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Mathura News: फुटबॉल के प्रति बढ़ा युवाओं का रुझान
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मथुरा। कहते हैं कि अगर हौसलों में जान हो, तो बंदिशों के घेरे छोटे पड़ जाते हैं। कुछ ऐसा ही नजारा इन दिनों गणेशरा स्थित स्व. मोहन पहलवान स्पोर्ट्स स्टेडियम के खेल मैदान में देखने को मिल रहा है। इसमें बच्चों का जज्बा देखने लायक है। कोच की लगन और खेल विभाग की पहल से जनपद में फुटबॉल को लेकर युवाओं का क्रेज तेजी से बढ़ा है। मात्र 210 रुपये के वार्षिक पंजीकरण शुल्क में खेल विभाग खिलाड़ियों को सालभर का प्रशिक्षण दे रहा है। इसके साथ ही अभ्यास के लिए कोच को हर महीने 4 फुटबॉल उपलब्ध कराई जा रही हैं। फुटबॉल कोच प्राकांक्षा सिंह ने बताया कि विभाग की इस पहल का ही नतीजा है कि अंडर-18 वर्ग में पंजीकृत खिलाड़ियों की संख्या पिछले साल (जुलाई 2025) के 15 से बढ़कर अब 42 हो चुकी है, जिनमें 8 लड़कियां भी शामिल हैं। वर्तमान में मैदान पर ये खिलाड़ी नियमित अभ्यास कर रहे हैं। प्रशिक्षण का असर मैदान पर भी दिखने लगा है। सत्र 2025-2026 में जिले के 5 खिलाड़ियों ने राज्य स्तरीय और 2 खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर जनपद का नाम रोशन किया है। खेल विभाग को उम्मीद है कि इस सत्र में यह संख्या और बढ़ेगी।
सीमित संसाधनों में निखर रही प्रतिभा
खेल विभाग संसाधनों की कमी को दूर कर बच्चों को बेहतर भविष्य (हॉस्टल व कॉलेज प्रवेश) देने के निरंतर प्रयास में जुटा है। अभ्यास प्रभावित न हो इसके लिए विभागीय स्तर पर कोच को प्रतिमाह 4 फुटबॉल दी जाती हैं। कोच के समर्पण और मार्गदर्शन से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का सपना साकार कर रहे हैं।
उपलब्धियों पर एक नजर
वार्षिक फीस: 210 रुपये
अंडर-18 पंजीकृत खिलाड़ी: 42 (8 लड़कियां, 34 लड़के)।
सत्र 2025-26 की उपलब्धि: 5 खिलाड़ी राज्य स्तरीय व 2 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर खेले।
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हमारा मुख्य उद्देश्य संसाधनों की कमी के कारण किसी प्रतिभा को रुकने न देना है। 210 में सालभर का प्रशिक्षण देकर बच्चों को स्पोर्ट्स हॉस्टल और कॉलेज स्तर पर बेहतर अवसर दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। जिस तरह से बच्चों और महिला कोच का समर्पण दिख रहा है, इस बार राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक चयन की उम्मीद है। - आजाद सिंह, उप जिला क्रीड़ा अधिकारी
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सब जूनियर चैंपियंस ट्राफी में राज्य स्तरीय टीम मेें प्रतिभाग किया है। 210 रुपये के पंजीकरण में सालभर की कोचिंग और फुटबॉल की सुविधा मिलने से हमारा हौसला बढ़ा है। अब देश के लिए खेलने का सपना पूरा होता दिख रहा है। राज्य स्तर पर खेलने का भी मौका मिला। - मृदुल, फुटबॉल खिलाड़ी
स्टेडियम में आकर हमारी सोच और खेल दोनों बदल गए हैं। पहले सही मार्गदर्शन और संसाधनों की कमी महसूस होती थी, लेकिन अब कोच और खेल विभाग का सहयोग हमें बहुत संबल दे रहा है। मात्र 210 रुपये के सालाना शुल्क में हमें पूरे साल प्रोफेशनल ट्रेनिंग मिल रही है। दो बार राष्ट्रीय स्तर पर खेला हूं। निखिल सिंह, फुटबॉल खिलाड़ी
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सीमित संसाधनों में निखर रही प्रतिभा
खेल विभाग संसाधनों की कमी को दूर कर बच्चों को बेहतर भविष्य (हॉस्टल व कॉलेज प्रवेश) देने के निरंतर प्रयास में जुटा है। अभ्यास प्रभावित न हो इसके लिए विभागीय स्तर पर कोच को प्रतिमाह 4 फुटबॉल दी जाती हैं। कोच के समर्पण और मार्गदर्शन से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का सपना साकार कर रहे हैं।
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उपलब्धियों पर एक नजर
वार्षिक फीस: 210 रुपये
अंडर-18 पंजीकृत खिलाड़ी: 42 (8 लड़कियां, 34 लड़के)।
सत्र 2025-26 की उपलब्धि: 5 खिलाड़ी राज्य स्तरीय व 2 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर खेले।
हमारा मुख्य उद्देश्य संसाधनों की कमी के कारण किसी प्रतिभा को रुकने न देना है। 210 में सालभर का प्रशिक्षण देकर बच्चों को स्पोर्ट्स हॉस्टल और कॉलेज स्तर पर बेहतर अवसर दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। जिस तरह से बच्चों और महिला कोच का समर्पण दिख रहा है, इस बार राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक चयन की उम्मीद है। - आजाद सिंह, उप जिला क्रीड़ा अधिकारी
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सब जूनियर चैंपियंस ट्राफी में राज्य स्तरीय टीम मेें प्रतिभाग किया है। 210 रुपये के पंजीकरण में सालभर की कोचिंग और फुटबॉल की सुविधा मिलने से हमारा हौसला बढ़ा है। अब देश के लिए खेलने का सपना पूरा होता दिख रहा है। राज्य स्तर पर खेलने का भी मौका मिला। - मृदुल, फुटबॉल खिलाड़ी
स्टेडियम में आकर हमारी सोच और खेल दोनों बदल गए हैं। पहले सही मार्गदर्शन और संसाधनों की कमी महसूस होती थी, लेकिन अब कोच और खेल विभाग का सहयोग हमें बहुत संबल दे रहा है। मात्र 210 रुपये के सालाना शुल्क में हमें पूरे साल प्रोफेशनल ट्रेनिंग मिल रही है। दो बार राष्ट्रीय स्तर पर खेला हूं। निखिल सिंह, फुटबॉल खिलाड़ी