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UP: डॉक्टर को अगवा कर पांच दिन तक बनाया बंधक, नशीला पदार्थ पिलाकर खींचे आपत्तिजनक फोटो; सुसाइड नोट भी लिखवाया
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: Arun Parashar
Updated Sat, 07 Mar 2026 09:58 PM IST
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सार
डाॅक्टर के आपत्तिजनक फोटो खींचे और पिटाई की। होश में आने पर डाॅक्टर से कोरे कागज, चेक बुक पर हस्ताक्षर कराए और एक सुसाइड नोट भी लिखवाया। मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
police demo
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मैनपुरी के कोतवाली क्षेत्र के एक चिकित्सक को इटावा में अगवा कर पांच दिन तक बंधक बनाकर रखा गया। आरोप है कि इस दौरान उन्हें नशीला पदार्थ पिलाकर आपत्तिजनक फोटो खींचे गए और उनकी पिटाई की गई। चिकित्सक ने कार चालक को पांच लाख रुपये देकर अपनी जान बचाई। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह मामला मोहल्ला दरीबा निवासी डॉ. किशोर सागर से जुड़ा है। उनके भाई अधिवक्ता प्रदीप सागर ने बताया कि डॉ. किशोर ने इटावा में एक नर्सिंग होम खोला था। इसका प्रबंध निदेशक नीलम पाल को बनाया गया था, लेकिन घाटे के कारण अस्पताल बंद हो गया। 20 मई 2025 को नीलम ने डॉ. किशोर को इटावा बुलाया। वहां पहुंचने पर नीलम के साथ मुस्कान, चंदन और सचिन भी मौजूद थे।
डॉ. किशोर को चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश किया गया, फिर आपत्तिजनक फोटो खींचे और उनकी पिटाई की गई। होश में आने पर उनसे कोरे कागज, चेक बुक पर हस्ताक्षर कराए गए और एक सुसाइड नोट भी लिखवाया गया। उन्हें तीन दिन तक लगातार बंधक बनाकर पीटा गया और नशे की हालत में इलाहाबाद, बनारस, लखनऊ व कानपुर में घुमाया गया। उन्हें तमंचा लगाकर जान से मारने की धमकी दी गई और जातिसूचक गालियां देकर अपमानित किया गया। इस दौरान परिजनों से भी कम बात कराई गई।
चालक को पांच लाख रुपये देकर बचाई जान
डॉ. किशोर ने नीलम के कार चालक हिमांशु गुप्ता से अपनी जान बचाने की गुहार लगाई। उन्होंने हिमांशु को पांच लाख रुपये देने का लालच दिया और मैनपुरी भेजने को कहा। अगले दिन 26 मई को हिमांशु उन्हें मैनपुरी लाकर छोड़ गया। डॉ. किशोर ने उसे पांच लाख रुपये दिए।
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, जांच शुरू
जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने हिमांशु गुप्ता को पांच लाख रुपये के साथ पकड़ लिया। आईजीआरएस के तहत प्राप्त शिकायत पर पुलिस अधीक्षक के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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यह मामला मोहल्ला दरीबा निवासी डॉ. किशोर सागर से जुड़ा है। उनके भाई अधिवक्ता प्रदीप सागर ने बताया कि डॉ. किशोर ने इटावा में एक नर्सिंग होम खोला था। इसका प्रबंध निदेशक नीलम पाल को बनाया गया था, लेकिन घाटे के कारण अस्पताल बंद हो गया। 20 मई 2025 को नीलम ने डॉ. किशोर को इटावा बुलाया। वहां पहुंचने पर नीलम के साथ मुस्कान, चंदन और सचिन भी मौजूद थे।
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डॉ. किशोर को चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश किया गया, फिर आपत्तिजनक फोटो खींचे और उनकी पिटाई की गई। होश में आने पर उनसे कोरे कागज, चेक बुक पर हस्ताक्षर कराए गए और एक सुसाइड नोट भी लिखवाया गया। उन्हें तीन दिन तक लगातार बंधक बनाकर पीटा गया और नशे की हालत में इलाहाबाद, बनारस, लखनऊ व कानपुर में घुमाया गया। उन्हें तमंचा लगाकर जान से मारने की धमकी दी गई और जातिसूचक गालियां देकर अपमानित किया गया। इस दौरान परिजनों से भी कम बात कराई गई।
चालक को पांच लाख रुपये देकर बचाई जान
डॉ. किशोर ने नीलम के कार चालक हिमांशु गुप्ता से अपनी जान बचाने की गुहार लगाई। उन्होंने हिमांशु को पांच लाख रुपये देने का लालच दिया और मैनपुरी भेजने को कहा। अगले दिन 26 मई को हिमांशु उन्हें मैनपुरी लाकर छोड़ गया। डॉ. किशोर ने उसे पांच लाख रुपये दिए।
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, जांच शुरू
जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने हिमांशु गुप्ता को पांच लाख रुपये के साथ पकड़ लिया। आईजीआरएस के तहत प्राप्त शिकायत पर पुलिस अधीक्षक के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
