{"_id":"6a6cff1ba9697f13b40f91f7","slug":"finance-company-salesman-accused-of-holding-people-hostage-mathura-news-c-161-1-mt11010-103692-2026-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: फाइनेंस कंपनी में हंगामा, सेल्समैन को बंधक बनाने को आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: फाइनेंस कंपनी में हंगामा, सेल्समैन को बंधक बनाने को आरोप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वृंदावन। वृंदावन में स्थित एक फाइनेंस कंपनी के दफ्तर में शुक्रवार को कर्मचारी को बंधक बनाने का आरोप लगाते हुए हंगामा हो गया। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। वहीं कंपनी के अधिकारियों ने पुलिस को बताया कि गोल्ड लोन के नाम पर करीब 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है। नकली सोना रखवाकर लोन दिलवाया गया है। पुलिस सेल्समैन को रमणरेती चौकी ले गई।
मथुरा की कृष्णापुरी कालोनी में रहने वाले वेदप्रकाश सैनी ने बताया कि उनका बेटा तुषार कंपनी में सेल्समैन के रूप में कार्यरत है। बीते मार्च महीने में कोई ग्राहक सोना लेकर यहां आया और उसने लोन की मांग की। कंपनी कार्यालय में तैनात महिला कर्मचारी ने उस सोने की जांच की और 50 लाख रुपए लोन देने के लिए हां कर दिया, लेकिन उनकी शर्त थी कि इतना लोन एक व्यक्ति के नाम पर नहीं दिया जा सकता।
ऐसे में उसी महिला कर्मचारी ने तुषार को लालच दिया कि यदि दो-तीन लोगों के दस्तावेज जमा करा दे तो उनका कमीशन बन जाएगा तथा टारगेट भी पूरा हो जाएगा। महिला कर्मचारी की बातों में आकर तुषार ने तीन लोगों के आधार कार्ड, पैन कार्ड समेत अन्य जरूरी दस्तावेज जमा करा दिए और लोन की कार्रवाई पूरी हो गई। वहीं करीब दो महीने बाद जब जांच हुई तो पता चला कि जो सोना गिरवी रखा गया है, वह नकली निकला। वेदप्रकाश के मुताबिक अब कंपनी के अधिकारी तुषार और महिला कर्मचारी पर आरोप लगा रहे हैं।
विज्ञापन
ब्रांच मैनेजर धनंजय शर्मा का कहना है कि कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि आडिट में यह त्रुटि पकड़ में आई है। महिला कर्मचारी और तुषार ने मिलकर धोखाधड़ी कर नकली सोना देकर लोन पास कराया है। इस मामले में पुलिस को तहरीर देेकर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
विज्ञापन
मथुरा की कृष्णापुरी कालोनी में रहने वाले वेदप्रकाश सैनी ने बताया कि उनका बेटा तुषार कंपनी में सेल्समैन के रूप में कार्यरत है। बीते मार्च महीने में कोई ग्राहक सोना लेकर यहां आया और उसने लोन की मांग की। कंपनी कार्यालय में तैनात महिला कर्मचारी ने उस सोने की जांच की और 50 लाख रुपए लोन देने के लिए हां कर दिया, लेकिन उनकी शर्त थी कि इतना लोन एक व्यक्ति के नाम पर नहीं दिया जा सकता।
विज्ञापन
ऐसे में उसी महिला कर्मचारी ने तुषार को लालच दिया कि यदि दो-तीन लोगों के दस्तावेज जमा करा दे तो उनका कमीशन बन जाएगा तथा टारगेट भी पूरा हो जाएगा। महिला कर्मचारी की बातों में आकर तुषार ने तीन लोगों के आधार कार्ड, पैन कार्ड समेत अन्य जरूरी दस्तावेज जमा करा दिए और लोन की कार्रवाई पूरी हो गई। वहीं करीब दो महीने बाद जब जांच हुई तो पता चला कि जो सोना गिरवी रखा गया है, वह नकली निकला। वेदप्रकाश के मुताबिक अब कंपनी के अधिकारी तुषार और महिला कर्मचारी पर आरोप लगा रहे हैं।
विज्ञापन
ब्रांच मैनेजर धनंजय शर्मा का कहना है कि कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि आडिट में यह त्रुटि पकड़ में आई है। महिला कर्मचारी और तुषार ने मिलकर धोखाधड़ी कर नकली सोना देकर लोन पास कराया है। इस मामले में पुलिस को तहरीर देेकर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।