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Mahoba News: नायब तहसीलदार व लेखपाल पहुंचे पिपरामाफ, मदद का दिया भरोसा
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श्रीनगर (महोबा)। ब्लॉक कबरई के पिपरामाफ गांव के बाहर उर्मिल बांध के डूब क्षेत्र में हुए हादसे की जांच व परिजनों की मदद के उद्देश्य से नायब तहसीलदार और लेखपाल ने गांव पहुंच परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। एक साथ दो बच्चों के अंतिम संस्कार के दौरान हर आंख नम और जुबां पर खामोशी नजर आई।
पिपरामाफ गांव के बाहर डेरा बनाकर रहने वाले ज्ञान सिंह का बेटा रितेश (08), स्व. मनीष कुमार का बेटा आर्यन (10) व बेटी प्राची (04) तीनों 30 अप्रैल की शाम को नहाने के लिए उर्मिल बांध के डूब क्षेत्र गए थे। जहां नहाते समय रितेश और आर्यन गहराई में डूब गए थे। शुक्रवार की सुबह दोनों के शव बांध में उतराते मिले थे। मृतक आपस में चाचा-भतीजे लगते थे। शनिवार को नायब तहसीलदार सदर विकास गोयल व लेखपाल प्रमोद रावत पिपरामाफ गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए। नायब तहसीलदार ने बताया कि सभी विधिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद परिजनों की जो मदद होगी वह कराई जाएगी।
बांध के डूब क्षेत्र में सुरक्षा के होते इंतजाम तो बच जाती जान
यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित उर्मिल बांध के डूब क्षेत्र में जिस स्थान पर दो बच्चों की पानी में डूबने से मौत हुई, वहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। इसके पीछे सिंचाई विभाग की लापरवाही सामने आई है। डूब क्षेत्र में भरे पानी के पास न तो कोई बोर्ड लगाया गया है और न ही तार फेंसिंग कराई गई है। ऐसे में छोटे-छोटे बच्चे खेल-खेल में डूब क्षेत्र वाले भराव में पहुंच जाते हैं। यही वजह है कि दो बच्चों की डूबने से मौत हो गई। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मोतीलाल का कहना है कि घटना की जांच कराई जा रही है। नियम के अनुसार जो भी व्यवस्थाएं होंगी, वह कराई जाएंगी।
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पिपरामाफ गांव के बाहर डेरा बनाकर रहने वाले ज्ञान सिंह का बेटा रितेश (08), स्व. मनीष कुमार का बेटा आर्यन (10) व बेटी प्राची (04) तीनों 30 अप्रैल की शाम को नहाने के लिए उर्मिल बांध के डूब क्षेत्र गए थे। जहां नहाते समय रितेश और आर्यन गहराई में डूब गए थे। शुक्रवार की सुबह दोनों के शव बांध में उतराते मिले थे। मृतक आपस में चाचा-भतीजे लगते थे। शनिवार को नायब तहसीलदार सदर विकास गोयल व लेखपाल प्रमोद रावत पिपरामाफ गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए। नायब तहसीलदार ने बताया कि सभी विधिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद परिजनों की जो मदद होगी वह कराई जाएगी।
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बांध के डूब क्षेत्र में सुरक्षा के होते इंतजाम तो बच जाती जान
यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित उर्मिल बांध के डूब क्षेत्र में जिस स्थान पर दो बच्चों की पानी में डूबने से मौत हुई, वहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। इसके पीछे सिंचाई विभाग की लापरवाही सामने आई है। डूब क्षेत्र में भरे पानी के पास न तो कोई बोर्ड लगाया गया है और न ही तार फेंसिंग कराई गई है। ऐसे में छोटे-छोटे बच्चे खेल-खेल में डूब क्षेत्र वाले भराव में पहुंच जाते हैं। यही वजह है कि दो बच्चों की डूबने से मौत हो गई। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मोतीलाल का कहना है कि घटना की जांच कराई जा रही है। नियम के अनुसार जो भी व्यवस्थाएं होंगी, वह कराई जाएंगी।
