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Mahoba News: बांधों की निगरानी बढ़ी, बाढ़ नियंत्रण चौकियां स्थापित
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फोटो 15 एमएएचपी 08 परिचय-यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित उर्मिल बांध। संवाद
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महोबा। मानसून सत्र के दौरान यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित उर्मिल व लहचूरा बांध में सिंचाई विभाग की ओर से पूरी तरह नजर रखी जाएगी। इसके लिए बांधों में बाढ़ नियंत्रण चौकी की स्थापना कर दी गई है। यहां दिन-रात कर्मचारी अलग-अलग शिफ्ट में तैनात रहेंगे और दो-दो घंटे के अंतराल में बांधों के जलस्तर की नाप कर इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजेंगे।
मानसून का समय 15 जून से शुरू होता है। ऐसे में सिंचाई विभाग की ओर से अर्जुन, लहचूरा, चंद्रावल, कबरई व मझगवां बांध में सतर्कता बढ़ा दी गई है। लहचूरा बांध में मध्यप्रदेश क्षेत्र में हुई बारिश और जनपद झांसी में होने वाली बारिश का पानी आता है। लहचूरा बांध जनपद का प्रमुख बांध है। इस बांध में पानी अधिक होने पर फाटक खोलकर अर्जुन सहायक नहर को चलाया जाता है। अर्जुन सहायक नहर तहसील चरखारी स्थित अर्जुन बांध से जुड़ी है। अर्जुन बांध लबालब होने पर नहर से कबरई बांध को भी भरा जाता है। लहचूरा बांध में 17 फाटक हैं।
मध्यप्रदेश क्षेत्र में स्थित बांधों से छोड़े जाने वाला पानी भी इसी बांध में आता है। ऐसे में लहचूरा बांध की निगरानी प्राथमिकता के साथ की जाएगी। बांध की अधिकतम भंडारण क्षमता 182.30 मीटर और न्यूनतम भंडारण क्षमता 175.50 मीटर है जबकि बांध में इस समय 181.20 मीटर पानी मौजूद है। लहचूरा बांध के अवर अभियंता रामआसरे ने बताया कि मानसून का सीजन शुरू हो गया है। ऐसे में बांध में बाढ़ नियंत्रण चौकी स्थापित की गई है। छह से सात कर्मचारी तैनात रहेंगे। इसके साथ ही तीन जेई भी बांध की देखरेख करेंगे। दो-दो घंटे के अंतराल में बांध का जलस्तर मापा जाएगा। जलस्तर बढ़ने पर बांध के फाटक खोलकर अतिरिक्त पानी को डिस्चार्ज किया जाएगा। बांध की निगरानी विशेष तौर पर 15 जून से 15 अक्तूबर तक की जाएगी।
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मानसून का समय 15 जून से शुरू होता है। ऐसे में सिंचाई विभाग की ओर से अर्जुन, लहचूरा, चंद्रावल, कबरई व मझगवां बांध में सतर्कता बढ़ा दी गई है। लहचूरा बांध में मध्यप्रदेश क्षेत्र में हुई बारिश और जनपद झांसी में होने वाली बारिश का पानी आता है। लहचूरा बांध जनपद का प्रमुख बांध है। इस बांध में पानी अधिक होने पर फाटक खोलकर अर्जुन सहायक नहर को चलाया जाता है। अर्जुन सहायक नहर तहसील चरखारी स्थित अर्जुन बांध से जुड़ी है। अर्जुन बांध लबालब होने पर नहर से कबरई बांध को भी भरा जाता है। लहचूरा बांध में 17 फाटक हैं।
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मध्यप्रदेश क्षेत्र में स्थित बांधों से छोड़े जाने वाला पानी भी इसी बांध में आता है। ऐसे में लहचूरा बांध की निगरानी प्राथमिकता के साथ की जाएगी। बांध की अधिकतम भंडारण क्षमता 182.30 मीटर और न्यूनतम भंडारण क्षमता 175.50 मीटर है जबकि बांध में इस समय 181.20 मीटर पानी मौजूद है। लहचूरा बांध के अवर अभियंता रामआसरे ने बताया कि मानसून का सीजन शुरू हो गया है। ऐसे में बांध में बाढ़ नियंत्रण चौकी स्थापित की गई है। छह से सात कर्मचारी तैनात रहेंगे। इसके साथ ही तीन जेई भी बांध की देखरेख करेंगे। दो-दो घंटे के अंतराल में बांध का जलस्तर मापा जाएगा। जलस्तर बढ़ने पर बांध के फाटक खोलकर अतिरिक्त पानी को डिस्चार्ज किया जाएगा। बांध की निगरानी विशेष तौर पर 15 जून से 15 अक्तूबर तक की जाएगी।