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Maharajganj News: लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ करें कार्रवाई
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की त्रैमासिक समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने दिए निर्देश
खाद्य प्रतिष्ठान के लिए पंजीकरण व लाइसेंस जरूरी, फूड सप्लीमेंट के नमूनों के जांच कराने के निर्देश
महराजगंज। कलक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की त्रैमासिक समीक्षा बैठक की। बैठक में खाद्य सुरक्षा, औषधि प्रशासन और प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम ने निर्देश दिया कि प्रत्येक खाद्य प्रतिष्ठान का शत-प्रतिशत पंजीकरण एवं लाइसेंस सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने फूड सप्लीमेंट के नमूनों की जांच कराने के निर्देश दिए।
जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। ऐसे व्यक्तियों एवं प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए जो लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपदवासियों को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों, प्राथमिक विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ब्लॉक में इन संस्थानों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी जांच कराई जाए, जिससे बच्चों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा सके।
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युवाओं में बढ़ते फूड सप्लीमेंट के उपयोग को देखते हुए जिलाधिकारी ने बाजार में उपलब्ध विभिन्न फूड सप्लीमेंट के नमूने संग्रहित कर उनकी प्रयोगशाला से जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मिलावटी अथवा मानकविहीन फूड सप्लीमेंट युवाओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं, इसलिए इनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा से संबंधित विभिन्न न्यायालयों में लंबित एवं निर्णीत वादों की समीक्षा करते हुए प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में न्यायालय से निर्णय प्राप्त हो चुके हैं, उनमें नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही औषधि निरीक्षक को सीमावर्ती क्षेत्रों में औषधियों की बिक्री एवं गुणवत्ता की सघन जांच करते हुए प्रवर्तन कार्रवाई बढ़ाने के निर्देश दिए।
6069 खाद्य प्रतिष्ठानों का हो चुका है पंजीकरण
बैठक में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि जनपद में अब तक कुल 1,114 खाद्य लाइसेंस तथा 6,069 खाद्य प्रतिष्ठानों का पंजीकरण किया जा चुका है। वर्ष 2025-26 में कुल 189 वाद दायर किए गए, जबकि अपर जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 201 वादों का निस्तारण करते हुए 27.62 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जून माह तक 73 वाद दायर किए गए हैं, जिनमें से 53 वादों का निस्तारण हो चुका है तथा कुल 8 लाख 6 हजार रुपये का अर्थदंड वसूल किया गया है। बैठक में अपर जिलाधिकारी, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी केके उपाध्याय, क्षेत्राधिकारी सदर अंकुर गौतम, जिला आबकारी अधिकारी अतुल द्विवेदी, जिला विद्यालय निरीक्षक पीके शर्मा, उपायुक्त उद्योग नीरज सिंह, औषधि निरीक्षक नवीन कुमार मौजूद रहे।
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खाद्य प्रतिष्ठान के लिए पंजीकरण व लाइसेंस जरूरी, फूड सप्लीमेंट के नमूनों के जांच कराने के निर्देश
महराजगंज। कलक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की त्रैमासिक समीक्षा बैठक की। बैठक में खाद्य सुरक्षा, औषधि प्रशासन और प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम ने निर्देश दिया कि प्रत्येक खाद्य प्रतिष्ठान का शत-प्रतिशत पंजीकरण एवं लाइसेंस सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने फूड सप्लीमेंट के नमूनों की जांच कराने के निर्देश दिए।
जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। ऐसे व्यक्तियों एवं प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए जो लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपदवासियों को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों, प्राथमिक विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ब्लॉक में इन संस्थानों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी जांच कराई जाए, जिससे बच्चों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा सके।
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युवाओं में बढ़ते फूड सप्लीमेंट के उपयोग को देखते हुए जिलाधिकारी ने बाजार में उपलब्ध विभिन्न फूड सप्लीमेंट के नमूने संग्रहित कर उनकी प्रयोगशाला से जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मिलावटी अथवा मानकविहीन फूड सप्लीमेंट युवाओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं, इसलिए इनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा से संबंधित विभिन्न न्यायालयों में लंबित एवं निर्णीत वादों की समीक्षा करते हुए प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में न्यायालय से निर्णय प्राप्त हो चुके हैं, उनमें नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही औषधि निरीक्षक को सीमावर्ती क्षेत्रों में औषधियों की बिक्री एवं गुणवत्ता की सघन जांच करते हुए प्रवर्तन कार्रवाई बढ़ाने के निर्देश दिए।
6069 खाद्य प्रतिष्ठानों का हो चुका है पंजीकरण
बैठक में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि जनपद में अब तक कुल 1,114 खाद्य लाइसेंस तथा 6,069 खाद्य प्रतिष्ठानों का पंजीकरण किया जा चुका है। वर्ष 2025-26 में कुल 189 वाद दायर किए गए, जबकि अपर जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 201 वादों का निस्तारण करते हुए 27.62 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जून माह तक 73 वाद दायर किए गए हैं, जिनमें से 53 वादों का निस्तारण हो चुका है तथा कुल 8 लाख 6 हजार रुपये का अर्थदंड वसूल किया गया है। बैठक में अपर जिलाधिकारी, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी केके उपाध्याय, क्षेत्राधिकारी सदर अंकुर गौतम, जिला आबकारी अधिकारी अतुल द्विवेदी, जिला विद्यालय निरीक्षक पीके शर्मा, उपायुक्त उद्योग नीरज सिंह, औषधि निरीक्षक नवीन कुमार मौजूद रहे।