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Maharajganj News: अंडरपास निर्माण के लिए रास्ता बंद, 10 किमी लंबा हुआ 20 गांवों का सफर
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शिकारपुर-घुघली रूट पर रामपुर बल्डीहा में प्रगति पर अंडरपास निर्माण कार्य।
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घुघली मार्ग पर रामपुर में चल रहा अंडरपास का निर्माण, सर्विस लेन का भी इंतजाम नहीं
पहले 500 मीटर की दूरी तय करके पहुंच रहे थे घुघली-कप्तानगंज मार्ग
सर्विस लेन न बनने के कारण लोगों को हो रही समस्या
शिकारपुर। मुख्यालय से घुघली तक रेल परियोजना के तहत रामपुर में अंडरपास का निर्माण कार्य चल रहा है। इस वजह से सड़क पर गड्ढे खोदे गए हैं। यही नहीं रामपुर में सर्विस लेन का भी इंतजाम नहीं किया गया है। इस वजह से 20 ग्राम पंचायतों की 50 हजार के करीब आबादी को 10 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। हालांकि जिम्मेदारों क दावा है कि एक महीने में निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
घुघली-आनंदनगर रेल परियोजना का काम तेजी पर है। इसके पहले चरण का काम घुघली से महराजगंज के बीच जारी है। इसके तहत रेल ट्रैक बिछाने, चार हाल्ट स्टेशन निर्माण के साथ ही नहरों पर 8 छोटे पुल व 25 जगह अंडरपास का निर्माण किया जा रहा है। मौजूदा समय में घघरुआ, खड़ेसर, रामपुर बल्डीहा, पिपरा मुंडेरी, हरपुर महंत, गबड़ुआ, धरमपुर, लक्ष्मीपुर सहित कुल 10 जगहों पर अंडरपास का निर्माण किया जा रहा है।
इनमें रामपुर से बसंतपुर के बीच बनने वाले अंडरपास ने लगभग 20 ग्राम पंचायत की 50 हजार की आबादी को एक माह से मुश्किल में डाल रखा है। पहले रामपुर मोड़ से होकर इस गांव के लोग 500 मीटर की दूरी तय करके सीधे शिकारपुर-घुघली मुख्य मार्ग पर निकल जाते थे। जबसे निर्माण कार्य शुरू हुआ तबसे उक्त पंचायतों के लोगों को पुरानी मठिया, पुरानी घुघली, जखिरा, हरखी प्यासी, बेनीगंज होते हुए पटखौली घुघली-कप्तानगंज मार्ग पर निकलना पड़ रहा है। इस रास्ते से आवागमन के लिए लोगों को 10 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
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जिला मुख्यालय जाने वाले लोगों को इससे सर्वाधिक समस्या हो रही है क्योंकि उन्हें पटखौली से पहले घुघली कस्बे में दाखिल होना पड़ता है। इसके बाद वह मुख्यालय जाने वाली घुघली-शिकारपुर रोड पहुंच पाते हैं। 200 मीटर अंडरपास निर्माण कार्य प्रगति पर होने का बोर्ड सिर्फ एक जगह ही लगाया गया है। अगर कोई बाहर का व्यक्ति या ट्रांसपोर्ट का चालक बिना ध्यान दिए पुराने ढर्रे पर गया तो दुर्घटना का शिकार होना तय है। यही नहीं रात के समय तो पैदल भी अंडरपास को पार नहीं किया जा सकता है। कारण कि संकेतक नहीं लगे होने से यह समझ पाना मुश्किल है कि कहां-कहां गड्ढे खोदे गए हैं।
इस वजह से बांसपार ढेकही, परसौनी, तिवारीचक, चौक चमैनिया, कोदइला, बरवां, भिसवा, ईमिलिया, बेलवा टीकर, हरखपुरा, विद्यापति बरवा, बैरिया, सिरसिया सहित कुल 20 ग्राम पंचायतों की 50 हजार के करीब आबादी को 10 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
महत्वपूर्ण है घुघली-शिकारपुर मार्ग
गोरखपुर-महराजगंज राष्ट्रीय राजमार्ग के शिकारपुर चौराहे से घुघली के लिए सड़क निकली है। यह सड़क घुघली के बाद सिसवां बाजार को जोड़ती है। घुघली व सिसवां दोनों ब्लॉक मुख्यालय के साथ-साथ जिले के नगर निकाय भी इस सड़क से जुड़े हैं। इसी मार्ग से एक रास्ता पुरैना से कटकर चिउंटहां, निचलौल होते हुए सोनौली-नौतनवां निकल जाता है। बिना महराजगंज गए यह रूट नेपाल सीमा तक पहुंचने का बेहतर विकल्प है। इसके अलावा यह मार्ग नेबुआ नौरंगिया व कप्तानगंज के लिए भी सटीक है। दोनों ही स्थान कुशीनगर जनपद का हिस्सा हैं।
दो भाग में बंट गया है क्षेत्र
बरवा खुर्द निवासी सुग्रीव यादव, विजेंद्र पटेल और भिसवा के रामवृक्ष पटेल व अनिल का कहना है कि रेलवे लाइन के कारण यह क्षेत्र दो हिस्सों में बंट गया है। इससे किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने के लिए जान जोखिम में डालकर निर्माणाधीन रास्ते से आवागमन करना पड़ रहा है। आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी गंभीर समस्याएं होती हैं। एंबुलेंस को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे समय बर्बाद होता है।
52.70 किमी परियोजना के लिए अधिगृहित 244 हेक्टेयर भूमि
आनंदनगर-घुघली रेल परियोजना कुल 52.70 किमी की है जिसके लिए 958 करोड़ रुपये स्वीकृत है। यह परियोजना मार्च 2028 तक पूर्ण होनी है। परियोजना के लिए 244 हेक्टेयर भूमि किसानों की अधिगृहित की गई है जिसके एवज में 4.50 अरब का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। रेलवे निर्माण कार्य दो चरण में करा रहा है। पहले चरण में 25 किमी दूरी मुख्यालय से घुघली तक कार्य गतिमान है। इस दायरे में चार हाल्ट स्टेशन शिकारपुर, पिपरा मुंडेरी, परसिया बुजुर्ग व पकड़ी नौनिया में बन रहे। इसके अलावा इस दायरे के पुल व अंडरपास निर्माण के साथ रेल ट्रैक बिछाने के लिए मिट्टी पटाई कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। वहीं पुल व अंडरपास का निर्माण अगले माह पूर्ण होने की संभावना है। ट्रैक बिछाने का कार्य इस दायरे में बारिश का सीजन समाप्त होने के बाद शुरू करने की रणनीति है जिससे ट्रैक की मिट्टी बारिश में पूरी तरह बैठ जाए। पहले चरण के सभी कार्य पूर्ण होने के बाद दूसरा व अंतिम चरण महराजगंज से आनंदनगर जंक्शन के मध्य शुरू होगा जिसकी दूरी 27.70 किमी है।
स्पीकअप
रामपुर में निर्माणाधीन होने से 20 से अधिक गांव के लोग मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए 10 किमी का चक्कर लगा रहे हैं। यह समस्या एक माह से है। निर्माण कार्य जब पूरा होगा तभी हम लोगों की दुश्वारी समाप्त होगी।
-विनोद प्रजापति, भिसवां
हमारे गांव से पहले मुख्य मार्ग शिकारपुर-घुघली महज 500 मीटर की दूरी पर था। निर्माण कार्य के कारण दूरी कई गुना तक बढ़ गई है। निर्माणाधीन अंडरपास के पास संकेतक भी नहीं लगवाए गए हैं। इससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
-आदित्य कुमार सिंह, बसंतपुर
अंडरपास व पुल निर्माण कार्य प्रगति पर है। कार्य तेजी से चल रहा है। रामपुर बल्डीहा में अंडरपास निर्माण कार्य भी प्रगति पर है, यह अगले माह तक समाप्त हो जाएगा। जिसके बाद लोग पहले की तरह आवागमन कर सकेंगे। अगर निर्माण दायरे में संकेतक इत्यादि नहीं लगे हैं तो लगवाने का निर्देश दिया जाएगा। जगह न होने के कारण सर्विस लेन का निर्माण नहीं हो सका है।
-राजीव रंजन, सीनियर सेक्शन इंजीनियर (एसएसई) पूर्वोत्तर रेलवे
पहले 500 मीटर की दूरी तय करके पहुंच रहे थे घुघली-कप्तानगंज मार्ग
सर्विस लेन न बनने के कारण लोगों को हो रही समस्या
शिकारपुर। मुख्यालय से घुघली तक रेल परियोजना के तहत रामपुर में अंडरपास का निर्माण कार्य चल रहा है। इस वजह से सड़क पर गड्ढे खोदे गए हैं। यही नहीं रामपुर में सर्विस लेन का भी इंतजाम नहीं किया गया है। इस वजह से 20 ग्राम पंचायतों की 50 हजार के करीब आबादी को 10 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। हालांकि जिम्मेदारों क दावा है कि एक महीने में निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
घुघली-आनंदनगर रेल परियोजना का काम तेजी पर है। इसके पहले चरण का काम घुघली से महराजगंज के बीच जारी है। इसके तहत रेल ट्रैक बिछाने, चार हाल्ट स्टेशन निर्माण के साथ ही नहरों पर 8 छोटे पुल व 25 जगह अंडरपास का निर्माण किया जा रहा है। मौजूदा समय में घघरुआ, खड़ेसर, रामपुर बल्डीहा, पिपरा मुंडेरी, हरपुर महंत, गबड़ुआ, धरमपुर, लक्ष्मीपुर सहित कुल 10 जगहों पर अंडरपास का निर्माण किया जा रहा है।
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इनमें रामपुर से बसंतपुर के बीच बनने वाले अंडरपास ने लगभग 20 ग्राम पंचायत की 50 हजार की आबादी को एक माह से मुश्किल में डाल रखा है। पहले रामपुर मोड़ से होकर इस गांव के लोग 500 मीटर की दूरी तय करके सीधे शिकारपुर-घुघली मुख्य मार्ग पर निकल जाते थे। जबसे निर्माण कार्य शुरू हुआ तबसे उक्त पंचायतों के लोगों को पुरानी मठिया, पुरानी घुघली, जखिरा, हरखी प्यासी, बेनीगंज होते हुए पटखौली घुघली-कप्तानगंज मार्ग पर निकलना पड़ रहा है। इस रास्ते से आवागमन के लिए लोगों को 10 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
जिला मुख्यालय जाने वाले लोगों को इससे सर्वाधिक समस्या हो रही है क्योंकि उन्हें पटखौली से पहले घुघली कस्बे में दाखिल होना पड़ता है। इसके बाद वह मुख्यालय जाने वाली घुघली-शिकारपुर रोड पहुंच पाते हैं। 200 मीटर अंडरपास निर्माण कार्य प्रगति पर होने का बोर्ड सिर्फ एक जगह ही लगाया गया है। अगर कोई बाहर का व्यक्ति या ट्रांसपोर्ट का चालक बिना ध्यान दिए पुराने ढर्रे पर गया तो दुर्घटना का शिकार होना तय है। यही नहीं रात के समय तो पैदल भी अंडरपास को पार नहीं किया जा सकता है। कारण कि संकेतक नहीं लगे होने से यह समझ पाना मुश्किल है कि कहां-कहां गड्ढे खोदे गए हैं।
इस वजह से बांसपार ढेकही, परसौनी, तिवारीचक, चौक चमैनिया, कोदइला, बरवां, भिसवा, ईमिलिया, बेलवा टीकर, हरखपुरा, विद्यापति बरवा, बैरिया, सिरसिया सहित कुल 20 ग्राम पंचायतों की 50 हजार के करीब आबादी को 10 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
महत्वपूर्ण है घुघली-शिकारपुर मार्ग
गोरखपुर-महराजगंज राष्ट्रीय राजमार्ग के शिकारपुर चौराहे से घुघली के लिए सड़क निकली है। यह सड़क घुघली के बाद सिसवां बाजार को जोड़ती है। घुघली व सिसवां दोनों ब्लॉक मुख्यालय के साथ-साथ जिले के नगर निकाय भी इस सड़क से जुड़े हैं। इसी मार्ग से एक रास्ता पुरैना से कटकर चिउंटहां, निचलौल होते हुए सोनौली-नौतनवां निकल जाता है। बिना महराजगंज गए यह रूट नेपाल सीमा तक पहुंचने का बेहतर विकल्प है। इसके अलावा यह मार्ग नेबुआ नौरंगिया व कप्तानगंज के लिए भी सटीक है। दोनों ही स्थान कुशीनगर जनपद का हिस्सा हैं।
दो भाग में बंट गया है क्षेत्र
बरवा खुर्द निवासी सुग्रीव यादव, विजेंद्र पटेल और भिसवा के रामवृक्ष पटेल व अनिल का कहना है कि रेलवे लाइन के कारण यह क्षेत्र दो हिस्सों में बंट गया है। इससे किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने के लिए जान जोखिम में डालकर निर्माणाधीन रास्ते से आवागमन करना पड़ रहा है। आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी गंभीर समस्याएं होती हैं। एंबुलेंस को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे समय बर्बाद होता है।
52.70 किमी परियोजना के लिए अधिगृहित 244 हेक्टेयर भूमि
आनंदनगर-घुघली रेल परियोजना कुल 52.70 किमी की है जिसके लिए 958 करोड़ रुपये स्वीकृत है। यह परियोजना मार्च 2028 तक पूर्ण होनी है। परियोजना के लिए 244 हेक्टेयर भूमि किसानों की अधिगृहित की गई है जिसके एवज में 4.50 अरब का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। रेलवे निर्माण कार्य दो चरण में करा रहा है। पहले चरण में 25 किमी दूरी मुख्यालय से घुघली तक कार्य गतिमान है। इस दायरे में चार हाल्ट स्टेशन शिकारपुर, पिपरा मुंडेरी, परसिया बुजुर्ग व पकड़ी नौनिया में बन रहे। इसके अलावा इस दायरे के पुल व अंडरपास निर्माण के साथ रेल ट्रैक बिछाने के लिए मिट्टी पटाई कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। वहीं पुल व अंडरपास का निर्माण अगले माह पूर्ण होने की संभावना है। ट्रैक बिछाने का कार्य इस दायरे में बारिश का सीजन समाप्त होने के बाद शुरू करने की रणनीति है जिससे ट्रैक की मिट्टी बारिश में पूरी तरह बैठ जाए। पहले चरण के सभी कार्य पूर्ण होने के बाद दूसरा व अंतिम चरण महराजगंज से आनंदनगर जंक्शन के मध्य शुरू होगा जिसकी दूरी 27.70 किमी है।
स्पीकअप
रामपुर में निर्माणाधीन होने से 20 से अधिक गांव के लोग मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए 10 किमी का चक्कर लगा रहे हैं। यह समस्या एक माह से है। निर्माण कार्य जब पूरा होगा तभी हम लोगों की दुश्वारी समाप्त होगी।
-विनोद प्रजापति, भिसवां
हमारे गांव से पहले मुख्य मार्ग शिकारपुर-घुघली महज 500 मीटर की दूरी पर था। निर्माण कार्य के कारण दूरी कई गुना तक बढ़ गई है। निर्माणाधीन अंडरपास के पास संकेतक भी नहीं लगवाए गए हैं। इससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
-आदित्य कुमार सिंह, बसंतपुर
अंडरपास व पुल निर्माण कार्य प्रगति पर है। कार्य तेजी से चल रहा है। रामपुर बल्डीहा में अंडरपास निर्माण कार्य भी प्रगति पर है, यह अगले माह तक समाप्त हो जाएगा। जिसके बाद लोग पहले की तरह आवागमन कर सकेंगे। अगर निर्माण दायरे में संकेतक इत्यादि नहीं लगे हैं तो लगवाने का निर्देश दिया जाएगा। जगह न होने के कारण सर्विस लेन का निर्माण नहीं हो सका है।
-राजीव रंजन, सीनियर सेक्शन इंजीनियर (एसएसई) पूर्वोत्तर रेलवे