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Maharajganj News: 77.51 फीसदी लोगों का बना आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट, लक्ष्य से अभी 22.49 फीसदी पीछे
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महराजगंज। जिले में आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) नंबर बनाने की प्रगति 77.51 फीसदी तक पहुंच गई है। जिला अपने लक्ष्य से अभी भी 22.49 फीसदी पीछे है।
20 सितंबर तक की रिपोर्ट के अनुसार, जिले की कुल 31,03,033 आबादी के सापेक्ष 26,37,578 आभा नंबर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले अब तक 20,44,493 आभा नंबर बनाए जा चुके हैं। हालांकि, लक्ष्य पूरा करने के लिए अभी 5,93,085 आभा नंबर और बनाने होंगे। स्वास्थ्य विभाग के सामने शेष आबादी को डिजिटल हेल्थ आईडी से जोड़ने की चुनौती बनी हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, कुल बने आभा नंबरों में से 17,49,493 ई-कवच पोर्टल के माध्यम से बनाए गए हैं, जबकि 2,95,000 आभा नंबर अन्य पोर्टल से बनाए गए हैं। इस तरह निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 77.51 फीसदी उपलब्धि हासिल हुई है। रिपोर्ट में आभा नंबर बनाने के लिए कुल जनसंख्या का 85 फीसदी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
धानी ब्लॉक लक्ष्य से आगे
ब्लॉकवार आंकड़ों पर नजर डालें तो धानी में सबसे अधिक 139.9 फीसदी उपलब्धि दर्ज की गई है। यहां निर्धारित 67,771 के लक्ष्य के मुकाबले 94,802 आभा नंबर बनाए गए हैं। निचलौल में 2,09,952 आभा नंबर बन चुके हैं, जो निर्धारित लक्ष्य का 76.6 फीसदी है। मिठौरा में 2,14,760 आभा नंबर बनाकर 88.2 फीसदी उपलब्धि हासिल की गई है। लक्ष्मीपुर में 80.5 और सिसवा में 80.4 फीसदी प्रगति दर्ज की गई है। घुघली और पनियरा में 79, महराजगंज में 76, बृजमनगंज में 73.5, परतावल में 70.3 और फरेंदा में 68.3 फीसदी उपलब्धि दर्ज हुई है। नौतनवां ब्लॉक में सबसे कम 64.5 फीसदी लक्ष्य हासिल हुआ है। यहां 2,87,972 के लक्ष्य के सापेक्ष 1,85,764 आभा नंबर बनाए गए हैं।
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सितंबर में 396 आभा नंबर बने
21 अगस्त से 20 सितंबर 2026 के बीच जिले में 396 आभा नंबर बनाने की प्रगति दर्ज की गई। यह लक्ष्य के सापेक्ष 0.8 फीसदी वृद्धि के बराबर है। इससे पहले 21 जुलाई से 20 अगस्त के बीच 1,005 आभा नंबर बनाए गए थे। आंकड़ों से स्पष्ट है कि लक्ष्य पूरा करने के लिए ब्लॉक स्तर पर आभा नंबर बनाने की रफ्तार बढ़ाने की जरूरत है। आभा नंबर के माध्यम से नागरिकों के स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में जोड़ने में मदद मिलती है। इससे मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध कराने में सुविधा हो सकती है। जिले में शेष लक्ष्य को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर पंजीकरण बढ़ाना महत्वपूर्ण होगा।
बोले अधिकारी
जिन ब्लॉकों में आभा आईडी बनाने की प्रगति कम है, वहां संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। सभी पात्र लोगों की शत-प्रतिशत आभा आईडी बनाने का लक्ष्य है। जिले में अब तक 77.51 फीसदी लोगों की आभा आईडी बनाई जा चुकी है। शेष लोगों की आईडी बनाने के लिए प्रगति तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ. केपी सिंह, डिप्टी सीएमओ
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20 सितंबर तक की रिपोर्ट के अनुसार, जिले की कुल 31,03,033 आबादी के सापेक्ष 26,37,578 आभा नंबर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले अब तक 20,44,493 आभा नंबर बनाए जा चुके हैं। हालांकि, लक्ष्य पूरा करने के लिए अभी 5,93,085 आभा नंबर और बनाने होंगे। स्वास्थ्य विभाग के सामने शेष आबादी को डिजिटल हेल्थ आईडी से जोड़ने की चुनौती बनी हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, कुल बने आभा नंबरों में से 17,49,493 ई-कवच पोर्टल के माध्यम से बनाए गए हैं, जबकि 2,95,000 आभा नंबर अन्य पोर्टल से बनाए गए हैं। इस तरह निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 77.51 फीसदी उपलब्धि हासिल हुई है। रिपोर्ट में आभा नंबर बनाने के लिए कुल जनसंख्या का 85 फीसदी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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धानी ब्लॉक लक्ष्य से आगे
ब्लॉकवार आंकड़ों पर नजर डालें तो धानी में सबसे अधिक 139.9 फीसदी उपलब्धि दर्ज की गई है। यहां निर्धारित 67,771 के लक्ष्य के मुकाबले 94,802 आभा नंबर बनाए गए हैं। निचलौल में 2,09,952 आभा नंबर बन चुके हैं, जो निर्धारित लक्ष्य का 76.6 फीसदी है। मिठौरा में 2,14,760 आभा नंबर बनाकर 88.2 फीसदी उपलब्धि हासिल की गई है। लक्ष्मीपुर में 80.5 और सिसवा में 80.4 फीसदी प्रगति दर्ज की गई है। घुघली और पनियरा में 79, महराजगंज में 76, बृजमनगंज में 73.5, परतावल में 70.3 और फरेंदा में 68.3 फीसदी उपलब्धि दर्ज हुई है। नौतनवां ब्लॉक में सबसे कम 64.5 फीसदी लक्ष्य हासिल हुआ है। यहां 2,87,972 के लक्ष्य के सापेक्ष 1,85,764 आभा नंबर बनाए गए हैं।
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सितंबर में 396 आभा नंबर बने
21 अगस्त से 20 सितंबर 2026 के बीच जिले में 396 आभा नंबर बनाने की प्रगति दर्ज की गई। यह लक्ष्य के सापेक्ष 0.8 फीसदी वृद्धि के बराबर है। इससे पहले 21 जुलाई से 20 अगस्त के बीच 1,005 आभा नंबर बनाए गए थे। आंकड़ों से स्पष्ट है कि लक्ष्य पूरा करने के लिए ब्लॉक स्तर पर आभा नंबर बनाने की रफ्तार बढ़ाने की जरूरत है। आभा नंबर के माध्यम से नागरिकों के स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में जोड़ने में मदद मिलती है। इससे मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध कराने में सुविधा हो सकती है। जिले में शेष लक्ष्य को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर पंजीकरण बढ़ाना महत्वपूर्ण होगा।
बोले अधिकारी
जिन ब्लॉकों में आभा आईडी बनाने की प्रगति कम है, वहां संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। सभी पात्र लोगों की शत-प्रतिशत आभा आईडी बनाने का लक्ष्य है। जिले में अब तक 77.51 फीसदी लोगों की आभा आईडी बनाई जा चुकी है। शेष लोगों की आईडी बनाने के लिए प्रगति तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ. केपी सिंह, डिप्टी सीएमओ