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Mathura News: श्रीबांकेबिहारी मंदिर में दर्शन समय बढ़ाने पर मंथन
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श्रीबांकेबिहारी मंदिर प्रबंधन हाईपावर्ड कमेटी की बैठक में मौजूद पदा_धिकारी।
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वृंदावन। श्रीबांकेबिहारी मंदिर प्रबंधन हाईपावर्ड कमेटी ने श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए दर्शन व्यवस्था में बदलाव के संकेत दिए हैं। कमेटी की बैठक में दर्शन का समय बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार किया गया। हरियाली तीज और जन्माष्टमी जैसे पर्वों पर विशेष व्यवस्था लागू करने पर चर्चा हुई। पिछले दो माह में मंदिर को गोलक खोलने से लगभग 3.90 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई है।
शुक्रवार को लक्ष्मण शहीद सभागार में आयोजित बैठक में मंदिर के विकास और भीड़ प्रबंधन की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि उच्च न्यायालय में प्रस्तुत विकास योजना को अदालत ने स्वीकार कर लिया है। विकास कार्य संबंधित भू-स्वामियों से बातचीत और सहमति के आधार पर किए जाएंगे। इसके लिए शैलेंद्र गोस्वामी और गोपेश गोस्वामी को उपसमिति में शामिल किया गया है। विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार करने के लिए एक आर्किटेक्ट नियुक्त करने पर भी सहमति बनी।
व्यवस्था सुधारने के निर्देश
मंदिर परिसर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एक नई कंपनी को ठेका दिया गया है। चढ़ावे की व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने पर चर्चा हुई। वर्तमान में चढ़ावे की गणना की वीडियोग्राफी कराई जाती है। यह प्रक्रिया पुलिस प्रशासन और बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में होती है। भविष्य में इस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए नए नियम लागू किए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु दर्शन व्यवस्था के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी। पर्वों के दौरान मंदिर परिसर में किसी भी व्यक्ति को रुकने नहीं दिया जाएगा।
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यातायात और प्रसाद पर सख्ती
यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ई-रिक्शा संचालन की नई नीति तैयार की जाएगी। पुलिस और आरटीओ संयुक्त रूप से इसकी रूपरेखा बनाएंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। समिति का मानना है कि भीड़ प्रबंधन में सख्ती के बिना व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है। मिलावटी प्रसाद की बिक्री रोकने के लिए एफएसडीए के अधिकारियों को अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने अब तक की कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
बैठक में उठे मुद्दे और शिकायतें
बैठक के दौरान सफाई कर्मचारी भी अध्यक्ष से मिलने पहुंचे। उन्होंने बताया कि पिछली कंपनी का ठेका खत्म हो गया है। उन्हें काफी समय से वेतन नहीं मिला है। अध्यक्ष अशोक कुमार ने उन्हें जल्द वेतन दिलाने का भरोसा दिलाया। एक 85 वर्ष की महिला ने शिकायत की कि उनके बेटे ने उनके मकान की धोखे से रजिस्ट्री करा ली है, जबकि मामला अदालत में चल रहा है। अध्यक्ष ने जिलाधिकारी को मामले में जांच के लिए लिखा है। सेवायत सदस्य रजत गोस्वामी ने कमेटी के कार्यों पर सवाल उठाए और वित्तीय अनियमितताओं का संदेह व्यक्त किया। अगली बैठक सात सितंबर को आयोजित की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर सौंपा ज्ञापन
वृंदावन। श्रीबांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम दर्शन व्यवस्था के उद्देश्य से स्थानीय नागरिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को हाईपावर मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश अशोक कुमार को ज्ञापन सौंपा।
समाजसेवी दीपक पाराशर ने बताया कि भीड़ के कारण श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है तथा यातायात और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होती है। इसे देखते हुए मंदिर क्षेत्र में दो अलग-अलग होल्डिंग एरिया विकसित करने, प्रवेश और निकास मार्ग पृथक करने, सुव्यवस्थित बैरिकेडिंग की व्यवस्था करने तथा मंदिर खुलने के समय के अनुसार चरणबद्ध प्रवेश प्रणाली लागू करने का सुझाव दिया गया है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था शुरू करने की भी मांग की गई है। ज्ञापन में सड़क चौड़ीकरण का सुझाव भी दिया गया है। ज्ञापन सौंपने वालों में देव गोस्वामी, किशोर चंद्र मिश्र, सोमनाथ गोस्वामी, सुमित मिश्र, सुमित मूर्ति वाले, दिलीप शर्मा, मोहन शर्मा एवं अशोक शर्मा आदि शामिल रहे।
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शुक्रवार को लक्ष्मण शहीद सभागार में आयोजित बैठक में मंदिर के विकास और भीड़ प्रबंधन की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि उच्च न्यायालय में प्रस्तुत विकास योजना को अदालत ने स्वीकार कर लिया है। विकास कार्य संबंधित भू-स्वामियों से बातचीत और सहमति के आधार पर किए जाएंगे। इसके लिए शैलेंद्र गोस्वामी और गोपेश गोस्वामी को उपसमिति में शामिल किया गया है। विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार करने के लिए एक आर्किटेक्ट नियुक्त करने पर भी सहमति बनी।
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व्यवस्था सुधारने के निर्देश
मंदिर परिसर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एक नई कंपनी को ठेका दिया गया है। चढ़ावे की व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने पर चर्चा हुई। वर्तमान में चढ़ावे की गणना की वीडियोग्राफी कराई जाती है। यह प्रक्रिया पुलिस प्रशासन और बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में होती है। भविष्य में इस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए नए नियम लागू किए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु दर्शन व्यवस्था के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी। पर्वों के दौरान मंदिर परिसर में किसी भी व्यक्ति को रुकने नहीं दिया जाएगा।
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यातायात और प्रसाद पर सख्ती
यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ई-रिक्शा संचालन की नई नीति तैयार की जाएगी। पुलिस और आरटीओ संयुक्त रूप से इसकी रूपरेखा बनाएंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। समिति का मानना है कि भीड़ प्रबंधन में सख्ती के बिना व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है। मिलावटी प्रसाद की बिक्री रोकने के लिए एफएसडीए के अधिकारियों को अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने अब तक की कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
बैठक में उठे मुद्दे और शिकायतें
बैठक के दौरान सफाई कर्मचारी भी अध्यक्ष से मिलने पहुंचे। उन्होंने बताया कि पिछली कंपनी का ठेका खत्म हो गया है। उन्हें काफी समय से वेतन नहीं मिला है। अध्यक्ष अशोक कुमार ने उन्हें जल्द वेतन दिलाने का भरोसा दिलाया। एक 85 वर्ष की महिला ने शिकायत की कि उनके बेटे ने उनके मकान की धोखे से रजिस्ट्री करा ली है, जबकि मामला अदालत में चल रहा है। अध्यक्ष ने जिलाधिकारी को मामले में जांच के लिए लिखा है। सेवायत सदस्य रजत गोस्वामी ने कमेटी के कार्यों पर सवाल उठाए और वित्तीय अनियमितताओं का संदेह व्यक्त किया। अगली बैठक सात सितंबर को आयोजित की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर सौंपा ज्ञापन
वृंदावन। श्रीबांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम दर्शन व्यवस्था के उद्देश्य से स्थानीय नागरिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को हाईपावर मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश अशोक कुमार को ज्ञापन सौंपा।
समाजसेवी दीपक पाराशर ने बताया कि भीड़ के कारण श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है तथा यातायात और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होती है। इसे देखते हुए मंदिर क्षेत्र में दो अलग-अलग होल्डिंग एरिया विकसित करने, प्रवेश और निकास मार्ग पृथक करने, सुव्यवस्थित बैरिकेडिंग की व्यवस्था करने तथा मंदिर खुलने के समय के अनुसार चरणबद्ध प्रवेश प्रणाली लागू करने का सुझाव दिया गया है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था शुरू करने की भी मांग की गई है। ज्ञापन में सड़क चौड़ीकरण का सुझाव भी दिया गया है। ज्ञापन सौंपने वालों में देव गोस्वामी, किशोर चंद्र मिश्र, सोमनाथ गोस्वामी, सुमित मिश्र, सुमित मूर्ति वाले, दिलीप शर्मा, मोहन शर्मा एवं अशोक शर्मा आदि शामिल रहे।