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मौसम का मार : उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित हो रहे बच्चे
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जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग में पहुंचे 150 बच्चे
संतकबीरनगर। गर्मी, उमस और बदलते मौसम की मार लोगों की सेहत पर पड़ती दिखाई देने लगी है। जिला अस्पताल में चर्म रोग, उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन और आंखों से संबंधित समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बृहस्पतिवार को अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचे।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. एसबी गौतम ने बताया कि मौसम में बदलाव और अत्यधिक गर्मी के कारण त्वचा संबंधी रोगों में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को करीब 200 नए मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इनमें एलर्जी, दाद-खुजली और फंगल इंफेक्शन से पीड़ित शामिल रहे।
उन्होंने कहा कि पसीना सूखने के बाद त्वचा में संक्रमण बढ़ जाता है, जिससे लाल चकत्ते, जलन और खुजली की समस्या हो रही है।
डॉ. गौतम ने लोगों को हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनने, शरीर को साफ और सूखा रखने, पर्याप्त पानी पीने तथा धूप में निकलते समय पूरी बांह के कपड़े पहनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि काले रंग के कपड़े गर्मी को अधिक आकर्षित करते हैं, इसलिए गर्मियों में इनसे बचना चाहिए।
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वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि इन दिनों बच्चों में उल्टी-दस्त, बुखार, डिहाइड्रेशन, कमजोरी और संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं। बृहस्पतिवार को करीब 150 बच्चों का उपचार किया गया। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए पर्याप्त तरल पदार्थ, पौष्टिक आहार और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। समय पर इलाज और नियमित जांच से गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है।
डॉ. सिंह ने स्तनपान कराने वाली माताओं को भी सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि मां का स्वास्थ्य सीधे बच्चे के स्वास्थ्य से जुड़ा होता है। इसलिए माताएं संतुलित आहार लें, पर्याप्त पानी पिएं और अनावश्यक यात्रा से बचें।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राम गोपाल ने बताया कि तेज धूप, धूल और गर्म हवाओं के कारण आंखों में एलर्जी, जलन, लालिमा, सूखापन और संक्रमण के मामले भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने लोगों को बाहर निकलते समय सनग्लास पहनने, आंखों को बार-बार न रगड़ने तथा साफ पानी से आंखों की नियमित सफाई करने की सलाह दी।
संतकबीरनगर। गर्मी, उमस और बदलते मौसम की मार लोगों की सेहत पर पड़ती दिखाई देने लगी है। जिला अस्पताल में चर्म रोग, उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन और आंखों से संबंधित समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बृहस्पतिवार को अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचे।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. एसबी गौतम ने बताया कि मौसम में बदलाव और अत्यधिक गर्मी के कारण त्वचा संबंधी रोगों में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को करीब 200 नए मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इनमें एलर्जी, दाद-खुजली और फंगल इंफेक्शन से पीड़ित शामिल रहे।
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उन्होंने कहा कि पसीना सूखने के बाद त्वचा में संक्रमण बढ़ जाता है, जिससे लाल चकत्ते, जलन और खुजली की समस्या हो रही है।
डॉ. गौतम ने लोगों को हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनने, शरीर को साफ और सूखा रखने, पर्याप्त पानी पीने तथा धूप में निकलते समय पूरी बांह के कपड़े पहनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि काले रंग के कपड़े गर्मी को अधिक आकर्षित करते हैं, इसलिए गर्मियों में इनसे बचना चाहिए।
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डॉ. सिंह ने स्तनपान कराने वाली माताओं को भी सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि मां का स्वास्थ्य सीधे बच्चे के स्वास्थ्य से जुड़ा होता है। इसलिए माताएं संतुलित आहार लें, पर्याप्त पानी पिएं और अनावश्यक यात्रा से बचें।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राम गोपाल ने बताया कि तेज धूप, धूल और गर्म हवाओं के कारण आंखों में एलर्जी, जलन, लालिमा, सूखापन और संक्रमण के मामले भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने लोगों को बाहर निकलते समय सनग्लास पहनने, आंखों को बार-बार न रगड़ने तथा साफ पानी से आंखों की नियमित सफाई करने की सलाह दी।