{"_id":"6a33047005095cff3603a535","slug":"the-department-failed-to-achieve-the-target-even-after-it-was-halved-maharajganj-news-c-7-1-gkp1056-1356813-2026-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: लक्ष्य आधा होने के बाद भी हासिल नहीं कर पाया विभाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: लक्ष्य आधा होने के बाद भी हासिल नहीं कर पाया विभाग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पांच साल के आंकड़ों में इस बार अच्छी हुई खरीद, करीब 65 प्रतिशत हुई खरीद
57,000 लक्ष्य के सापेक्ष 37 हजार मिट्रिक टन गेहूं की हुई खरीद
इससे पहले 2024-25 में हुई थी 22590.12 मिट्रिक टन गेंहू की खरीद
महराजगंज। गेहूं खरीद का समय पूरा हो गया है। इसके बाद भी विपणन विभाग खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं कर सका है। आंकड़ों में इस बार खरीद बढ़ने पर विभाग अपनी ही पीठ थपथपा रहा है। इस साल खरीद का लक्ष्य 57 हजार मिट्रिक टन था लेकिन विभाग मात्र 37 हजार मिट्रिक टन ही विभाग गेहूं खरीद सका है।
जिले में गेहूं खरीद के लिए 163 क्रय केंद्र बनाए गए थे। इनमें खाद्य विभाग के 30, पीसीएफ के 60, यूपीएसएस के 15, पीसीयू के 44, मंडी समिति का 1, भारतीय खाद्य निगम के दो, एनसीसीएफ के 6, नेफैड के 5 क्रय केंद्र स्थापित किए गए थे। इसमें खाद्य विभाग में 16014.400, पीसीएफ में 8066.825, यूपीएसएस में 2342.587, पीसीयू 6830.162, मंडी समिति 288.200, भारतयी खाद्य निगम 794.800, एनसीसीएफ में 2073.695, नेफैड में 750 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है।
जिले में गेहूं खरीद के लिए 2585 रुपये समर्थन मूल्य तय किया गया था। खरीद का आंकड़ा बढ़ाने के लिए विभाग भी लगा हुआ था। किसानों से गेहूं खरीदने के लिए मोबाइल टीम भी बनाई गई थी। लेकिन किसानों को यह नहीं भाया। बहुत से किसान गेहूं क्रय केंद्रों तक नहीं पहुंचे। इस वजह से खरीद का लक्ष्य अधूरा रह गया।
विज्ञापन
2025-26 से आधा कर दिया कर दिया लक्ष्य
पांच साल में अबकी बार बढ़ी खरीद पिछले साल सालों की बिक्री पर गौर करें तो इस साल गेहूं खरीद बढ़ा है। लेकिन पिछले दो वर्षों से विभाग ने लक्ष्य को आधा कर दिया है। वर्ष 2022-23 में 1,17,000 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 18590.83 मिट्रिक टन खरीद हुई थी। 2023-24 में इसी लक्ष्य के सापेक्ष 2413.90 मिट्रिक टन खरीद हुई थी और 2024-25 में भी लक्ष्य वही था और 22590.12 मिट्रिक टन खरीद हुई थी। 2025-26 में घटाकर 58,500 मिट्रिक टन कर दिया गया। तब 19858.60 मिट्रिक टन गेंहू की खरीद हुई थी। 2026-27 में लक्ष्य 57 हजार मिट्रिक टन कर किया गया। इसके सापेक्ष 37 हजार मिट्रिक टन की खरीद हुई है।
बिचौलियों ने लक्ष्य में लगाई सेंध
सूत्रों की माने तो बिचौलिए किसानों के घर से ही गेहूं खरीद ले रहे थे। एमएसपी से कम दाम देकर खरीदारी कर रहे थे। दरवाजे से बिक्री के कारण किसान बिचौलियों को गेहूं दे दे रहे थे। बताया जा रहा है कि बिचौलिए 2300 से 2400 रुपये तक किसानों को देते थे। खरीदारी के बाद बिचौलिए गेहूं महंगे दामों पर बेच रहे थे।
वर्जन
लक्ष्य के सापेक्ष इस बार 65 प्रतिशत खरीदारी हुई है। खरीदारी के लिए एक दिन और शेष है। पांच सालों पर गौर करें तो इस बार खरीद बढ़ी है। इस साल 37 हजार मिट्रिक टन गेहूं की खरीदारी हुई है।
-विवेक सिंह, डिप्टी एआरएमओ
57,000 लक्ष्य के सापेक्ष 37 हजार मिट्रिक टन गेहूं की हुई खरीद
इससे पहले 2024-25 में हुई थी 22590.12 मिट्रिक टन गेंहू की खरीद
महराजगंज। गेहूं खरीद का समय पूरा हो गया है। इसके बाद भी विपणन विभाग खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं कर सका है। आंकड़ों में इस बार खरीद बढ़ने पर विभाग अपनी ही पीठ थपथपा रहा है। इस साल खरीद का लक्ष्य 57 हजार मिट्रिक टन था लेकिन विभाग मात्र 37 हजार मिट्रिक टन ही विभाग गेहूं खरीद सका है।
जिले में गेहूं खरीद के लिए 163 क्रय केंद्र बनाए गए थे। इनमें खाद्य विभाग के 30, पीसीएफ के 60, यूपीएसएस के 15, पीसीयू के 44, मंडी समिति का 1, भारतीय खाद्य निगम के दो, एनसीसीएफ के 6, नेफैड के 5 क्रय केंद्र स्थापित किए गए थे। इसमें खाद्य विभाग में 16014.400, पीसीएफ में 8066.825, यूपीएसएस में 2342.587, पीसीयू 6830.162, मंडी समिति 288.200, भारतयी खाद्य निगम 794.800, एनसीसीएफ में 2073.695, नेफैड में 750 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में गेहूं खरीद के लिए 2585 रुपये समर्थन मूल्य तय किया गया था। खरीद का आंकड़ा बढ़ाने के लिए विभाग भी लगा हुआ था। किसानों से गेहूं खरीदने के लिए मोबाइल टीम भी बनाई गई थी। लेकिन किसानों को यह नहीं भाया। बहुत से किसान गेहूं क्रय केंद्रों तक नहीं पहुंचे। इस वजह से खरीद का लक्ष्य अधूरा रह गया।
2025-26 से आधा कर दिया कर दिया लक्ष्य
पांच साल में अबकी बार बढ़ी खरीद पिछले साल सालों की बिक्री पर गौर करें तो इस साल गेहूं खरीद बढ़ा है। लेकिन पिछले दो वर्षों से विभाग ने लक्ष्य को आधा कर दिया है। वर्ष 2022-23 में 1,17,000 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 18590.83 मिट्रिक टन खरीद हुई थी। 2023-24 में इसी लक्ष्य के सापेक्ष 2413.90 मिट्रिक टन खरीद हुई थी और 2024-25 में भी लक्ष्य वही था और 22590.12 मिट्रिक टन खरीद हुई थी। 2025-26 में घटाकर 58,500 मिट्रिक टन कर दिया गया। तब 19858.60 मिट्रिक टन गेंहू की खरीद हुई थी। 2026-27 में लक्ष्य 57 हजार मिट्रिक टन कर किया गया। इसके सापेक्ष 37 हजार मिट्रिक टन की खरीद हुई है।
बिचौलियों ने लक्ष्य में लगाई सेंध
सूत्रों की माने तो बिचौलिए किसानों के घर से ही गेहूं खरीद ले रहे थे। एमएसपी से कम दाम देकर खरीदारी कर रहे थे। दरवाजे से बिक्री के कारण किसान बिचौलियों को गेहूं दे दे रहे थे। बताया जा रहा है कि बिचौलिए 2300 से 2400 रुपये तक किसानों को देते थे। खरीदारी के बाद बिचौलिए गेहूं महंगे दामों पर बेच रहे थे।
वर्जन
लक्ष्य के सापेक्ष इस बार 65 प्रतिशत खरीदारी हुई है। खरीदारी के लिए एक दिन और शेष है। पांच सालों पर गौर करें तो इस बार खरीद बढ़ी है। इस साल 37 हजार मिट्रिक टन गेहूं की खरीदारी हुई है।
-विवेक सिंह, डिप्टी एआरएमओ