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UP: सीएचसी अधीक्षक पर गाली-गलौज और हाथापाई का आरोप, सीएचओ की शिकायत पर कमेटी करेगी जांच
Fri, 31 Jul 2026 10:08 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Arun Parashar
Updated Fri, 31 Jul 2026 10:08 PM IST
सार
सीएचओ ने आरोप लगाया कि केंद्र से बाहर निकलते समय उनके साथ गाली-गलौज की गई, मोबाइल फोन छीनने का प्रयास किया गया और धक्का-मुक्की की गई। उनका कहना है कि बीपीएम के बीच-बचाव के बाद मामला शांत हुआ। उन्होंने दावा किया कि पूरी घटना उपकेंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है।
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सीएचओ ने सीएचसी अधीक्षक पर लगाए गंभीर आरोप।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
मथुरा के विकास खंड बरसाना स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर संकेत में तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) तरुण शर्मा ने सीएचसी बरसाना के चिकित्सा अधीक्षक (एमओआईसी) डॉ. विक्रमादित्य चौधरी पर गाली-गलौज, हाथापाई के प्रयास और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उन्होंने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को शिकायत भेजकर जांच और सुरक्षा की मांग की है।
शिकायत के अनुसार 28 जुलाई को सुबह करीब 11:46 बजे डॉ. विक्रमादित्य चौधरी और ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक (बीपीएम) प्रेम प्रकाश आयुष्मान आरोग्य मंदिर संकेत के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। तरुण शर्मा का कहना है कि उन्होंने मांगे गए सभी अभिलेख उपलब्ध कराए और निरीक्षण में पूरा सहयोग किया, लेकिन निरीक्षण के दौरान अधीक्षक का व्यवहार धमकाने और दबाव बनाने वाला था। सीएचओ ने आरोप लगाया कि केंद्र से बाहर निकलते समय उनके साथ गाली-गलौज की गई, मोबाइल फोन छीनने का प्रयास किया गया और धक्का-मुक्की की गई। उनका कहना है कि बीपीएम के बीच-बचाव के बाद मामला शांत हुआ। उन्होंने दावा किया कि पूरी घटना उपकेंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है।
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शिकायत के अनुसार 28 जुलाई को सुबह करीब 11:46 बजे डॉ. विक्रमादित्य चौधरी और ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक (बीपीएम) प्रेम प्रकाश आयुष्मान आरोग्य मंदिर संकेत के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। तरुण शर्मा का कहना है कि उन्होंने मांगे गए सभी अभिलेख उपलब्ध कराए और निरीक्षण में पूरा सहयोग किया, लेकिन निरीक्षण के दौरान अधीक्षक का व्यवहार धमकाने और दबाव बनाने वाला था। सीएचओ ने आरोप लगाया कि केंद्र से बाहर निकलते समय उनके साथ गाली-गलौज की गई, मोबाइल फोन छीनने का प्रयास किया गया और धक्का-मुक्की की गई। उनका कहना है कि बीपीएम के बीच-बचाव के बाद मामला शांत हुआ। उन्होंने दावा किया कि पूरी घटना उपकेंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है।
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तरुण शर्मा का आरोप है कि एनक्वास प्रमाणन की तैयारियों के तहत केंद्र की रंगाई-पुताई और मरम्मत का खर्च उनसे निजी रूप से कराने का दबाव बनाया जा रहा था। जन आरोग्य समिति के बजट से भुगतान किए जाने की बात कहने के बाद से उनके प्रति अधिकारियों का रवैया प्रतिकूल हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले लगभग दस माह से उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, उनकी आकस्मिक छुट्टियां निरस्त की जा रही हैं, झूठे आरोप लगाने की धमकियां दी जा रही हैं और नौकरी से हटाने की बात कही जा रही है।
शिकायतकर्ता ने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि संबंधित सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराई जाए, किसी निष्पक्ष अधिकारी से जांच कराई जाए तथा बीपीएम सहित संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जाएं। इस संबंध में प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव यादव ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि सीएचओ द्वारा लगाए गए आरोपों को एमओआईसी ने अस्वीकार किया है। मामले की जांच के लिए टीम गठित की जाएगी और दोनों पक्षों का बयान लेकर तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतकर्ता ने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि संबंधित सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराई जाए, किसी निष्पक्ष अधिकारी से जांच कराई जाए तथा बीपीएम सहित संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जाएं। इस संबंध में प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव यादव ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि सीएचओ द्वारा लगाए गए आरोपों को एमओआईसी ने अस्वीकार किया है। मामले की जांच के लिए टीम गठित की जाएगी और दोनों पक्षों का बयान लेकर तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।