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HMPV को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, उठाया ये बड़ा कदम; अब ऐसे लोगों की होगी आरटीपीसीआर जांच
Fri, 10 Jan 2025 08:11 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Fri, 10 Jan 2025 08:11 PM IST
सार
स्वास्थ्य विभाग की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि खांसी-बुखार और कफ के गंभीर मरीजों के अस्पताल में पहुंचने पर उनकी जांच की जाए। रिपोर्ट में वायरस की पुष्टि होने पर स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी जाए।
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एचएमपीवी
- फोटो : Freepik.com
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विस्तार
ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस (एचएमपीवी) के देश में मामले सामने आने के बाद जिले के स्वास्थ्य विभाग ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार वर्मा ने अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार और कफ के गंभीर लक्षण वाले मरीजों के आरटीपीसीआर टेस्ट करवाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निजी लैब संचालकों को भी निर्देश दिए हैं कि इस वायरस की पुष्टि होने पर इसकी रिपोर्ट तत्काल सीएमओ कार्यालय में भेजें। उन्होंने बताया कि इस वायरस की जांच के लिए कोई अतिरिक्त किट विभाग को उपलब्ध नहीं कराई गई है। आरटीपीसीआर से ही जांच कराई जा रही है।
बाहर से आने वालों पर भी रखें नजर
सीएमओ ने सभी चिकित्सा अधिकारियों को इन्फ्लूएंजा और गंभीर तीव्र श्वसन के संबंधित रोगियों की निगरानी रखने को कहा है। बाहरी राज्यों व शहरों से आने वाले लोगों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि यह एक सामान्य वायरस है, जिससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। इस वायरस से इंफेक्शन देश में पहले भी होते रहे हैं। यह वायरस ज्यादातर बच्चों, बड़ों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में फैलता है।
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बाहर से आने वालों पर भी रखें नजर
सीएमओ ने सभी चिकित्सा अधिकारियों को इन्फ्लूएंजा और गंभीर तीव्र श्वसन के संबंधित रोगियों की निगरानी रखने को कहा है। बाहरी राज्यों व शहरों से आने वाले लोगों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि यह एक सामान्य वायरस है, जिससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। इस वायरस से इंफेक्शन देश में पहले भी होते रहे हैं। यह वायरस ज्यादातर बच्चों, बड़ों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में फैलता है।
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इस तरह फैलता है वायरस
इसके मुख्य लक्षण खांसी, बुखार, नाक बंद होना, गंभीर मामलों में सांस का फूलना इत्यादि है। इससे ब्रोंकाइटिस और निमोनिया भी हो सकता है। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में खांसने, छींकने व हाथ मिलाने आदि से फैलता है। स्वास्थ्य विभाग ने यह निर्देश भी दिए हैं कि जिन बच्चों को बुखार, खांसी के लक्षण हैं, उन बच्चों और उनके परिवार वाले मास्क जरूर पहनें।
इसके मुख्य लक्षण खांसी, बुखार, नाक बंद होना, गंभीर मामलों में सांस का फूलना इत्यादि है। इससे ब्रोंकाइटिस और निमोनिया भी हो सकता है। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में खांसने, छींकने व हाथ मिलाने आदि से फैलता है। स्वास्थ्य विभाग ने यह निर्देश भी दिए हैं कि जिन बच्चों को बुखार, खांसी के लक्षण हैं, उन बच्चों और उनके परिवार वाले मास्क जरूर पहनें।