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Mainpuri News: दोस्तों के बीच लेनदेन विवाद बना सुखवीर की हत्या की वजह
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बिछवां। गांव शाहपुर के रहने वाले सुखवीर की हत्या दोस्ती के बीच रुपये लेनदेन के विवाद में की गई थी। पुलिस ने एक हत्यारोपी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया, वहां से जेल भेजा गया है।
थाना क्षेत्र के गांव शाहपुर निवासी 35 वर्षीय सुखवीर का शव 27 जुलाई को बाबा लालपुरी मार्ग पर सड़क किनारे झाड़ियां में पड़ा मिला था। मृतक की पत्नी संगीता ने हत्या बताते हुए आदित्य कुमार, विवेक कुमार राशन डीलर और ललित कुमार के प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने आदित्य उर्फ सोनू को नगला कांकन के पास से गिरफ्तार कर लिया। जब पूछताछ की तो उसने सुखवीर हत्याकांड का राज खोला।
पूछताछ में बताया कि सुखवीर उसके छोटे भाई गुरुदेव का साढू था, घर पर आना जाना था। बहुत अच्छी दोस्ती हो गई थी। दो साल पहले सुखवीर ने केसीसी कराई थी। केसीसी से सुखवीर को मिला 1.40 लाख रुपये उसने ले लिया था। अब सुखवीर रुपये का तकादा कर रहा था। उसके पास लौटाने के लिए रुपये नहीं थे, तब उसने सुखवीर का एक बीमा करा दिया। उसे पता था कि सुखवीर मर गया तो बीमा की दोगुनी रकम उसके परिजन को मिलेगी। उसका केसीसी का तकादा भी खत्म हो जाएगा।
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उसने अपने दोस्त ललित कुमार बहादुरपुर थाना सिरसागंज फिरोजाबाद से सुखवीर को ठिकाने लगाने के लिए बात की। ललित ने अमन उर्फ अमरेंद्र निवासी आदर्श नगर थाना भोगांव से संपर्क किया। अमन और ललित मामा-भांजे हैं। 26 तारीख को उसने योजनाबद्ध तरीके से सुखवीर को शराब पिलाई ओर लहरा पहुंचे। ललित के साथ उसे स्कूटी पर छोड़ने के लिए भेजा। रास्ते में सुखवीर को उतार दिया और अमन को इशारा कर बोलेरो से सुखवीर को टक्कर मार दी। पुलिस शेष हत्यारोपियों की तलाश कर रही है।
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पूछताछ में बताई ये बातें
-हत्यारोपी ने बताया कि हत्या एक सड़क हादसा लगे, इस वजह से गाड़ी चढ़ाई थी।
-टक्कर मारने के बाद वह लोग घटनास्थल पर सुखवीर की मौत सुनिश्चित करने के गए थे।
-चेहरे पर ब्लेड से बनाया था निशान, ताकि सड़क हादसा लगे। शव को झाड़ियों में फेंक दिया था।
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थाना क्षेत्र के गांव शाहपुर निवासी 35 वर्षीय सुखवीर का शव 27 जुलाई को बाबा लालपुरी मार्ग पर सड़क किनारे झाड़ियां में पड़ा मिला था। मृतक की पत्नी संगीता ने हत्या बताते हुए आदित्य कुमार, विवेक कुमार राशन डीलर और ललित कुमार के प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने आदित्य उर्फ सोनू को नगला कांकन के पास से गिरफ्तार कर लिया। जब पूछताछ की तो उसने सुखवीर हत्याकांड का राज खोला।
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पूछताछ में बताया कि सुखवीर उसके छोटे भाई गुरुदेव का साढू था, घर पर आना जाना था। बहुत अच्छी दोस्ती हो गई थी। दो साल पहले सुखवीर ने केसीसी कराई थी। केसीसी से सुखवीर को मिला 1.40 लाख रुपये उसने ले लिया था। अब सुखवीर रुपये का तकादा कर रहा था। उसके पास लौटाने के लिए रुपये नहीं थे, तब उसने सुखवीर का एक बीमा करा दिया। उसे पता था कि सुखवीर मर गया तो बीमा की दोगुनी रकम उसके परिजन को मिलेगी। उसका केसीसी का तकादा भी खत्म हो जाएगा।
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उसने अपने दोस्त ललित कुमार बहादुरपुर थाना सिरसागंज फिरोजाबाद से सुखवीर को ठिकाने लगाने के लिए बात की। ललित ने अमन उर्फ अमरेंद्र निवासी आदर्श नगर थाना भोगांव से संपर्क किया। अमन और ललित मामा-भांजे हैं। 26 तारीख को उसने योजनाबद्ध तरीके से सुखवीर को शराब पिलाई ओर लहरा पहुंचे। ललित के साथ उसे स्कूटी पर छोड़ने के लिए भेजा। रास्ते में सुखवीर को उतार दिया और अमन को इशारा कर बोलेरो से सुखवीर को टक्कर मार दी। पुलिस शेष हत्यारोपियों की तलाश कर रही है।
पूछताछ में बताई ये बातें
-हत्यारोपी ने बताया कि हत्या एक सड़क हादसा लगे, इस वजह से गाड़ी चढ़ाई थी।
-टक्कर मारने के बाद वह लोग घटनास्थल पर सुखवीर की मौत सुनिश्चित करने के गए थे।
-चेहरे पर ब्लेड से बनाया था निशान, ताकि सड़क हादसा लगे। शव को झाड़ियों में फेंक दिया था।