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Maharajganj News: रेलवे क्राॅसिंग बंद, अंडरपास में जलभराव से बढ़ी मुसीबत
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 25 Jun 2026 02:19 AM IST
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सिद्धार्थनगर। रेलवे क्राॅसिंग बंद कर बनाए गए अंडरपास लोगों को राहत देने के बजाए उनके लिए मुसीबत का सबब बनते जा रहे हैं। अंडरपास बनने के बाद ट्रेन गुजरने के दौरान रुकने के झंझट से आजादी की आस लगाए लोगों को रिसाव होने की वजह से हो रहे जलभराव के बीच होकर आवागमन करना पड़ रहा है।
दो दिन पहले हुई बारिश में महरिया, महदेवा लाला और भीमापार समेत शोहरतगढ़ के औदहीकला में बने अंडरपास में जलभराव हो गया, जिससे यहां से गुजरने के दौरान वाहन चालकों को दुश्वारियां झेलनी पड़ीं।
जिले से होकर गुजरने वाली गोरखपुर गोंडा रेलवे ट्रैक के बड़ी लाइन में परिवर्तन होने के साथ ही रेलवे क्रासिंग बंद कर अंडरपास का निर्माण कराया गया है। इनमें प्रत्येक रेलवे अंडरपास के निर्माण पर विभाग ने छह करोड़ से अधिक धनराशि खर्च की है।
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इन सभी अंडरपास के दोनों तरफ पहुंच मार्ग और छाजन के निर्माण के साथ ही रेल लाइन के नीचे अंडरपास के पाकेट की चौड़ाई 5.5 मीटर और ऊंचाई 3.6 मीटर है। इनके निर्माण से लोगों को आवागमन में सहूलियत की उम्मीद जगी है लेकिन निर्माण के साथ ही रिसाव शुरू होने से लोगों में नाराजगी है।
शहर के चर्चित भीमापार रेलवे अंडरपास में रिसाव के साथ ही महरिया ढाला पर बने अंडरपास में भी जलभराव हो रहा है। इसके आगे अहिरौली स्टेशन के पास महदेवा लाला में बने अंडरपास व बढ़नी के निकट औदहीकला अंडरपास में भी बारिश के बाद जलभराव हो जाता है। दो दिन पहले हुई बारिश के दौरान इन रेलवे अंडरपास में जलभराव होने से लोगों का गुजरना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुविधा के लिए बना अंडरपास अब मुसीबत बनता जा रहा है।
साथ ही रिसाव होने से हादसे का भी अंदेशा रहता है। उन्होंने रेलवे अंडरपास का पुर्ननिर्माण कर मजबूत बनाने की मांग की ताकि रिसाव से जलभराव बंद हो और हादसे का खतरा न रहे।
तीन लाख आबादी को जोड़ते हैं चार अंडरपास : शहर के निकट भीमापार, महरिया ढाला, महदेवा लाला और औदहीकला में स्थित रेलवे अंडरपास से आसपास के सैकड़ों गांवों की तीन लाख से अधिक आबादी को आवागमन सुविधा होती है। ा
दो दिन पहले हुई बारिश में महरिया, महदेवा लाला और भीमापार समेत शोहरतगढ़ के औदहीकला में बने अंडरपास में जलभराव हो गया, जिससे यहां से गुजरने के दौरान वाहन चालकों को दुश्वारियां झेलनी पड़ीं।
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जिले से होकर गुजरने वाली गोरखपुर गोंडा रेलवे ट्रैक के बड़ी लाइन में परिवर्तन होने के साथ ही रेलवे क्रासिंग बंद कर अंडरपास का निर्माण कराया गया है। इनमें प्रत्येक रेलवे अंडरपास के निर्माण पर विभाग ने छह करोड़ से अधिक धनराशि खर्च की है।
इन सभी अंडरपास के दोनों तरफ पहुंच मार्ग और छाजन के निर्माण के साथ ही रेल लाइन के नीचे अंडरपास के पाकेट की चौड़ाई 5.5 मीटर और ऊंचाई 3.6 मीटर है। इनके निर्माण से लोगों को आवागमन में सहूलियत की उम्मीद जगी है लेकिन निर्माण के साथ ही रिसाव शुरू होने से लोगों में नाराजगी है।
शहर के चर्चित भीमापार रेलवे अंडरपास में रिसाव के साथ ही महरिया ढाला पर बने अंडरपास में भी जलभराव हो रहा है। इसके आगे अहिरौली स्टेशन के पास महदेवा लाला में बने अंडरपास व बढ़नी के निकट औदहीकला अंडरपास में भी बारिश के बाद जलभराव हो जाता है। दो दिन पहले हुई बारिश के दौरान इन रेलवे अंडरपास में जलभराव होने से लोगों का गुजरना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुविधा के लिए बना अंडरपास अब मुसीबत बनता जा रहा है।
साथ ही रिसाव होने से हादसे का भी अंदेशा रहता है। उन्होंने रेलवे अंडरपास का पुर्ननिर्माण कर मजबूत बनाने की मांग की ताकि रिसाव से जलभराव बंद हो और हादसे का खतरा न रहे।
तीन लाख आबादी को जोड़ते हैं चार अंडरपास : शहर के निकट भीमापार, महरिया ढाला, महदेवा लाला और औदहीकला में स्थित रेलवे अंडरपास से आसपास के सैकड़ों गांवों की तीन लाख से अधिक आबादी को आवागमन सुविधा होती है। ा