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Maharajganj News: मुहर्रम का चांद दिखने के बाद शुरू हो गया इबादत का दौर
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त्याग और बलिदान का प्रतीक है मुहर्रम
26 को मुहर्रम, पांचवी व सातवीं को निकाले जाएंगे जुलूस
महराजगंज। मुहर्रम का चांद मंगलवार की रात दिखने के बाद जनपद में 10 दिवसीय इबादत का दौर शुरू हो गया। 26 जून को इस्लाम में बलिदान का प्रतीक मुहर्रम मनाया जाएगा।
हाजी सैफुददोजा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना मुहर्रम का होता है। यह त्याग और बलिदान का प्रतीक है। इस्लाम के अनुयायियों के लिए यह वक्त सिर्फ कैलेंडर बदलने का नहीं है बल्कि अपनी रूह को टटोलने, बीते साल का हिसाब करने और आने वाले वक्त के लिए नेक नीयत का इरादा करने का मुकद्दस (पवित्र) मौका उपलब्ध कराता है। पांचवीं और सातवीं मुहर्रम को जुलूस निकाले जाएंगे।
कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन बलिदान
मुख्यालय के सिविल लाइन मोहल्ला स्थित मदरसे के मौलाना शमशुल होदा ने बताया कि मुहर्रम का महीना जैसे-जैसे आगे बढ़ता है, तारीख का सबसे गौरवशाली पन्ना हमारे सामने आता है। यह है 10 मुहर्रम (आशूरा), यानी पैगंबर हजरत मुहम्मद (सल्ल) के नवासे, हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 जांबाज साथियों की शहादत का दिन। कर्बला की जंग कोई ज़मीन या गद्दी की जंग नहीं थी। यह जंग थी हक (सच्चाई) और बातिल (बुराई) के बीच। इमाम हुसैन ने अपनी और अपने पूरे कुनबे की कुर्बानी देकर इस्लाम पर आंच नहीं आने दी।
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सातवीं से निकाले जाएंगे जुलूस
सदर जामा मस्जिद के कफील अहमद ने बताया कि जनपद मुख्यालय के अलावा पनियरा, सिसवां, सेंदुरिया, परतावल, फरेंदा आदि कस्बों में सातवीं मुहर्रम से जुलूस का सिलसिला शुरू होगा। नौवीं मुहर्रम को ताजियादार रोजा रखेंगे और 26 जून को कर्बला में ताजिए दफन किए जाएंगे।
26 को मुहर्रम, पांचवी व सातवीं को निकाले जाएंगे जुलूस
महराजगंज। मुहर्रम का चांद मंगलवार की रात दिखने के बाद जनपद में 10 दिवसीय इबादत का दौर शुरू हो गया। 26 जून को इस्लाम में बलिदान का प्रतीक मुहर्रम मनाया जाएगा।
हाजी सैफुददोजा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना मुहर्रम का होता है। यह त्याग और बलिदान का प्रतीक है। इस्लाम के अनुयायियों के लिए यह वक्त सिर्फ कैलेंडर बदलने का नहीं है बल्कि अपनी रूह को टटोलने, बीते साल का हिसाब करने और आने वाले वक्त के लिए नेक नीयत का इरादा करने का मुकद्दस (पवित्र) मौका उपलब्ध कराता है। पांचवीं और सातवीं मुहर्रम को जुलूस निकाले जाएंगे।
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कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन बलिदान
मुख्यालय के सिविल लाइन मोहल्ला स्थित मदरसे के मौलाना शमशुल होदा ने बताया कि मुहर्रम का महीना जैसे-जैसे आगे बढ़ता है, तारीख का सबसे गौरवशाली पन्ना हमारे सामने आता है। यह है 10 मुहर्रम (आशूरा), यानी पैगंबर हजरत मुहम्मद (सल्ल) के नवासे, हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 जांबाज साथियों की शहादत का दिन। कर्बला की जंग कोई ज़मीन या गद्दी की जंग नहीं थी। यह जंग थी हक (सच्चाई) और बातिल (बुराई) के बीच। इमाम हुसैन ने अपनी और अपने पूरे कुनबे की कुर्बानी देकर इस्लाम पर आंच नहीं आने दी।
सातवीं से निकाले जाएंगे जुलूस
सदर जामा मस्जिद के कफील अहमद ने बताया कि जनपद मुख्यालय के अलावा पनियरा, सिसवां, सेंदुरिया, परतावल, फरेंदा आदि कस्बों में सातवीं मुहर्रम से जुलूस का सिलसिला शुरू होगा। नौवीं मुहर्रम को ताजियादार रोजा रखेंगे और 26 जून को कर्बला में ताजिए दफन किए जाएंगे।