है। हर सीजन में प्रशासनिक अधिकारियों की मनमानी के कारण किसानों को ही परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

सहकारी क्रय विक्रय समिति के सभापति सतीश त्रिपाठी का कहना है कि सरकार की मंशा किसानों हित साधना है। गैरजिम्मेदार अधिकारी ही दुर्दशा फैलाए हुए हैं। बोरे की कमी बताकर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया जाना उचित नहीं है। इनकी शिकायत की जाएगी।



वर्जन

क्रय केंद्र पहुंचने वाले किसानों को किसी तरह की समस्या का सामना न करने पड़े इसके लिए विभागीय स्तर से हर प्रयास किए जा रहे हैं। नौतनवा क्षेत्र में बोरा न पहुंचने की समस्या का संबंधित संस्था के जिम्मेदार से वार्ता कर जल्दी ही समाधान कराया जाएगा।



- विवेक सिंह, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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