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Mathura News: गुरु पूर्णिमा की तैयारियां पूरी, आज होगा गुरु पूजन
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कोसीकलां। गुरु पूर्णिमा पर्व बुधवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। पर्व से एक दिन पहले मंगलवार को शिष्यों ने गुरु पूजन की तैयारियां पूरी की। बाजारों में पूजा सामग्री, दान-पुण्य की वस्तुओं सहित अन्य सामान की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ रही।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर कई शिष्य अपने गुरुओं के धाम पहुंचकर पूजन करेंगे, वहीं कई धर्माचार्यों की ओर से भी कार्यक्रम आयोजित कर शिष्यों को पूजन के लिए आमंत्रित किया गया है। ज्योतिषाचार्य छैल बिहारी शास्त्री ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पर भगवान सत्यनारायण की कथा और धार्मिक अनुष्ठान का विशेष महत्व है। इस दिन किए गए पूजन से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं। बालाजी मंदिर के श्रीमहंत कृष्ण मुरारी भारद्वाज ने कहा कि गुरु पूर्णिमा पर किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि गुरु तत्व का पूजन होना चाहिए।
यह पर्व गुरु-शिष्य की परंपरा और ज्ञान के आदान-प्रदान का प्रतीक है। गोमती सरोवर किनारे स्थित बालाजी मंदिर के महंत कपिश भारद्वाज ने कहा कि गुरु पूर्णिमा अध्यात्म, श्रद्धा और आत्मविकास का पर्व है। गुरु जीवन के अंधकार को दूर कर सही मार्ग दिखाते हैं। राधा माधव मंदिर के महंत चैतन्यदास महाराज ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पर गुरु तत्व की पूजा की जाती है।
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गुरु पूर्णिमा के अवसर पर कई शिष्य अपने गुरुओं के धाम पहुंचकर पूजन करेंगे, वहीं कई धर्माचार्यों की ओर से भी कार्यक्रम आयोजित कर शिष्यों को पूजन के लिए आमंत्रित किया गया है। ज्योतिषाचार्य छैल बिहारी शास्त्री ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पर भगवान सत्यनारायण की कथा और धार्मिक अनुष्ठान का विशेष महत्व है। इस दिन किए गए पूजन से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं। बालाजी मंदिर के श्रीमहंत कृष्ण मुरारी भारद्वाज ने कहा कि गुरु पूर्णिमा पर किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि गुरु तत्व का पूजन होना चाहिए।
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यह पर्व गुरु-शिष्य की परंपरा और ज्ञान के आदान-प्रदान का प्रतीक है। गोमती सरोवर किनारे स्थित बालाजी मंदिर के महंत कपिश भारद्वाज ने कहा कि गुरु पूर्णिमा अध्यात्म, श्रद्धा और आत्मविकास का पर्व है। गुरु जीवन के अंधकार को दूर कर सही मार्ग दिखाते हैं। राधा माधव मंदिर के महंत चैतन्यदास महाराज ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पर गुरु तत्व की पूजा की जाती है।
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