{"_id":"6a78bc6be6bbfab10a0b1567","slug":"green-vegetable-prices-surge-due-to-reduced-arrivals-mahoba-news-c-225-1-sknp1044-127800-2026-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahoba News: आवक घटने से हरी सब्जियों के दामों में उछाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahoba News: आवक घटने से हरी सब्जियों के दामों में उछाल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महोबा। तीन दिन लगातार हुई बारिश से खेतों में जलभराव और आवक घटने से हरी सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं। तरोई, शिमला मिर्च, गोभी, परवल जैसी रोजमर्रा की सब्जियों के दामों में सबसे ज्यादा इजाफा हुआ। इससे रसोई का बजट गड़बड़ा गया है।
किसान देवीदीन, रामकरन, हरी आदि का कहना है कि लगातार बारिश होने से निचले इलाकों के खेतों में पानी भर गया है। भिंडी, पालक व धनिया की फसल सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाली सब्जियों की गाड़ियां भी कीचड़ और खराब सड़कों के कारण समय पर मंडी नहीं पहुंच पा रही हैं। आपूर्ति घटने से दामों में 30 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है।
गृहिणी रीता देवी, संतोषी, पानकुंवर आदि ने बताया कि पहले 200 रुपये में पूरे हफ्ते की सब्जी आ जाती थी। अब दो-तीन दिन में ही खत्म हो जाती है। बच्चों को हरी सब्जी नहीं दे पा रहे हैं। सब्जी विक्रेता काशी प्रसाद, नरेंद्र आदि ने बताया कि बारिश के मौसम में हर साल सब्जियों के दाम बढ़ते हैं लेकिन इस बार जलभराव होने से स्थिति गंभीर है। महंगाई की मार से आम परिवारों का रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। लोग अब दाल व आलू जैसी सस्ती चीजों पर ही निर्भर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसान देवीदीन, रामकरन, हरी आदि का कहना है कि लगातार बारिश होने से निचले इलाकों के खेतों में पानी भर गया है। भिंडी, पालक व धनिया की फसल सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाली सब्जियों की गाड़ियां भी कीचड़ और खराब सड़कों के कारण समय पर मंडी नहीं पहुंच पा रही हैं। आपूर्ति घटने से दामों में 30 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है।
विज्ञापन
गृहिणी रीता देवी, संतोषी, पानकुंवर आदि ने बताया कि पहले 200 रुपये में पूरे हफ्ते की सब्जी आ जाती थी। अब दो-तीन दिन में ही खत्म हो जाती है। बच्चों को हरी सब्जी नहीं दे पा रहे हैं। सब्जी विक्रेता काशी प्रसाद, नरेंद्र आदि ने बताया कि बारिश के मौसम में हर साल सब्जियों के दाम बढ़ते हैं लेकिन इस बार जलभराव होने से स्थिति गंभीर है। महंगाई की मार से आम परिवारों का रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। लोग अब दाल व आलू जैसी सस्ती चीजों पर ही निर्भर हैं।
विज्ञापन