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Maharajganj News: सत्ता पक्ष ने बताया एतिहासिक, विपक्ष ने नकारा
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महराजगंज। केंद्रीय बजट को लेकर राजनीतिक पार्टियों की प्रतिक्रिया हर बार की तरह ही है। सत्ता पक्ष ने बजट को एतिहासिक बताते हुए स्वागत किया है तो विपक्ष ने नकार दिया है।
बजट घोर निराशाजनक है। यह बजट सामान्य वर्ग के लिए व्यक्तिगत आयकर में कोई छूट नहीं देता है। जी 80 में भी कोई छूट का प्रावधान नहीं है। अर्थव्यवस्था की रीढ़ शेयर बाजार पर प्रत्यक्ष कर बढ़ा दिया गया है, इससे अर्थव्यवस्था के फिसलने का खतरा पैदा हो गया। धातुओं के विनिमय दर पर टैक्स बढ़ा दिया गया है।
-विजय सिंह एडवोकेट, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
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काला धन से सफेद धन में परिवर्तित करने की प्रक्रिया आसान कर दी गई है, इससे काला धन कमाने की प्रवृत्ति बढ़ेगी। विदेश में काले धन से कमाई गई संपत्ति पर कुछ टैक्स लगाकर उसे नियमितीकरण करने की प्रक्रिया अपनाई गई है, इससे काला धन कमाने वालों की संख्या बढ़ेगी। विदेश में भ्रमण करने पर टैक्स कम कर दिया गया है, इससे विकसित वर्ग को लाभ होगा।
-नारद राव, जिलाध्यक्ष बसपा
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यह बजट आम आदमी की कमर तोड़ने और महंगाई को बढ़ावा देने वाला है। यह बजट पूंजीपतियों की सुविधा को ध्यान में रखकर बनाया गया। एक बार फिर भाजपा सरकार ने देशवासियों को निराश किया है। इस बजट से किसान, नौजवान, महिला और मजदूर वर्ग का कोई भला नहीं होने वाला है।
-विद्या सागर यादव, जिलाध्यक्ष सपा
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बजट में गरीब, किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर किए गए प्रावधानों को लेकर लोगों में उत्साह है। विकसित भारत के संकल्प को मजबूती देने वाला बजट है। केंद्र सरकार की योजनाओं और बजट में शामिल प्रावधानों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा ताकि आम लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सके।
-संजय पांडेय, जिलाध्यक्ष भाजपा
राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने वाला बजट
इस बजट का मुख्य लक्ष्य आर्थिक विकास, उत्पादन-आधारित वृद्धि और रोजगार सृजन है। बजट में पूंजीगत व्यय में अत्यधिक वृद्धि करते हुए इसे 12.2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया है, जिससे बुनियादी ढांचा, परिवहन और वास्तविक निवेश को बल मिलेगा। सरकार ने राजकोषीय समेकन को प्राथमिकता देते हुए राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत के लक्ष्य पर रखा है, जिससे मुद्रास्फीति नियंत्रण और वित्तीय स्थिरता को समर्थन मिलेगा। बजट में निर्माण और विनिर्माण को आगे बढ़ाने के लिए नीति प्रोत्साहन, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और महत्वपूर्ण उद्योगों में निवेश शामिल है। इसके अलावा स्वास्थ्य, कृषि और टेक्नोलॉजी क्षेत्र के लिए नई योजनाएं हैं, जैसे बायोफार्मा के लिये बड़ी निधि, जिससे अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा, आयात पर निर्भरता कम होगी।
- आशुतोष उपाध्याय, असिस्टेंट प्रोफेसर अर्थशास्त्र, जय प्रकाश विश्वविद्यालय छपरा
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बजट घोर निराशाजनक है। यह बजट सामान्य वर्ग के लिए व्यक्तिगत आयकर में कोई छूट नहीं देता है। जी 80 में भी कोई छूट का प्रावधान नहीं है। अर्थव्यवस्था की रीढ़ शेयर बाजार पर प्रत्यक्ष कर बढ़ा दिया गया है, इससे अर्थव्यवस्था के फिसलने का खतरा पैदा हो गया। धातुओं के विनिमय दर पर टैक्स बढ़ा दिया गया है।
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-विजय सिंह एडवोकेट, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
काला धन से सफेद धन में परिवर्तित करने की प्रक्रिया आसान कर दी गई है, इससे काला धन कमाने की प्रवृत्ति बढ़ेगी। विदेश में काले धन से कमाई गई संपत्ति पर कुछ टैक्स लगाकर उसे नियमितीकरण करने की प्रक्रिया अपनाई गई है, इससे काला धन कमाने वालों की संख्या बढ़ेगी। विदेश में भ्रमण करने पर टैक्स कम कर दिया गया है, इससे विकसित वर्ग को लाभ होगा।
-नारद राव, जिलाध्यक्ष बसपा
यह बजट आम आदमी की कमर तोड़ने और महंगाई को बढ़ावा देने वाला है। यह बजट पूंजीपतियों की सुविधा को ध्यान में रखकर बनाया गया। एक बार फिर भाजपा सरकार ने देशवासियों को निराश किया है। इस बजट से किसान, नौजवान, महिला और मजदूर वर्ग का कोई भला नहीं होने वाला है।
-विद्या सागर यादव, जिलाध्यक्ष सपा
बजट में गरीब, किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर किए गए प्रावधानों को लेकर लोगों में उत्साह है। विकसित भारत के संकल्प को मजबूती देने वाला बजट है। केंद्र सरकार की योजनाओं और बजट में शामिल प्रावधानों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा ताकि आम लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सके।
-संजय पांडेय, जिलाध्यक्ष भाजपा
राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने वाला बजट
इस बजट का मुख्य लक्ष्य आर्थिक विकास, उत्पादन-आधारित वृद्धि और रोजगार सृजन है। बजट में पूंजीगत व्यय में अत्यधिक वृद्धि करते हुए इसे 12.2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया है, जिससे बुनियादी ढांचा, परिवहन और वास्तविक निवेश को बल मिलेगा। सरकार ने राजकोषीय समेकन को प्राथमिकता देते हुए राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत के लक्ष्य पर रखा है, जिससे मुद्रास्फीति नियंत्रण और वित्तीय स्थिरता को समर्थन मिलेगा। बजट में निर्माण और विनिर्माण को आगे बढ़ाने के लिए नीति प्रोत्साहन, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और महत्वपूर्ण उद्योगों में निवेश शामिल है। इसके अलावा स्वास्थ्य, कृषि और टेक्नोलॉजी क्षेत्र के लिए नई योजनाएं हैं, जैसे बायोफार्मा के लिये बड़ी निधि, जिससे अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा, आयात पर निर्भरता कम होगी।
- आशुतोष उपाध्याय, असिस्टेंट प्रोफेसर अर्थशास्त्र, जय प्रकाश विश्वविद्यालय छपरा
