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Mau News: जिले में 1600 अति कुपोषित बच्चे, मरीज न होने का हवाला दे दो दिन बंद किया पोषण पुनर्वास केंद्र

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 31 Mar 2026 12:43 AM IST
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1600 severely malnourished children in the district, nutrition rehabilitation center closed for two days citing lack of patients
जिला अस्पताल में रविवार की रात की बंद पोषण पुनर्वास केंद्र।संवाद
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जिला अस्पताल में रविवार की रात पड़ताल में यहां अतिकुपोषित बच्चों के पोषण के लिए बना दस बेड का पोषण पुनर्वास केंद्र बंद मिला। सोमवार को ओपीडी से आनन-फानन एक अतिकुपोषित दस माह की बच्ची को भर्ती कर इस वार्ड का संचालन दोबारा शुरू किया गया।
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यह वार्ड बीते दो दिन से बंद था। सीएमएस डॉ. धनंजय कुमार का तर्क था कि वार्ड में अतिकुपोषित बच्चे नहीं थे इसलिए बंद था जबकि जिले में वर्तमान में नौ ब्लॉकों में 1600 से अधिक अतिकुपोषित बच्चे हैं।
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उन्हें चिह्नित कर पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की 18 आरबीएसके टीमों के साथ 2587 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के जिम्मे है। बावजूद इसके, पूरे मार्च माह में अब तक 11 बच्चे ही इसमें भर्ती हो सके। बेड की क्षमता के अनुसार यहां 10 बच्चों को भर्ती होना था।
जनपद में बच्चों को कुपोषण से बचाव और उनके उपचार के लिए आरबीएसके की कुल 18 टीम काम कर रही हैं। करीब 2587 आंगनबाड़ी केंद्रों का भी संचालन हो रहा है, जहां हर माह गर्भवती महिलाओं और उनके बच्चों को पोषण आहार का वितरण किया जाता है।
जिला अस्पताल में दस बेड का पोषण पुनर्वास केंद्र बनाया गया है, जहां आरबीएसके टीम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा नौ ब्लॉकों में अति कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर भर्ती कर उनका उपचार कराया जाता है।
पोषण पुनर्वास केंद्र में एक चिकित्सक सहित चार स्टाफ नर्स, एक डायटिशियन, एक केयर टेकर और एक कुक की तैनाती की गई है। बाल विकास पुष्टाहार विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनपद में अभी करीब 1600 अति कुपोषित बच्चे हैं। बावजूद इसके, पोषण पुनर्वास केंद्र पर बीते दो दिन, यानी 28 और 29 मार्च को ताला बंद था।
26 मार्च को यहां से चार बच्चों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया था। तब से लेकर रविवार तक कोई बच्चा भर्ती नहीं होने से पुनर्वास केंद्र पर ताला बंद कर दिया गया था। उधर, सोमवार को शहर के मुंशीपुरा निवासी एक दस माह की बच्ची को आपातकाल से रेफर होने के बाद भर्ती कराया गया।
दस बेड के पुनर्वास केंद्र में अति कुपोषित बच्चों को 15 दिन के लिए भर्ती किया जाता है। चिकित्सक की देखरेख में समुचित उपचार के बाद तय डाइट के आधार पर भोजन दिया जाता है। भर्ती के दौरान उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जाती है। इसमें विशेष रूप से बच्चे के वजन बढ़ने पर जोर दिया जाता है।
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