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Maharajganj News: बच्चे के जीवन का शुरुआती एक हजार दिन स्वस्थ जीवन का आधार
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मातृ-शिशु एवं छोटे बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए उचित देखभाल जरूरी: डॉ वीवी सिंह
महराजगंज। मातृ शिशु को कुपोषण से बचाने के लिए गर्भावस्था से विशेष सावधानी बरतनी होगी। समय समय पर चिकित्सकीय सलाह और पौष्टिक आहार लेना जरूरी है। बच्चे के जीवन का शुरुआती एक हजार दिन स्वस्थ जीवन का आधार होता है।
उक्त बातें डिप्टी सीएमओ डॉ. वीर विक्रम सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सदर और मिठौरा पर आयोजित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर आईं गर्भवती महिलाओं को सम्बोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि गर्भवती अपने तथा पेट में पल रहे बच्चे की सेहत पर विशेष ख्याल रखें।
गर्भावस्था के दौरान कम से कम चार बार एएनसी चेक-उप कराएं। अस्पताल से मिलने वाली दवाओं के साथ मौसमी फल तथा पौष्टिक आहार लेती रहें। उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाएं विशेष ध्यान रखें। अगर माता कुपोषित होगी, तो उसकी सन्तान भी अल्पवजनी एवं मानसिक रूप से कमजोर होगा।
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दोनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की एएनसी चेक-उप, खून, पेशाब, हिमोग्लोबिन,वजन आदि की जांच की गई। वहीं कुछ गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड जांच के लिए ई-वाउचर जेनरेट किया गया।
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महराजगंज। मातृ शिशु को कुपोषण से बचाने के लिए गर्भावस्था से विशेष सावधानी बरतनी होगी। समय समय पर चिकित्सकीय सलाह और पौष्टिक आहार लेना जरूरी है। बच्चे के जीवन का शुरुआती एक हजार दिन स्वस्थ जीवन का आधार होता है।
उक्त बातें डिप्टी सीएमओ डॉ. वीर विक्रम सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सदर और मिठौरा पर आयोजित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर आईं गर्भवती महिलाओं को सम्बोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि गर्भवती अपने तथा पेट में पल रहे बच्चे की सेहत पर विशेष ख्याल रखें।
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गर्भावस्था के दौरान कम से कम चार बार एएनसी चेक-उप कराएं। अस्पताल से मिलने वाली दवाओं के साथ मौसमी फल तथा पौष्टिक आहार लेती रहें। उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाएं विशेष ध्यान रखें। अगर माता कुपोषित होगी, तो उसकी सन्तान भी अल्पवजनी एवं मानसिक रूप से कमजोर होगा।
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दोनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की एएनसी चेक-उप, खून, पेशाब, हिमोग्लोबिन,वजन आदि की जांच की गई। वहीं कुछ गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड जांच के लिए ई-वाउचर जेनरेट किया गया।