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Mathura News: भोले के भक्तों की राह में आएंगी बाधाएं, बदहाल कांवड़ पथ
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मथुरा। श्रावण मास आरंभ होते ही कांवड़ियों के जत्थे ब्रज की ओर रुख करने लगे हैं। ऐसे में यहां कांवड़ मार्गाें की बदहाली उनकी राह में बाधाएं उत्पन्न करेंगी। कई क्षेत्रों में जर्जर मर्गों पर गड्ढे एवं गिट्टयां परेशानी का सबब बनेंगे। कई क्षेत्रों में जलभराव से भी कांवड़ियों को कठिनाई का सामना करना पड़ेगा, लेकिन संबंधित विभागों की तैयारियां हवा में हैं।
कासंगज के कछला घाट सोरों से भोले भक्त कांवड़ यात्रा आरंभ करते हैं। वह राया-अलीगढ़ मार्ग से होते हुए मथुरा पहुंचेंगे। ऐसे में जिले की सीमा में घुसते ही सोनई के पास निर्माणाधीन सड़क पर भोले भक्तों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। हालांकि इसके आगे राया एवं पानीगांव मोड़ तक सड़क दुरस्त हो गई है, लेकिन पानीगांव होकर वृंदावन जाने वाले ग्रामीण मार्ग पर भी भक्तों को जगह-जगह गड्ढों के बीच से गुजरना पड़ेगा।
भक्तों को यही हाल सदर बाजार क्षेत्र में मुख्य मार्ग पर मिलेगा। बीते दिनों हुए पेंचवर्क के बाद भी इस मार्ग की हालत बदहाल है। वृंदावन से मथुरा, गोवर्धन एवं बरसाना होते हुए राजस्थान के कांमा की ओर जाने वाले मार्ग पर बरसाना तक सड़क के हालात ठीक हैं, लेकिन बरसाना से कांमा तक सड़क में जगह-जगह गड्ढे कांवड़ियों की राह में दुश्वारियां पैदा करेंगी। बावजूद इसके जिम्मेदार विभाग मार्गों की मरम्मत की सुध नहीं ले रहे हैं।
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इन मंदिरों में होता है जलाभिषेक
वृंदावन में गोपेश्वर, मथुरा में भूतेश्वर, गोवर्धन में चक्रलेश्वर एवं राजस्थान के कांमा में कामेश्वर सहित चार महादेव मंदिरों तक कांवड़ यात्राएं भोलेनाथ का अभिषेक करने पहुंचती हैं। हालांकि इनके अलावा ब्रज के महावन में चिंताहरण महादेव, जयसिंहपुरा में गोकर्णनाथ महादेव, शहर में रंगेश्वर महादेव, नंदगांव में आशेश्वर महादेव, राधाकुंड में कुंडेश्वर महादेव आदि मंदिरों में भी जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।
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कासंगज के कछला घाट सोरों से भोले भक्त कांवड़ यात्रा आरंभ करते हैं। वह राया-अलीगढ़ मार्ग से होते हुए मथुरा पहुंचेंगे। ऐसे में जिले की सीमा में घुसते ही सोनई के पास निर्माणाधीन सड़क पर भोले भक्तों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। हालांकि इसके आगे राया एवं पानीगांव मोड़ तक सड़क दुरस्त हो गई है, लेकिन पानीगांव होकर वृंदावन जाने वाले ग्रामीण मार्ग पर भी भक्तों को जगह-जगह गड्ढों के बीच से गुजरना पड़ेगा।
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भक्तों को यही हाल सदर बाजार क्षेत्र में मुख्य मार्ग पर मिलेगा। बीते दिनों हुए पेंचवर्क के बाद भी इस मार्ग की हालत बदहाल है। वृंदावन से मथुरा, गोवर्धन एवं बरसाना होते हुए राजस्थान के कांमा की ओर जाने वाले मार्ग पर बरसाना तक सड़क के हालात ठीक हैं, लेकिन बरसाना से कांमा तक सड़क में जगह-जगह गड्ढे कांवड़ियों की राह में दुश्वारियां पैदा करेंगी। बावजूद इसके जिम्मेदार विभाग मार्गों की मरम्मत की सुध नहीं ले रहे हैं।
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इन मंदिरों में होता है जलाभिषेक
वृंदावन में गोपेश्वर, मथुरा में भूतेश्वर, गोवर्धन में चक्रलेश्वर एवं राजस्थान के कांमा में कामेश्वर सहित चार महादेव मंदिरों तक कांवड़ यात्राएं भोलेनाथ का अभिषेक करने पहुंचती हैं। हालांकि इनके अलावा ब्रज के महावन में चिंताहरण महादेव, जयसिंहपुरा में गोकर्णनाथ महादेव, शहर में रंगेश्वर महादेव, नंदगांव में आशेश्वर महादेव, राधाकुंड में कुंडेश्वर महादेव आदि मंदिरों में भी जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।